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Bhopal: हाइब्रिड सूर्यग्रहण लेकर आया नया साल, अप्रैल में मिलेगा सूर्यग्रहण के चौथे प्रकार को समझने का मौका
Sat, 31 Dec 2022 05:07 PM IST
अर्पित याग्निक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: अर्पित याग्निक
Updated Sat, 31 Dec 2022 05:07 PM IST
सार
तीन प्रकार के सूर्यग्रहण एक साथ लगकर बनेगा चौथे प्रकार का हाइब्रिड सूर्यग्रहण। नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू बताती हैं कि 2023 अप्रैल में मिलेगा सूर्यग्रहण के चौथे प्रकार को समझने का मौका।
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विज्ञान प्रसारक सारिका घारू
- फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
हाइब्रिड वैरायटी की फसल की चर्चा तो होती रहती है, लेकिन ग्रहण भी हाइब्रिड होता है यह कम ही लोग जानते हैं। स्कूलों में भी सोलर इकलिप्स को टोटल, पार्शियल या एन्यूलर के रूप में ही पढ़ाया जाता है। नया साल पृथ्वी के दक्षिणी गोलार्द्ध में हाईब्रिड सूर्यग्रहण लेकर आ रहा है।
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नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू बताती हैं कि सूर्य और पृथ्वी के बीच आकर चंद्रमा पृथ्वी के नजदीक होता है तो सूर्य को पूरी तरह ढक लेता है और उस भाग में पूर्ण सूर्यग्रहण दिखता है। यदि परिक्रमा के दौरान चंद्रमा दूर रहता है तो वह सूर्य की डिस्क को पूरा नहीं ढक पाता है और सूर्य एक कंगन के रूप में चमकता दिखता है। इसे वलयाकार सूर्यग्रहण कहते हैं।
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तीनों ग्रहण एक साथ दिखते हैं
अगर चंद्रमा न तो ज्यादा दूर हो और न ही बहुत पास तो हाइब्रिड सूर्यग्रहण की स्थिति बनती है, जिसमें छाया के केंद्रीय भाग के लोग तो पूर्ण सूर्यग्रहण महसूस करते हैं, लेकिन उसी समय आस-पास के लोग कुंडलाकार सूर्य ग्रहण देख रहे होते हैं। इसमें उपछाया वाले भाग में पार्शियल सूर्यग्रहण देख रहे होते हैं। तीनों ग्रहण एक साथ दिखाई देने के कारण ही इसे हाइब्रिड सूर्यग्रहण कहा जाता है। इसे कुंडलाकार या पूर्ण सूर्यग्रहण भी कहते हैं।
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भारत में नहीं दिखेगा
सारिका घारू बताती हैं कि यह नये साल में 20 अप्रैल को घटित होने जा रहा है। यह ग्रहण भारत में तो नहीं दिखेगा। यह पृथ्वी के दक्षिणी गोलार्द्ध में भारतीय समय के अनुसार सुबह लगभग सात बजे से दोपहर 12 बजकर 30 मिनट तक होगा। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि ग्रहण का चौथा प्रकार समझने का यह एक अच्छा अवसर होगा जिसे कम ही लोग जानते हैं। पिछला हाइब्रिड सूर्यग्रहण तीन नवम्बर 2013 को हुआ था। अब 2023 के बाद 14 नवम्बर 2031 को ही मौका मिलेगा हाइब्रिड सूर्यग्रहण देखने का।
