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Rewa News: गोविंदगढ़ बस हादसे में 18 साल बाद फैसला, बस मालिक और दो कंडक्टरों को कोर्ट से राहत

Sun, 01 Jun 2025 09:25 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रीवा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रीवा Published by: अर्पित याज्ञनिक Updated Sun, 01 Jun 2025 09:25 PM IST
सार

अदालत ने माना कि अभियोजन यह साबित नहीं कर पाया कि बस तेज़ या लापरवाही से चलाई जा रही थी, या बस में कोई तकनीकी खामी थी। हादसे में चालक की मौत के कारण परिस्थितियों की पुष्टि नहीं हो सकी।

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Rewa News: Court gives relief to all three accused in Govindgarh bus accident
कोर्ट। (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रीवा कोर्ट ने 2006 गोविंदगढ़ बस हादसे में फैसला सुनाते हुए बस मालिक और दो कंडक्टरों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। 18 साल पहले इस हादसे में 60 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें बस चालक भी शामिल था।

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19 अक्तूबर 2006 को जिगना से रीवा जाते समय एक निजी यात्रियों से भरी बस गोविंदगढ़ तालाब में गिर गई थी। इस दर्दनाक हादसे में चालक समेत 60 से अधिक यात्रियों की जान चली गई थी। इस मामले में बस मालिक अजय प्रताप सिंह (52), तथा कंडक्टर रमेश तिवारी (42) और श्रीनिवास तिवारी (60) को आरोपी बनाया गया था। मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) पन्ना नागेश की अदालत ने फैसला सुनाया। 
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तीनों आरोपियों को भारतीय दंड संहिता (IPC) और मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) के तहत दर्ज आरोपों से बरी किया गया। कोर्ट ने माना कि प्रासीक्यूशन यह साबित नहीं कर सका कि बस को तेज़ या लापरवाही से चलाया गया था। चूंकि चालक की मौके पर ही मौत हो गई थी, इसलिए यह भी सिद्ध नहीं हो सका कि दुर्घटना के समय बस अनियमित रूप से चलाई जा रही थी या उसमें कोई तकनीकी खामी थी। आरोपियों के वकील राजीव सिंह शेरा ने बताया, “प्रशासन यह साबित नहीं कर पाया कि बस के पास फिटनेस सर्टिफिकेट या वैध परमिट था या नहीं। ऐसे में कोर्ट ने सभी आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।

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