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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Shahdol News ›   Khaki came out to become a teacher, seven constables left the police job after being selected in teacher group

MP News: मास्साब बनने उतारी खाकी, शिक्षक वर्ग तीन में चयनित होने पर सात आरक्षकों ने छोड़ी पुलिस की नौकरी

Thu, 13 Apr 2023 10:25 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल Published by: अंकिता विश्वकर्मा Updated Thu, 13 Apr 2023 10:25 AM IST
सार

देश सेवा का जज्बा लेकर पुलिस की नौकरी करने आये जिला पुलिस के सात आरक्षकों ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया है। सातों आरक्षक अब शासकीय स्कूलों में शिक्षक की भूमिका निभाएंगे।

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Khaki came out to become a teacher, seven constables left the police job after being selected in teacher group
सात आरक्षकों ने छोड़ी नौकरी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कभी देश सेवा का जज़्बा लेकर खाकी वर्दी पहनने वाले आधा दर्जन से अधिक जिला पुलिस के आरक्षकों ने अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया है । हालांकि इस इस्तीफे के पीछे का कोई गंभीर कारण नहीं बल्कि शिक्षक के रूप में दूसरी शासकीय नौकरी मिल जाना है। इस्तीफा देने वाले जिले के सात पुलिस आरक्षकों में एक आरक्षक ऐसा भी है जो कि पूर्व में संविदा वर्ग तीन की दस साल की नौकरी करने के बाद वहां से इस्तीफा देकर पुलिस महकमे में आया था। लेकिन 10 वर्ष तक पुलिस विभाग में सेवाए देने के बाद एक बार फिर उसने मास्साब बनने के लिए वर्दी उतार पुलिस की नौकरी से इस्तीफा दे दिया। वहीं, अन्य छह आरक्षकों ने भी कुछ साल पहले पुलिस की नौकरी शुरू की थी। लेकिन जल्द ही उनका मोह इस नौकरी से भंग हो गया और उन्होंने दूसरी सरकारी नौकरी की तलाश शुरू कर दी। वह तैयारियों में लगे रहे और अंततः शिक्षक वर्ग तीन की चयनित सूची में उनका नाम आते ही पुलिस महकमे को अलविदा कहना उचित समझा। 
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काम के साथ वेतन में भी अंतर 
अगर वर्तमान समय पुलिस आरक्षकों के वेतन की बात की जाए तो उनका ग्रेड पे 1900 रुपये है जबकि शिक्षक वर्ग तीन का 2400 रुपये। इस लिहाज से पुलिस की नौकरी से ज्यादा वेतन शिक्षक को मिल रहा है। वहीं अगर कार्य दिवस की बात की जाए तो शिक्षक को सप्ताह में केवल छह दिन की नौकरी करनी होती है। रविवार को अवकाश घोषित रहता है। इसके अलावा शनिवार व अन्य त्यौहार के समय भी विद्यालयों में अवकाश रहता है, जबकि इसके विपरीत पुलिस महकमे में सप्ताह भर हर दिन नौकरी करनी होती है। पूर्व में प्रदेश सरकार ने एक दिन का अवकाश दिए जाने की बात कही गयी थी, लेकिन उसे अमली जामा नहीं पहनाया जा सका। इसके अलावा पुलिस की नौकरी में 24 घण्टे सुरक्षा की दृष्टि से हर कमर्चारी को मानसिक रूप से तैयार रहना पड़ता है। तप्ती गर्मी हो या भीषण वर्षा, हर मौसम व हर स्थिति में नौकरी के लिए मुस्तैद रहना एक पुलिस कर्मी का फर्ज होता है। वहीं, शिक्षकों के सामने ऐसी कोई स्थिति नहीं है। बहरहाल वर्दी पहनकर देश सेवा करने अथवा एक शिक्षक के रूप में  नौनिहालों के भविष्य की नैया पार कराने का रास्ता चुनने का विकल्प खुला हुआ होने के कारण ही आरक्षकों ने शिक्षक के रूप में अब आगे सेवाएं देना उचित समझा, और इसलिए उन्होंने पुलिस की नौकरी से इस्तीफा दे दिया।
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