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Nauradehi Wildlife Sanctuary: नौरादेही में चौथा पक्षी सर्वे, गणना के दौरान मिलीं 180 पक्षियों की प्रजातियां
Mon, 16 Jan 2023 03:51 PM IST
गुलाम अहमद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
Published by: गुलाम अहमद
Updated Mon, 16 Jan 2023 03:51 PM IST
सार
नौरादेही वन्यजीव अभयारण्य में चार दिनों तक पक्षी सर्वेक्षण चला। इस दौरान विभाग ने जंगल के भीतर 11 कैंप स्थानों का चयन किया था। पक्षी गणना के लिए छह राज्यों के 22 छात्र और आठ विशेषज्ञ बारह जनवरी को आये थे। जिन्होंने लगातार चार दिन पक्षी गणना की है। नौरादेही में 180 से ज्यादा प्रजाति के पक्षी पाए गए।
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bird survey in nauradehi
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
तीन जिले की सीमा में फैले मध्य प्रदेश के सबसे बड़े नौरादेही वन्यजीव अभयारण्य में जहां वर्तमान में 12 बाघ अपने परिवार के साथ निवास कर रहे हैं। वहीं अब यहां पक्षियों पर भी अध्यन शुरू किया गया है। छह राज्यों से आए 22 छात्र और जैव विविधता प्रेमी विशेषज्ञों ने वनकर्मियों के साथ नौरादेही में पक्षियों की गणना की जिसमें 108 पक्षियों की प्रजाति उन्हें यहां मिली हैं। अभयारण्य में 11 वर्ड ट्रेल में दल को पक्षियों की प्रजातियों के साथ ही जैव विविधता वन्यजीव और वनस्पति का भी अध्ययन करना था, जिसके बाद सर्वे रिपोर्ट तैयार होनी है।
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जंगल में रवानगी से पहले सीसीएफ, डीएफओ के अलावा ओरिएंटल ट्रेल के पक्षी विशेषज्ञ द्वारा वालंटियर्स को पक्षी गणना, जैव विविधता के अध्ययन संबंधी रिपोर्ट तैयार करने ई-बर्ड एप पर पक्षियों के चित्र, उनकी आवाज, आवास संबंधी जानकारी अपलोड करने का प्रशिक्षण दिया गया है। गुरुवार को नौरादेही अभयारण्य में पक्षियों की चौथी गणना शुरू हुई है।
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इस बार इस अभियान में केवल पक्षी नहीं जैव विविधता में नजर आने वाले वन्यजीव और वनस्पति का भी अध्ययन किया जाएगा। छह राज्यों से आए वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट वन्यजीवन पर अध्ययन कर रहे हैं। छात्र और वनकर्मी चार दिन तक नौरादेही अभयारण्य में सर्वे कर अपनी रिपोर्ट तैयार करेंगे। इस दौरान नौरादेही अभयारण्य की मोहली, जमरासी, जगतराई, बरपानी, नौरादेही, सिलकुही, सर्रा, रमपुरा, उन्हारीखेड़ा और आमापानी बर्ड ट्रेल में पक्षियों की प्रजाति, उनकी संख्या और आवास व व्यवहार का अध्ययन करेंगे।
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108 पक्षियों की मिली प्रजापति
अभयारण पहुंची टीम ने 12 जनवरी से पक्षी सर्वे गणना शुरू कर दी थी और 15 जनवरी रविवार को यह गणना खत्म हो गई। चार दिन चली गणना में अभयारण्य में 180 प्रजापति के पक्षी नौरादेही में मिले हैं। पक्षी गणना समापन समारोह कार्यक्रम नौरादेही की मुहली रेंज में आयोजित किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि नौरादेही अभयारण्य डीएफओ डीएस डोडवे थे। उन्होंने वनों के संरक्षण और प्रबंधन पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि कैसे जीवन में सब कुछ एक दूसरे पर निर्भर है और आज के समय में वनों की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है।
गहन सर्वेक्षण एसडीओ सेवाराम मलिक और जगत जीत फ्लोरा से प्राप्त मार्गदर्शन और सलाह और वन कर्मचारियों के समर्थन के कारण संभव हो सका। ओरिएंटल ट्रेल्स के संस्थापक अमित शांकल्य एक उत्साही पक्षी द्रष्टा और स्वयं एक संरक्षणवादी हैं। वे किसी भी क्षेत्र की जैव विविधता को संतुलित करने में पक्षियों के महत्व पर प्रकाश डालते हैं। आगे इस क्षेत्र को एक समृद्ध जंगल के रूप में परिभाषित करता है, जो पक्षियों की 250 से अधिक प्रजातियों को शरण देता है।
जंगल के भीतर 11 कैंप स्थानों का चयन
चार दिनों के सर्वेक्षण के लिए विभाग ने जंगल के भीतर 11 कैंप स्थानों का चयन किया था, जिसमें प्रत्येक स्थान पर चार ट्रेल्स थे, जिसमें प्रत्येक स्थान पर दो प्रतिभागी शामिल थे। प्रतिभागियों ने पगडंडियों पर न केवल एवियन प्रजातियों को कवर किया, बल्कि उन्होंने जंगल के वनस्पतियों और जीवों का अवलोकन और दस्तावेजीकरण भी किया।
इस सर्वेक्षण में शामिल होने के लिए भारत के छह राज्यों से वानिकी छात्रों और प्रकृति विशेषज्ञों सहित 22 बर्ड वाचर्स की टीम आई थी। इस तरह के सर्वेक्षण स्थानीय जैव विविधता की बहाली और संरक्षण के भविष्य के विषयों पर ध्यान देंगे। सर्वेक्षण के दौरान एकत्र किए गए डेटा से वन विभाग को बेहतर वन नीतियों के निर्माण में मदद मिलेगी, जिसका उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करते हुए स्थानीय रोजगार के अवसर पैदा करना है।
प्रमाण पत्र देकर किया सम्मानित
पक्षी गणना के बाद रविवार को एक कार्यक्रम मुहली रेंज में रखा गया जिसमें सभी छात्रों और विशेषज्ञों को नोरादेही डीएफओ द्वारा प्रमाण पत्र देकर समानित किया गया। नौरादेही एसडीओ सेवाराम मलिक ने बताया कि पक्षी गणना के लिए छह राज्यों के 22 छात्र और आठ विशेषज्ञ बारह जनवरी को आये थे। जिन्होंने लगातार चार दिन पक्षी गणना की है। नौरादेही में 180 से ज्यादा प्रजाति के पक्षी पाए गए। अंतिम दिन डीएफओ की मौजूदगी में एक गणना समापन कार्यक्रम रखा गया जिसमें सभी को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
सर्वेक्षण के दौरान मिलीं प्रमुख प्रजातियां
- Rusty tailed flycatcher
- Scarlett Minivet
- Eurasian wryneck
- Rudy Shelduck
- Red-creasted pochard
- Mottled Wood-Owl
- White-bellied Minivet
- Lesser Adjutant
- Red headed vulture
- Tawny Pipit
- Northern Pintail
- Eurasian Kestrel
- Clamorous Reed Warbler
- Blue Rock Thrush
- Black Stork
