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Rewa: स्ट्रांग रूम के बाहर स्क्रीन बंद होने पर बोली कांग्रेस; BJP एजेंट बन कैरियर की हत्या कर रहे अधिकारी

Wed, 22 Nov 2023 01:35 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रीवा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रीवा Published by: हिमांशु प्रियदर्शी Updated Wed, 22 Nov 2023 01:35 PM IST
सार

MP Assembly Election 2023: बीते 17 नवंबर को एमपी विधानसभा के चुनाव संपन्न होने के बाद से चुनावी शोरगुल भी समाप्त हो गया। वहीं, 230 विधानसभा सीटों से चुनावी मैदान पर उतरे प्रत्याशियों का भाग्य EVM मशीन में कैद हो गया। मतगणना की तारीख नजदीक आते-आते प्रत्याशियों के दिल की धड़कने भी अब दिन-प्रतिदिन बढ़ती हुई दिखाई दे रही हैं। इन सब के बीच एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो चुका है।

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Screen switched off outside strong room in Rewa; Congress says Officers killing career by becoming BJP agents
स्ट्रांग रूम के बाहर लगी एलईडी स्क्रीन बंद होने पर कांग्रेस ने किया हंगामा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 मध्य प्रदेश सहित रीवा की छह और मऊगंज जिले की दो विधानसभा सीटों में हुए विधानसभा के चुनाव छिटपुट हिंसा की घटनाओं के बीच बीते 17 नवंबर को संपन्न हो चुके हैं। लोकतंत्र के इस महापर्व पर मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी निभाई है। 17 नवंबर को मतदान प्रक्रिया समाप्त होने के बाद मऊगंज की दो रीवा जिले की छह विधानसभा सीटों की EVM मशीनों को रीवा के इंजीनियरिंग कॉलेज में बनाए गए स्ट्रांग रुम में कड़े पहरे के बीच CCTV कैमरों से लैस चार दिवारी के बीच रखा गया है, जहां परिंदा भी पर नहीं मार सकता।

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स्ट्रांग रूम की LED बंद हुई तो कांग्रेस ने खड़े किए सवाल
इस सब के बीच अब कई प्रत्याशियों के समर्थक इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में दिन-रात अपना डेरा जमाए हुए बैठे हैं। ताकी मतगणना से पहले किसी भी तरह की गड़बड़ी न की जा सके। स्ट्रांग रूम में रखी गई सभी EVM मशीनें CCTV कैमरों की निगरानी में है और उसका सीधा प्रसारण स्ट्रांग रूम के बाहर लगे LED स्क्रीन के माध्यम से 24 घंटे देखा जा सकता है। बीती रात तकनीकी खराबी या फिर कोई अन्य कारण से स्ट्रांग रूम के बाहर लगी LED स्क्रीन तकरीबन आधे घंटे के लिए बंद हो गई। उसके बाद कॉलेज परिसर में हड़कंप की स्थिति बन गई और स्ट्रांग रूम के बाहर मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओ ने हंगामा करना शुरु कर दिया था। हालांकि की प्रशासन की सफाई और समझाने के बाद मामला शांत हो गया।
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1,359 पुलिसकर्मी नहीं कर पाए मतदान
लेकिन मामले ने एक बार फिर तब तूल पकड़ लिया जब दूसरे दिन एक बार फिर चंद मिनटों के लिए LED स्क्रीन बंद हुई और दोबारा हंगामा हुआ। इसके बाद एक बार फिर प्रशासनिक अधिकारियों ने हंगामा कर रहे लोगों को किसी तरह से शांत कराया। लेकिन इन सब के बीच एक नए मामले ने तूल पकड़ लिया, जिसके बाद से कांग्रेस लगातार बीजेपी और प्रशासनिक अधिकारियों पर हमलावर है। दरअसल, रीवा जिले में 1,359 पुलिसकर्मी मतदान करने से वंचित रह गए। उसके बाद से चुनावी ड्यूटी पर तैनात प्रशासनिक अफसरों पर सवालिया निशान खड़े होने लगे।
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मामले पर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने दी अपनी प्रतिक्रिया
इस मामले पर जिला कलेक्टर व निर्वाचन अधिकारी प्रतिभा पाल ने अपनी प्रतिक्रिया भी दी है। उनका कहना है कि पहले दिन जब LED स्क्रीन बंद हुई तब टेक्निकल फॉल्ट हुआ था। दूसरे दिन कॉलेज के प्राचार्य अपने चैंबर में गलती से गए जहां उन्होंने अपने चैंबर में लगे हुए विद्युत स्विच को बंद कर दिया था, जिससे LED स्क्रीन का कनेक्शन दिया गया था। वहीं, कलेक्टर ने मतदान देने से वंचित रह गए 1,359 पुलिसकर्मियों को लेकर कहा कि ड्यूटी में तैनात जितने भी अधिकारी-कर्मचारी हैं, उनके लिए मतदान की व्यवस्था की गई थी। पोस्टल वैलेट के माध्यम से पुलिसकर्मियों को मतदान करना था जिसके लिए फॉर्म नंबर 12 को भरकर अपने RO को निर्धारित समय सीमा के अंदर देना था। अब जो लोग इससे वंचित रह गए हैं या तो वह इच्छुक नहीं थे या तो फिर उन्होंने फार्म नंबर 12 को जमा नहीं किया होगा।



कांग्रेस प्रत्याशी ने लगाए प्रशासनिक अधिकारियों पर आरोप
इन घटनाओं के बाद अब कांग्रेस और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरु हो चुका है। रीवा विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी इंजीनियर राजेंद्र शर्मा ने कई बड़े गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि हमारे यहां 1,359 पुलिसकर्मियों का मतदान नहीं कराया गया। हमारे यहां कर्मचारियों की मानसिकता सरकार के विरोध में थी। कर्मचारी सरकार के पक्ष में नहीं थे। लेकिन उच्च पदों पर बैठे सरकार के कुछ कर्मचारी जिनको सरकार की ओर से परिश्रय मिला हुआ था। वे सारे के सारे अधिकारी भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता बनकर काम कर रहे थे। भारतीय जनता पार्टी ने छोटे कर्मचारियों के साथ बहुत अत्याचार किया, इसलिए उनसे डरी हुई थी। हमारी सरकार बन रही है जो भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में कर्मचारी काम कर रहे हैं, उनका तो ध्यान रखा जाएगा। उनकी सूची बना रहे हैं।


बीजेपी जिला अध्यक्ष ने किया पलटवार
भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि पहली बात तो इनकी सरकार बन नहीं रही है। इनको मुंगेरीलाल के सपने देखने की आदत हो गई है। सपने देखने का अधिकार सबको है, इनको सपने देखने दीजिए। दूसरा एक कांग्रेस का चरित्र है, पिछली बार जब जनता ने 15 महीने का जो मौका दिया था तो यह वल्लभ भवन को ट्रांसफर उद्योग बना कर बैठे थे। कांग्रेस के लोग चुनाव हार चुके हैं, इसलिए वे इस तरह के अनर्गल आरोप लगा रहे हैं। तीन दिसंबर को भारी बहुमत के साथ बीजेपी की सरकार बनने जा रही है।

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