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ओंकारेश्वर: खंडवा से ओंकारेश्वर रोड तक ट्रेनों का संचालन साल के अंत तक होगा शुरू; आसान होगी यात्रा
Thu, 22 Oct 2026 01:32 PM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ओंकारेश्वर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ओंकारेश्वर
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Thu, 22 Oct 2026 01:32 PM IST
सार
ओंकारेश्वर रोड रेलवे स्टेशन से रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने की दिशा में रेलवे ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पश्चिम रेलवे के डीआरएम अश्विन कुमार ने स्टेशन का निरीक्षण कर बताया कि नवंबर 2026 तक खंडवा से ओंकारेश्वर रोड तक यात्री ट्रेनें शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है।
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ओंकारेश्वर रोड रेलवे स्टेशन पर निरीक्षण करते डीआरएम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पश्चिम रेलवे के डीआरएम अश्विन कुमार ने गुरुवार को ओंकारेश्वर रोड रेलवे स्टेशन पहुंचकर स्टेशन और यहां चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि नवंबर 2026 तक खंडवा से ओंकारेश्वर रोड रेलवे स्टेशन तक ट्रेनों का संचालन शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है। डीआरएम ने बताया कि ओंकारेश्वर रोड रेलवे स्टेशन का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है। कुछ आवश्यक तैयारियां और शेष हैं, जिन्हें जल्द पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद खंडवा की ओर से यात्री ट्रेनों के संचालन का रास्ता साफ होगा।
सिंहस्थ 2028 तक बलवाड़ा तक ट्रेन पहुंचाने की कोशिश
डीआरएम ने कहा कि ओंकारेश्वर रोड से महू-अंबेडकर नगर तक रेल लाइन का काम अभी पूरा होने में समय लगेगा। रेलवे की कोशिश है कि सिंहस्थ 2028 से पहले बलवाड़ा तक रेल लाइन का काम पूरा कर वहां तक ट्रेन संचालन शुरू किया जा सके। उन्होंने कहा कि बलवाड़ा तक ट्रैक तैयार करने और ट्रेन चलाने के लिए रेलवे लगातार प्रयास कर रहा है। हालांकि इंदौर और बलवाड़ा के बीच पहाड़ी क्षेत्र, घने जंगल और अन्य तकनीकी एवं पर्यावरणीय परिस्थितियां बड़ी चुनौती हैं। इन क्षेत्रों में निर्माण कार्य के लिए विभिन्न स्तरों पर अनुमति और तकनीकी प्रक्रियाओं का पालन करना पड़ रहा है।
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नासिक-त्र्यंबकेश्वर के लिए भी बढ़ेगी कनेक्टिविटी की उम्मीद
पत्रकारों ने डीआरएम से पूछा कि क्या भविष्य में ओंकारेश्वर रोड रेलवे स्टेशन से नासिक-त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग के लिए सीधी ट्रेन शुरू हो सकती है। इस पर उन्होंने कहा कि आने वाले समय में विभिन्न स्थानों से ट्रेनों के संचालन की संभावनाओं पर काम किया जाएगा। इससे ओंकारेश्वर को देश के अन्य प्रमुख तीर्थस्थलों से रेल मार्ग के जरिए जोड़ने की उम्मीद बढ़ी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा देश के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी से जोड़ने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के बीच ओंकारेश्वर के लिए यह परियोजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
ये भी पढ़ें: एमपी सरकारी खरीदी पर सवाल: कहीं 2 लाख का कचरा वाहन, कहीं 6 लाख में! 2500 यूजर ID-पासवर्ड लीक होने का भी खुलासा
खंडवा-अकोला रेल कनेक्टिविटी से भी मिलेगा लाभ
इधर खंडवा से अकोला रेल मार्ग पर भी ट्रेनों के संचालन का ट्रायल शुरू हो चुका है। हाल ही में खंडवा से अकोला के बीच ट्रेन चलाकर ट्रैक की तैयारियों को परखा गया। खंडवा से ओंकारेश्वर रोड तक रेल संचालन शुरू होने के बाद ओंकारेश्वर भी आगे अकोला की दिशा में रेल नेटवर्क से सीधे जुड़ सकेगा। इससे महाराष्ट्र से ओंकारेश्वर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी आवागमन आसान होने की संभावना है।
