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MP News: जीरो शैडो डे आज, एक साथ दो खगोलीय घटनाएं होंगी, साल का पहला सुपरमून दिखेगा
Tue, 14 Jun 2022 11:00 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Tue, 14 Jun 2022 11:00 AM IST
सार
मंगलवार के दिन दो खगोलीय घटनाएं एक साथ होने जा रही हैं। जहां जीरो शैडो होने के चलते कुछ वक्त के लिए आपकी अपनी परछाई भी आपका साथ छोड़ देगी, तो वहीं शाम के समय आप सुपरमून को देख सकेंगे। आज (14 जून) भोपाल वासियों को साल का पहला सुपरमून देखने के मिलेगा।
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विज्ञान प्रसारक सारिका घारू।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मंगलवार के दिन दो खगोलीय घटनाएं एक साथ होने जा रही हैं। जहां जीरो शैडो होने के चलते कुछ वक्त के लिए आपकी अपनी परछाई भी आपका साथ छोड़ देगी, तो वहीं शाम के समय आप सुपरमून को देख सकेंगे। आज भोपालवासियों को साल का पहला सुपरमून देखने के मिलेगा। वट पूर्णिमा होने के चलते मंगलवार को पूनम का चांद भी वट वृक्ष की तरह की विशाल नजर आएगा। दोपहर के समय सूरज एकदम सीधी रेखा में होगा, जिसके चलते टावर, ऊंची मीनारों और खुद इंसान की परछाई कुछ समय के लिए धरती पर नहीं बनेगी।
नेशनल अवॉर्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने सुपरमून और जीरो शैडो डे के एक ही दिन होने जा रही खगोलीय घटनाओं की जानकारी दी। सारिका घारू ने बताया कि मकर रेखा से कर्क रेखा की ओर गति करता दिखता सूर्य अपने अंतिम पड़ाव के 7 दिन पहले मंगलवार को भोपाल के ठीक ऊपर पहुंचेगा। इस कारण आमतौर पर तिरछी पड़ने वाली किरणें भोपाल पर मध्यान्ह में ठीक सीधी पड़ेंगी। प्लस +23.5 एवं माइनस -23.5 अक्षांश( Latitude) के बीच रहने वालों के लिये पूरे साल में दो दिन ऐसे आते हैं, जबकि सूर्य ठीक सिर के ऊपर होता है। इस समय किसी भी वस्तु की परछाई दिखना बंद हो जाती है। इसे जीरो शैडो डे कहते हैं।
14 जून की शाम को खास खगोलीय घटना के बारे में सारिका ने बताया कि चन्द्रमा पृथ्वी की परिक्रमा अंडाकार पथ पर करते हुए 3,61,885 किमी से कम दूरी पर रहता है, तो उस समय पूर्णिमा का चन्द्रमा सुपरमून कहलाता है। पृथ्वी से 3 लाख 57 हजार 6 सौ 58 किमी की दूरी पर रहते हुए मंगलवार को यह सुपरमून होगा। यह माइक्रोमून की तुलना में 14 प्रतिशत बड़ा और 30 प्रतिशत ज्यादा चमकदार दिखेगा।
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सारिका ने बताया कि पश्चिमी देशों में इसे स्ट्रॉबैरी मून, रोज़मून और हनीमून भी कहा जाता है। इस साल का यह पहला सुपरमून होगा। पृथ्वी से चंद्रमा की यह निकटता शाम 5 बजकर 22 मिनिट पर होगी सारिका ने बताया कि दोपहर में अपनी काया से साया का साथ छोड़ते देखिये तो शाम सुपरमून को यादगार बनाने क्षितिज से उदित हो रहे चंद्रमा की फोटोग्राफी कीजिये। मून इल्युजन की घटना के कारण चंद्रमा विशाल गोले के रूप में दिखेगा।
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नेशनल अवॉर्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने सुपरमून और जीरो शैडो डे के एक ही दिन होने जा रही खगोलीय घटनाओं की जानकारी दी। सारिका घारू ने बताया कि मकर रेखा से कर्क रेखा की ओर गति करता दिखता सूर्य अपने अंतिम पड़ाव के 7 दिन पहले मंगलवार को भोपाल के ठीक ऊपर पहुंचेगा। इस कारण आमतौर पर तिरछी पड़ने वाली किरणें भोपाल पर मध्यान्ह में ठीक सीधी पड़ेंगी। प्लस +23.5 एवं माइनस -23.5 अक्षांश( Latitude) के बीच रहने वालों के लिये पूरे साल में दो दिन ऐसे आते हैं, जबकि सूर्य ठीक सिर के ऊपर होता है। इस समय किसी भी वस्तु की परछाई दिखना बंद हो जाती है। इसे जीरो शैडो डे कहते हैं।
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14 जून की शाम को खास खगोलीय घटना के बारे में सारिका ने बताया कि चन्द्रमा पृथ्वी की परिक्रमा अंडाकार पथ पर करते हुए 3,61,885 किमी से कम दूरी पर रहता है, तो उस समय पूर्णिमा का चन्द्रमा सुपरमून कहलाता है। पृथ्वी से 3 लाख 57 हजार 6 सौ 58 किमी की दूरी पर रहते हुए मंगलवार को यह सुपरमून होगा। यह माइक्रोमून की तुलना में 14 प्रतिशत बड़ा और 30 प्रतिशत ज्यादा चमकदार दिखेगा।
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सारिका ने बताया कि पश्चिमी देशों में इसे स्ट्रॉबैरी मून, रोज़मून और हनीमून भी कहा जाता है। इस साल का यह पहला सुपरमून होगा। पृथ्वी से चंद्रमा की यह निकटता शाम 5 बजकर 22 मिनिट पर होगी सारिका ने बताया कि दोपहर में अपनी काया से साया का साथ छोड़ते देखिये तो शाम सुपरमून को यादगार बनाने क्षितिज से उदित हो रहे चंद्रमा की फोटोग्राफी कीजिये। मून इल्युजन की घटना के कारण चंद्रमा विशाल गोले के रूप में दिखेगा।
