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Satna: कर्ज से परेशान दबे युवक ने रची थी खुद के अपहरण की कहानी, पुलिस ने सख्ती में सच आया सामने
Fri, 28 Jul 2023 03:55 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सतना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सतना
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 28 Jul 2023 03:55 PM IST
सार
सतना जिले में आरटीओ एजेंट के अपहरण की कहानी झूठी निकली है। कर्ज से परेशान होकर एजेंट ने खुद के अपहरण की कहानी फैलाई थी। पुलिस ने उसे तलाश कर पूछताछ की तो सच सामने आ गया।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश के सतना जिले में हुए युवक के अपहरण का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। झुकेही से युवक को पुलिस ने तलाश किया था। युवक से पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। युवक ने कर्ज से बचने के लिए खुद के अपहरण की कहानी रची थी। युवक क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय सतना में एजेंट का काम करता है।
जानकारी के अनुसार आरटीओ ऑफिस में एजेंट का काम करने वाले रोहित कुशवाहा (24) पिता बाबूलाल कुशवाहा ने अपने कुछ परिचितों से लाखों रुपये का कर्ज ले रखा है। जब उस पर पैसे वापस करने का दबाव बढ़ा तो उसने अपने अपहरण का नाटक शुरू कर दिया। अपने ही फोन से परिजनों को इस बारे में जानकारी दी। पुलिस ने भी परिजनों की सूचना पर गंभीरता बरती और लोकेशन के आधार पर झुकेही पहुंच गई। जहां से उसे थाने लाया गया। पहले तो उसने कुछ मनगढ़ंत कहानी सुनाई, लेकिन जब पुलिस ने कड़ाई की तब उसने सच उगल दिया।
अपहरण की कहानी रचने वाले रोहित की माता ज्ञान बाई कुशवाहा पत्नी बाबूलाल कुशवाहा निवासी गणेश नगर नईबस्ती थाना कोलगवां ने बताया कि 24 जुलाई को रोहित कुशवाहा घर से सुबह करीब 10.00 बजे खाना पीना खाकर आरटीओ ऑफिस जाने के लिए घर से पैदल निकला था। रात 10 बजे तक घर नहीं आया तो मैं उसके मोबाइल नंबर पर फोन की। लड़के ने बोला कि आज नहीं आऊंगा फिर सुबह से उसका फोन बंद बताने लगा। फिर थाने में सूचना दी। वहीं बाद में फोन कर अपहरण की बात बताई।
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जानकारी के अनुसार आरटीओ ऑफिस में एजेंट का काम करने वाले रोहित कुशवाहा (24) पिता बाबूलाल कुशवाहा ने अपने कुछ परिचितों से लाखों रुपये का कर्ज ले रखा है। जब उस पर पैसे वापस करने का दबाव बढ़ा तो उसने अपने अपहरण का नाटक शुरू कर दिया। अपने ही फोन से परिजनों को इस बारे में जानकारी दी। पुलिस ने भी परिजनों की सूचना पर गंभीरता बरती और लोकेशन के आधार पर झुकेही पहुंच गई। जहां से उसे थाने लाया गया। पहले तो उसने कुछ मनगढ़ंत कहानी सुनाई, लेकिन जब पुलिस ने कड़ाई की तब उसने सच उगल दिया।
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अपहरण की कहानी रचने वाले रोहित की माता ज्ञान बाई कुशवाहा पत्नी बाबूलाल कुशवाहा निवासी गणेश नगर नईबस्ती थाना कोलगवां ने बताया कि 24 जुलाई को रोहित कुशवाहा घर से सुबह करीब 10.00 बजे खाना पीना खाकर आरटीओ ऑफिस जाने के लिए घर से पैदल निकला था। रात 10 बजे तक घर नहीं आया तो मैं उसके मोबाइल नंबर पर फोन की। लड़के ने बोला कि आज नहीं आऊंगा फिर सुबह से उसका फोन बंद बताने लगा। फिर थाने में सूचना दी। वहीं बाद में फोन कर अपहरण की बात बताई।
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