{"_id":"61c5765592c7782db131f6b8","slug":"mp-vidhan-sabha-winter-session-2021-day-5-session-ended-with-ruckus-on-tribal-hamaidia-issues","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP Vidhan Sabha Session: हंगामे से शुरू, हंगामे पर खत्म; 5 दिन भी पूरी नहीं हुई विधानसभा की बैठकें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP Vidhan Sabha Session: हंगामे से शुरू, हंगामे पर खत्म; 5 दिन भी पूरी नहीं हुई विधानसभा की बैठकें
Fri, 24 Dec 2021 12:57 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Fri, 24 Dec 2021 12:57 PM IST
सार
मध्य प्रदेश विधानसभा का पांच दिवसीय शीतकालीन सत्र शुक्रवार को हंगामे के बीच खत्म हुआ। प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायकों ने हंगामा किया। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने विधानसभा की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया।
विज्ञापन
एमपी विधानसभा शीतकालीन सत्र-: पांच दिन का सत्र हंगामे के साथ ही समाप्त हुआ।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र हंगामे की भेंट चढ़ गया। कांग्रेस विधायकों ने पंचायत चुनावों में OBC आरक्षण का मुद्दा उठाकर हंगामा किया। पांचवें दिन भी प्रश्नकाल बाधित हुआ। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने विधानसभा की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया। विधानसभा के इस सत्र में अनुपूरक बजट के साथ-साथ निजी व सरकारी संपत्ति को धरना-प्रदर्शनों, दंगों से होने वाले नुकसान की वसूली विधेयक को पास करना ही महत्वपूर्ण उपलब्धि रहा।
विधानसभा के शीत सत्र के आखिरी दिन शुक्रवार को प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक ओमकार सिंह मरकाम ने अनुपूरक बजट में आदिवासियों के लिए सिर्फ 400 रुपये का प्रावधान करने का मुद्दा उठाया। इसे लेकर कांग्रेस विधायकों ने हंगामा किया। जब कार्यवाही स्थगित हो गई तो कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद और पीसी शर्मा ने पत्रकारों से बात की। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने हमीदिया कांड में नवजात शिशुओं की मौत के मामले में लीपापोती कर रही है। सरकार के दो मंत्रियों के बयान में अंतर देखने को मिला है। आदिवासियों के लिए अनुपूरक बजट में राशि कम रखी गई। इससे पहले भी जब हंगामा होता था तो विधानसभा 5-10 मिनट के लिए स्थगित होती थी। आज तो पूरा प्रश्नकाल ही स्थगित कर दिया गया। हम विधानसभा अध्यक्ष के सामने यह मुद्दे उठा रहे हैं।
उधर, सरकार के प्रवक्ता और गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने आरोप लगाया कि प्रश्नकाल विपक्ष के हथियार की तरह होता है। विपक्ष जनहित के मुद्दे उठा सकता है। पिछले सत्रों से साफ है कि विपक्ष प्रश्नकाल को बाधित करता है। इसे हल्ला काल बनाना चाहता है। शून्य काल में उठ सकने वाले विषयों को भी प्रश्नकाल में ही उठाता है। एक भी सत्र ऐसा नहीं है जब विपक्ष ने प्रश्नकाल को बाधित किया हो। आज कोई विषय नहीं था, फिर भी प्रश्नकाल नहीं चलने दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विधानसभा के शीत सत्र के आखिरी दिन शुक्रवार को प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक ओमकार सिंह मरकाम ने अनुपूरक बजट में आदिवासियों के लिए सिर्फ 400 रुपये का प्रावधान करने का मुद्दा उठाया। इसे लेकर कांग्रेस विधायकों ने हंगामा किया। जब कार्यवाही स्थगित हो गई तो कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद और पीसी शर्मा ने पत्रकारों से बात की। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने हमीदिया कांड में नवजात शिशुओं की मौत के मामले में लीपापोती कर रही है। सरकार के दो मंत्रियों के बयान में अंतर देखने को मिला है। आदिवासियों के लिए अनुपूरक बजट में राशि कम रखी गई। इससे पहले भी जब हंगामा होता था तो विधानसभा 5-10 मिनट के लिए स्थगित होती थी। आज तो पूरा प्रश्नकाल ही स्थगित कर दिया गया। हम विधानसभा अध्यक्ष के सामने यह मुद्दे उठा रहे हैं।
विज्ञापन
उधर, सरकार के प्रवक्ता और गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने आरोप लगाया कि प्रश्नकाल विपक्ष के हथियार की तरह होता है। विपक्ष जनहित के मुद्दे उठा सकता है। पिछले सत्रों से साफ है कि विपक्ष प्रश्नकाल को बाधित करता है। इसे हल्ला काल बनाना चाहता है। शून्य काल में उठ सकने वाले विषयों को भी प्रश्नकाल में ही उठाता है। एक भी सत्र ऐसा नहीं है जब विपक्ष ने प्रश्नकाल को बाधित किया हो। आज कोई विषय नहीं था, फिर भी प्रश्नकाल नहीं चलने दिया।
विज्ञापन
