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Seoni News: दूषित पानी से परेशान CMO की ही नहीं हुई दफ्तर में सुनवाई, सीएम हेल्पलाइन बनी सहारा
Mon, 22 Jun 2026 07:45 PM IST
सिवनी ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिवनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिवनी
Published by: सिवनी ब्यूरो
Updated Mon, 22 Jun 2026 07:45 PM IST
सार
जब एक आम नागरिक की शिकायत नहीं सुनी जाती तो वह मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का दरवाजा खटखटाता है, लेकिन सिवनी जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है जहां खुद एक सीएमओ को अपनी समस्या के समाधान के लिए सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज करानी पड़ी।
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लखनादौन सीएमओ गीता वाल्मिकी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जिले की लखनादौन नगर परिषद में प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला एक अनोखा मामला सामने आया है। यहां आम जनता की नहीं, बल्कि स्वयं नगर परिषद की पूर्व अधिकारी और वर्तमान में छपारा नगर परिषद की मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) गीता वाल्मीकि को अपने घर में आ रहे दूषित पानी की शिकायत के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 में शिकायत दर्ज करानी पड़ी।
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जानकारी के अनुसार गीता वाल्मीकि ने कई बार लखनादौन नगर परिषद के जल प्रदाय विभाग से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को मौखिक रूप से समस्या से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि वार्ड क्रमांक-4 में पेयजल पाइपलाइन में तकनीकी खराबी होने या सीवरेज का पानी मिलने की आशंका है, जिसके कारण लोगों के घरों तक दूषित पानी पहुंच रहा है।
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उन्होंने संबंधित अधिकारियों से समस्या का समाधान करने और पाइपलाइन की जांच कराने का आग्रह भी किया, लेकिन आरोप है कि उनकी शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। कई बार ध्यान दिलाने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी रही।
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जब लंबे समय तक समस्या का समाधान नहीं हुआ, तब गीता वाल्मीकि ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर शिकायत दर्ज कराई। यह घटना न केवल नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कई बार जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों की शिकायतें भी स्थानीय स्तर पर अनसुनी रह जाती हैं।
मामला सामने आने के बाद लखनादौन नगर परिषद की व्यवस्थाओं और जल प्रदाय तंत्र को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित विभाग इस समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाता है।
