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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   MP News: Notice on Chief Minister's house gherao, Congress came to the rescue, said- State government is suppressing the voice of OBCs

MP News: मुख्यमंत्री आवास घेराव की चेतावनी पर नोटिस, कांग्रेस बचाव में आगे आई, कहा- ओबीसी की आवाज दबा रही राज्य सरकार

Sat, 01 Jan 2022 02:58 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: दिनेश शर्मा Updated Sat, 01 Jan 2022 02:58 PM IST
सार

मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण को लेकर राजनीति उफान पर है। कोई भी दल मुद्दा छोड़ना नहीं चाहता। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री निवास के घेराव की चेतावनी पर जारी एसीपी के नोटिस पर सियासत शुरू हो गई है। कांग्रेस से कमलनाथ और विवेक तन्खा ने ट्वीट किया है। 

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MP News: Notice on Chief Minister's house gherao, Congress came to the rescue, said- State government is suppressing the voice of OBCs
Bhopal: एसीपी के नोटिस पर विवेक तन्खा ने सवाल उठाए हैं - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण को लेकर राजनीति उफान पर है। कोई भी दल छोटा-सा भी मुद्दा छोड़ना नहीं चाहता। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री निवास के घेराव की चेतावनी पर जारी सहायक पुलिस कमिश्नर (एसीपी) के नोटिस पर सियासत शुरू हो गई है। कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा ने ट्वीट किया है।
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दरअसल ओबीसी के लिए काम करने वाले एक दल से जुड़े धर्मेंद्र कुशवाह को भोपाल के टीटीनगर थाना क्षेत्र के सहायक पुलिस कमिश्नर ने 107 का नोटिस जारी किया है। नोटिस में आज दस हजार रुपए का बांड भरने के लिए कुशवाह को बुलाया गया है। नोटिस में इस बात का भी उल्लेख है कि उन्होंने बिना अनुमति लिए लोगों को आमंत्रित किया है, जिससे भीड़ जैसी स्थिति उत्पन्न होगी। इससे भोपाल शहर की शांति भंग होने की आशंका है।
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एसीपी की यह कार्रवाई किए जाने के खिलाफ कांग्रेस ओबीसी आंदोलन के समर्थन में खड़ी हो गई है। कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा ने ट्वीट करते हुए कहा है कि भाजपा की मध्य प्रदेश सरकार ओबीसी नेताओं से डर रही है। शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर अपनी बात रखने का सबको अधिकार है। सरकार जब अपने आपको ओबीसी हितैषी बताती है तो फिर 107 के नोटिस देकर शांतिपूर्ण कार्यक्रम को रोकना क्यों चाहती है। भाजपा ओबीसी आंदोलन की आवाज को दबाना चाहती है। उनकी तकलीफ़ समझने की कोशिश कीजिए। ओबीसी संगठन के शांतिपूर्ण कार्यक्रम पर नोटिस दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें शांति पूर्ण प्रदर्शन की अनुमति दीजिए। नहीं तो भाजपा के कोई भी कार्यक्रम को पूरे देश में अनुमति देना बंद करिए।
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कमलनाथ बोले- क्यों डर रही सरकार
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी मामले में ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा कि ओबीसी महासभा द्वारा अपनी जायज़ मांगों को लेकर 2 जनवरी को सीएम हाउस के घेराव के पूर्व निर्धारित शांतिपूर्ण कार्यक्रम के पहले शिवराज सरकार उनके दमन पर उतारू हो गई है। ओबीसी महासभा के पदाधिकारियों के मुताबिक उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है। नोटिस थमाए जा रहे हैं, थानों में बैठाया जा रहा है। पता नहीं शिवराज सरकार को ओबीसी वर्ग से इतना भय क्यों? ना सरकार ओबीसी वर्ग का हित चाहती है और ना उनकी सुनना।

 

मामले में एसीपी उमेश तिवारी ने बताया कि आज धर्मेंद्र कुशवाह को बुलाया गया है। अगर वे उपस्थित नहीं होते हैं तो दूसरा नोटिस भेजा जाएगा और इसके बाद वारंट जारी किया जाएगा।
 
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