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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Sagar: Downy Mildew Attacks Garlic Crop, 15,000 Hectares Affected, Experts Advise Proper Chemical Treatment

Sagar: लहसुन की फसल पर डाउनी बिल्लू का अटैक, जिले की 15 हजार हैक्टेयर फसल प्रभावित, सही रसायन के उपयोग की सलाह

Fri, 07 Feb 2025 04:51 PM IST
सागर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर Published by: सागर ब्यूरो Updated Fri, 07 Feb 2025 04:51 PM IST
सार

क्षेत्र में लहसुन की फसल पर फफूंद जनित बीमारी डाउनी बिल्लू का अटैक होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. आशीष त्रिपाठी ने किसान भाइयों को सही सलाह के साथ सही रसायन के उपयोग की सलाह दी है।

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Sagar: Downy Mildew Attacks Garlic Crop, 15,000 Hectares Affected, Experts Advise Proper Chemical Treatment
लहसुन की खेती

विस्तार

पिछले साल लहसुन की खेती ने सैकड़ों किसानों की किस्मत बदल दी थी। इसकी वजह किसानों को मंडियों में लहसुन का अच्छा भाव मिला था। इसी को देखते हुए किसानों ने इस बार और अधिक रकबे में लहसुन का उत्पादन किया लेकिन इस बार लहसुन पर एक नई बीमारी डाउनी बिल्लू का अटैक हुआ है। 

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इस बीमारी से इसकी पत्तियों पर पहले धारियां आती हैं और फिर और फिर लाल रंग के लक्षण उभरने लगते हैं। इससे पौधों की वृद्धि और उत्पादन पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। लहसुन पर इस बीमारी ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं, लेकिन वैज्ञानिकों का मानना है कि अगर सही समय पर और सही तरीके से उचित सलाह लेकर रसायन का उपयोग किया जाए तो ऐसी कोई बीमारी नहीं है, जो फसलों को नुकसान पहुंचा सके।
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गौरतलब है कि जिले में इस सीजन में करीब 15000 हैक्टेयर क्षेत्र में लहसुन की खेती की जा रही है और बुंदेलखंड में यही आंकड़ा बढ़कर 70000 हैक्टेयर से ऊपर पहुंच जाता है लेकिन मौसम में लगातार बदलाव की चलते इस तरह की बीमारियां देखने को मिल रही हैं। इस पर सागर कृषि विज्ञान केंद्र, बिजोरा के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आशीष त्रिपाठी बताते हैं की इस समय डाउनी बिल्लू के साथ-साथ थ्रिप्स, फफूंदजनक बीमारियों का भी प्रकोप देखने को मिल रहा है, किसान भाई पौध संरक्षण के उपाय तो करते हैं, लेकिन छोटी सी गलती यह करते हैं एक बार में दो या तीन रसायनों को मिलाकर के उपयोग करते हैं जिससे उन रसायनों का पूरा प्रभाव मिक्स हो जाता है और उसका फसलों पर सही असर नहीं हो पाता।
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उन्होंने सलाह दी है कि फसल में जहां भी डाउनी बिल्लू के लक्षण दिखाई दे रहे हैं, वहां क्लोरो थिनिल या थियोफिनाइट मिथाइल या टेबूकोनाजोल फफूंद नाशी का स्प्रे करें और अगर थ्रिप्स की प्रॉब्लम आ रही है, तो एक सप्ताह बाद या 5 दिन बाद कोई भी रस चूसक कीटनाशक की दवा जैसे एबीडा क्लोरोपिड, टाइमथोग्जिम, स्पेनोश्ड का स्प्रे करें।

डॉ. त्रिपाठी का कहना है कि फसलों पर आई बीमारी के बारे में यदि किसान भाई उचित सलाह लेकर का रसायन का उपयोग करेंगे तो उन्हें लाभ जरूर मिलेगा।
 

लहसुन की खेती

लहसुन की खेती

 

लहसुन की खेती

लहसुन की खेती

 

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