Sagar News: राम भरोसे सरकारी अस्पताल! एंबुलेंस में मिली पापड़-चिप्स की बोरियां, एक घंटे तक तड़पता रहा मरीज
सागर जिले में सरकारी अस्पतालों की हालत बहुत खराब है। जिले के कई अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को डॉक्टर नहीं मिलते। ऐसे में लोग मजबूरी में झोला छाप डॉक्टरों के पास जाते हैं
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सागर जिले में सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं भगवान के भरोसे ही हैं। जिले के कई स्वास्थ्य केंद्रों पर इलाज के लिए जाने वाले मरीजों को डॉक्टर नहीं मिलते, जिससे लोग मजबूरन झोला छाप डॉक्टरों का सहारा लेते हैं। इसी कड़ी में शाहपुर स्वास्थ्य केंद्र से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक गंभीर बीमार वृद्ध को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया, लेकिन यहां कोई डॉक्टर नहीं मिला।
अस्पताल के सहायक स्टाफ ने कहा कि वृद्ध को सागर ले जाना होगा। परिजनों ने जब 108 एंबुलेंस बुलवाई तो उसमें बोरियों में पापड़ और चिप्स रखे मिले। एंबुलेंस ड्राइवर भी सागर जाने में झिझक रहा था, लेकिन जब उसने परिजनों का गुस्सा देखा, तो उसने किराने का सामान बाहर निकलवाया और फिर मरीज को सागर लेकर गया। इस दौरान बीमार बुजुर्ग करीब एक घंटे तक तड़पते रहे। लोगों ने इस घटना की शिकायत उच्च अधिकारियों से की है।
पिछले साल भी हुई थी लापरवाही
शाहपुर में पिछले साल अगस्त में 8 बच्चों की मौत हुई थी और उस समय भी स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर नहीं मिले थे। तब अधिकारियों ने कार्रवाई की थी, लेकिन इसके बाद भी हालात नहीं सुधरे। यहां अक्सर डॉक्टर और बाकी स्टाफ गायब रहते हैं। यह बात स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के निरीक्षण में भी सामने आ चुकी है, लेकिन सख्त कार्रवाई नहीं होने से लोगों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। गांव वालों ने बताया कि यहां यह समस्या बहुत समय से चल रही है।
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स्थानीय लोगों ने क्या कहा
शाहपुर के रहने वाले वकील जगमोहन सिंह ने बताया कि यहां पिछले कई सालों से अस्पताल की हालत खराब है। डॉक्टर और स्टाफ अक्सर मौजूद नहीं रहते। कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ।
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उन्होंने बताया कि जब दीवार गिरने का हादसा हुआ था, तब भी अस्पताल में न डॉक्टर था न स्टाफ। अगर इलाज समय पर मिलता, तो कुछ बच्चों की जान बच सकती थी। अफसरों को इसकी जानकारी दे दी गई है। अगर अब भी स्थिति नहीं सुधरी तो हम आंदोलन करेंगे।
