{"_id":"5bef98f4bdec22693e5a4d7c","slug":"satta-ka-semifinal-mhow-assembly-seat-what-voters-want","type":"story","status":"publish","title_hn":"सत्ता का सेमीफाइनल: महू में जाम से निजात जनता के एजेंडे में ऊपर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सत्ता का सेमीफाइनल: महू में जाम से निजात जनता के एजेंडे में ऊपर
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 17 Nov 2018 09:58 AM IST
विज्ञापन
सत्ता का सेमीफाइनल में क्या कहती है महू की जनता?
- फोटो : Amar Ujala
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर प्रदेश में सियासी सरगर्मी तेज है, नेताओं का प्रचार और जोर पकड़ रहा है। यहां 28 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। अमर उजाला डॉट कॉम आपको बता रहा है राज्य के जमीनी हालात और उन विषयों के बारे में जो इस बार चुनावी मुद्दे हैं। इसी के मद्देनजर अमर उजाला का चुनाव रथ पहुंचा महू।
संवाददाता वैभव कुमार ने जनता से बात कर यहां हालात का जायजा लिया। टी वैली प्रायोजित अमर उजाला के खास लाइव कार्यक्रम सत्ता के सेमीफाइनल में जानिए आखिर जनता किस आधार पर वोट करने वाली है?
एक युवा से जब हमने बात की तो पता चला कि महू में जाम की गंभीर समस्या है। कुछ सड़कों पर सुबह से शाम तक जाम लगा रहता है। शहरी आबादी लगातार बढ़ रही है। महू में कैंटोनमेंट का बड़ा इलाका है। जाहिर है, उसे कम करके शहरी इलाका बढ़ाने की मांग भी बराबर उठती रही है।लेकिन क्या उसको लेकर कुछ काम हुआ?
विज्ञापन
इस बारे में हमने पूछा हेयर सैलून में बैठे एक व्यक्ति से। उन्होंने इस मुद्दे पर अंदरूनी राजनीति का असर बताया। बाकी काम के बारे में पूछे जाने पर ये जरूर कहा कि क्षेत्र में गरीबों को छत मिलने का अच्छा काम हुआ है।
एक अन्य व्यक्ति ने पानी की समस्या पर बात की। उन्होंने कहा, "पहले पानी की काफी ज्यादा दिक्कत थी, लेकिन नर्मदा का पानी यहां पहुंचने से कुछ राहत है।"
एक मजदूर ने बताया कि सरकारी योजनाओं की जानकारी नहीं है, मजदूरी मिल जाती है तो कर लेते हैं वरना खाली बैठना पड़ता है।
महू में चुनावी जलेबी, गोल-गोल ही घूम रही है....सुबह के वक्त नाश्ते की दुकान पर ये कहना था एक दुकानदार का। उनके मुताबिक अभी कुछ साफ-साफ कहना मुश्किल है।
मध्यप्रदेश में 28 नवंबर को मतदान होना है। नतीजे 7 दिसंबर को आएंगे।
विज्ञापन
संवाददाता वैभव कुमार ने जनता से बात कर यहां हालात का जायजा लिया। टी वैली प्रायोजित अमर उजाला के खास लाइव कार्यक्रम सत्ता के सेमीफाइनल में जानिए आखिर जनता किस आधार पर वोट करने वाली है?
विज्ञापन
'जाम की समस्या गंभीर'
एक युवा से जब हमने बात की तो पता चला कि महू में जाम की गंभीर समस्या है। कुछ सड़कों पर सुबह से शाम तक जाम लगा रहता है। शहरी आबादी लगातार बढ़ रही है। महू में कैंटोनमेंट का बड़ा इलाका है। जाहिर है, उसे कम करके शहरी इलाका बढ़ाने की मांग भी बराबर उठती रही है।लेकिन क्या उसको लेकर कुछ काम हुआ?
विज्ञापन
इस बारे में हमने पूछा हेयर सैलून में बैठे एक व्यक्ति से। उन्होंने इस मुद्दे पर अंदरूनी राजनीति का असर बताया। बाकी काम के बारे में पूछे जाने पर ये जरूर कहा कि क्षेत्र में गरीबों को छत मिलने का अच्छा काम हुआ है।
एक अन्य व्यक्ति ने पानी की समस्या पर बात की। उन्होंने कहा, "पहले पानी की काफी ज्यादा दिक्कत थी, लेकिन नर्मदा का पानी यहां पहुंचने से कुछ राहत है।"
एक मजदूर ने बताया कि सरकारी योजनाओं की जानकारी नहीं है, मजदूरी मिल जाती है तो कर लेते हैं वरना खाली बैठना पड़ता है।
महू में चुनावी जलेबी, गोल-गोल ही घूम रही है....सुबह के वक्त नाश्ते की दुकान पर ये कहना था एक दुकानदार का। उनके मुताबिक अभी कुछ साफ-साफ कहना मुश्किल है।
मध्यप्रदेश में 28 नवंबर को मतदान होना है। नतीजे 7 दिसंबर को आएंगे।