उज्जैन-ओंकारेश्वर कनेक्टिविटी के लिए करना होगा इंतजार
हालांकि उज्जैन से ओंकारेश्वर को सीधे रेल मार्ग से जोड़ने की दिशा में अभी कुछ समय लग सकता है। इंदौर-बलवाड़ा क्षेत्र में पहाड़ी भूभाग, घने जंगल और निर्माण से जुड़ी विभिन्न अनुमतियों के कारण यह परियोजना चुनौतीपूर्ण है। ओंकारेश्वर रोड रेलवे स्टेशन के विकास और खंडवा-अकोला रेल कनेक्टिविटी के साथ यदि भविष्य में बलवाड़ा तक रेल लाइन और आगे महू-अंबेडकर नगर क्षेत्र से जुड़ाव पूरा होता है, तो ओंकारेश्वर देश के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों और तीर्थस्थलों के बीच रेल नेटवर्क का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। सिंहस्थ 2028 को देखते हुए रेलवे की इन परियोजनाओं को ओंकारेश्वर की धार्मिक और पर्यटन कनेक्टिविटी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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सिंहस्थ 2028 तक बलवाड़ा तक ट्रेन पहुंचाने की कोशिश
डीआरएम ने कहा कि ओंकारेश्वर रोड से महू-अंबेडकर नगर तक रेल लाइन का काम अभी पूरा होने में समय लगेगा। रेलवे की कोशिश है कि सिंहस्थ 2028 से पहले बलवाड़ा तक रेल लाइन का काम पूरा कर वहां तक ट्रेन संचालन शुरू किया जा सके। उन्होंने कहा कि बलवाड़ा तक ट्रैक तैयार करने और ट्रेन चलाने के लिए रेलवे लगातार प्रयास कर रहा है। हालांकि इंदौर और बलवाड़ा के बीच पहाड़ी क्षेत्र, घने जंगल और अन्य तकनीकी एवं पर्यावरणीय परिस्थितियां बड़ी चुनौती हैं। इन क्षेत्रों में निर्माण कार्य के लिए विभिन्न स्तरों पर अनुमति और तकनीकी प्रक्रियाओं का पालन करना पड़ रहा है।
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नासिक-त्र्यंबकेश्वर के लिए भी बढ़ेगी कनेक्टिविटी की उम्मीद
पत्रकारों ने डीआरएम से पूछा कि क्या भविष्य में ओंकारेश्वर रोड रेलवे स्टेशन से नासिक-त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग के लिए सीधी ट्रेन शुरू हो सकती है। इस पर उन्होंने कहा कि आने वाले समय में विभिन्न स्थानों से ट्रेनों के संचालन की संभावनाओं पर काम किया जाएगा। इससे ओंकारेश्वर को देश के अन्य प्रमुख तीर्थस्थलों से रेल मार्ग के जरिए जोड़ने की उम्मीद बढ़ी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा देश के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी से जोड़ने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के बीच ओंकारेश्वर के लिए यह परियोजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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खंडवा-अकोला रेल कनेक्टिविटी से भी मिलेगा लाभ
इधर खंडवा से अकोला रेल मार्ग पर भी ट्रेनों के संचालन का ट्रायल शुरू हो चुका है। हाल ही में खंडवा से अकोला के बीच ट्रेन चलाकर ट्रैक की तैयारियों को परखा गया। खंडवा से ओंकारेश्वर रोड तक रेल संचालन शुरू होने के बाद ओंकारेश्वर भी आगे अकोला की दिशा में रेल नेटवर्क से सीधे जुड़ सकेगा। इससे महाराष्ट्र से ओंकारेश्वर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी आवागमन आसान होने की संभावना है।
उज्जैन-ओंकारेश्वर कनेक्टिविटी के लिए करना होगा इंतजार
हालांकि उज्जैन से ओंकारेश्वर को सीधे रेल मार्ग से जोड़ने की दिशा में अभी कुछ समय लग सकता है। इंदौर-बलवाड़ा क्षेत्र में पहाड़ी भूभाग, घने जंगल और निर्माण से जुड़ी विभिन्न अनुमतियों के कारण यह परियोजना चुनौतीपूर्ण है। ओंकारेश्वर रोड रेलवे स्टेशन के विकास और खंडवा-अकोला रेल कनेक्टिविटी के साथ यदि भविष्य में बलवाड़ा तक रेल लाइन और आगे महू-अंबेडकर नगर क्षेत्र से जुड़ाव पूरा होता है, तो ओंकारेश्वर देश के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों और तीर्थस्थलों के बीच रेल नेटवर्क का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। सिंहस्थ 2028 को देखते हुए रेलवे की इन परियोजनाओं को ओंकारेश्वर की धार्मिक और पर्यटन कनेक्टिविटी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
