फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Seoni News ›   Action taken in case of tiger hunting in Pench Tiger Reserve Seoni

Seoni News: पेंच टाईगर रिजर्व में बाघ के शिकार मामले में हुई कार्रवाई, पंजे के शिकारी का नहीं लगा शिकार

Sat, 08 Oct 2022 11:44 AM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिवनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिवनी Published by: अरविंद कुमार Updated Sat, 08 Oct 2022 11:44 AM IST
सार

मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में बाघ के शिकार मामले में कार्रवाई हुई है। वन मंडल के प्रभारी डीएफओ ने डिप्टी रेंजर और नाकेदार को निलंबित कर दिया है।

विज्ञापन
Action taken in case of tiger hunting in Pench Tiger Reserve Seoni
बाघ के शिकार मामले में हुई कार्रवाई - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

सिवनी जिले में पेंच टाइगर रिजर्व से लगे सांख बीट के हिर्री सर्किल में पिछले दिनों करंट लगाकर तीन लोगों ने बाघ का शिकार किया था। इस मामले में पूर्व वन मंडल के प्रभारी डीएफओ ने डिप्टी रेंजर और एक नाकेदार को निलंबित किया है।

विज्ञापन


दरअसल तीन शातिर आरोपियों ने बाघ को करंट लगाकर शिकार किया गया था, जिसका शव 1 अक्टूबर को वन अमले ने बरामद किया था। इस मामले में लगातार की गई विभागीय जांच में सांख सर्किल के डिप्टी रेंजर और नाकेदार की लापरवाही सामने आई। उसके बाद शुक्रवार को डीएफओ ने दोनों को निलंबित कर दिया। साथ ही उड़न दस्ते द्वारा की गई जांच में भी जंगल में दर्जनों ठूंठ पाएं गए तो वहीं कई तरह की अनियमित्ता भी पाई गईं।
विज्ञापन


पूर्व वनमंडल के तहत आने वाले चौरई रेंज के सांख सर्किल में लंबे समय से डिप्टी रेंजर तुलसीराम सनोडिया और नाकेदार धीरेन्द्र साहू द्वारा अपने कार्य के प्रति लापरवाही बरती जा रही थी। लापरवाही के चलते ही हिरीं निवासी सीताराम बेलवंशी सहित उसके दो भाई असाडू और शोभेलाल बेलवंशी द्वारा करंट फैलाकर बाघ का शिकार किया गया था। शिकार किए जाने के बाद भी दो दिनों तक खेत में बाघ का शव पड़ा रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन


लेकिन न तो डिप्टी रेंजर तुलसीराम को इस बात की भनक लगी और न ही नाकेदार धीरेन्द्र को गश्त के दौरान कोई साक्ष्य मिले। बाघ की मौत के बाद भोपाल से आई एसटीएफ, जबलपुर और छिंदवाड़ा का वृत्त स्तरीय उड़न दस्ता सहित डीएफओ द्वारा बनाई गई टीम द्वारा मामले की जांच की गई, जिसमें डिप्टी रेंजर तुलसीराम सनोडिया और नाकेदार धीरेन्द्र साहू की लापरवाही पाए जाने पर उन्हें शुक्रवार को पूर्व वनमंडल के प्रभारी डीएफओ अक्षय राठौर द्वारा निलंबित कर दिया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed