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व्यापमं घोटाले में क्या हुई कार्रवाई नहीं बताएगा पीएमओ

Fri, 03 Jul 2015 08:08 AM IST
Updated Fri, 03 Jul 2015 08:08 AM IST
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PMO denied the RTI information of mppeb scam

प्रधानमंत्री मोदी बेशक पारदर्शी नीतियों की कितनी बातें करते हों लेकिन उनका कार्यालय शायद उनकी नीतियों पर अमल नहीं करना चाहता। मध्यप्रदेश के व्यापंम घोटाले में पीएमओ ने उस आरटीआई का ही जवाब देने से इंकार कर दिया जिसमें इस घोटाले के सीबीआई जांच कराने संबंधी जानकारी मांगी गई थी।

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कांग्रेस नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने मार्च महीने में इस संबंध में एक ज्ञापन प्रधानमंत्री मोदी को दिया था जिसके संबंध में अब आरटीआई के तहत जानकारी मांगी थी।
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अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के अनुसार एक्टिविस्ट अजय दूबे द्वारा 8 जून को दी गई आरटीआई के 24 जून को दिए गए जवाब में पीएमओ के केन्द्रीय जन सूचना अधिकारी बीके रॉय ने बताया कि मांगी गई सूचना नहीं दी जा सकती। दूबे को यह सूचना गत बुधवार को प्राप्त हुई।

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कांग्रेस प्रति‌निधिमंडल ने की थी मोदी से मुलाकात

PMO denied the RTI information of mppeb scam

बता दें कि कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिसमें पार्टी महासचिव दिग्विजय सिंह, पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, कमल नाथ और कपिल सिब्बल बीते 18 मार्च को प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात कर कथित रूप से इस बात के सबूत पेश किए थे जो मध्यप्रदेश के व्यापमं घोटाले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की संलिप्‍तता को साबित करते थे। उन्होंने मोदी से मामले को अपने हाथ में लेकर जांच करवाने और सीबीआई जांच का आग्रह किया था।

इसी को लेकर एक्टिविस्ट दूबे ने आरटीआई के जरिए पीएमओ से इस संबंध में मोदी द्वारा दिए गए निर्देश की फोटोकॉपी, उनके द्वारा किया गया पत्रव्यवहार की सूचना मांगी थी। लेकिन पीएमओ चाहता था कि दूबे इस संबंध में स्पष्ट करें कि वो कौन से खास कागजात चाहते हैं, नहीं तो उन्हें सूचना देना मुश्किल होगा।
 
दूबे ने बताया कि व्यापमं वास्तव में एक बड़ा घोटाला है जिसमें काफी उच्च लोग शामिल हैं, बावजूद इसके प्रधानमंत्री कार्यालय इसे काफी हल्के में ले रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री ने इस संबंध में कितना और क्या पत्रव्यवहार किया इसकी जानकारी देना कैसे संसाधनों के संकलन को मोड़ दे देगा।

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