{"_id":"6385b0c9e855d46d326ba6bb","slug":"mp-news-gwalior-leader-pritam-lodhi-out-of-obc-mahasabha-after-bjp","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP News: ब्राह्मणों पर भड़काऊ बयान देने वाले प्रीतम लोधी ओबीसी महासभा से बाहर, भाजपा ने भी पार्टी से निकाला था","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP News: ब्राह्मणों पर भड़काऊ बयान देने वाले प्रीतम लोधी ओबीसी महासभा से बाहर, भाजपा ने भी पार्टी से निकाला था
Tue, 29 Nov 2022 03:47 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Tue, 29 Nov 2022 03:47 PM IST
सार
प्रीतम लोधी को ओबीसी महासभा से निकालने का फैसला राष्ट्रीय कोर कमेटी ने किया। इसके बाद महासभा के राष्ट्रीय सचिव ने पत्र जारी किया है।
विज्ञापन
प्रीतम लोधी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रीतम लोधी को अब ओबीसी महासभा ने भी बाहर कर दिया है। उन पर संगठन विरोधी और राजनीतिक गतिविधियों को संचालित करने का आरोप है। इससे पहले ब्राह्मणों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर प्रीतम लोधी को भाजपा ने अगस्त में पार्टी से निकाला था।
भाजपा से निकाले जाने के बाद से प्रीतम लोधी हमलावर भूमिका में थे। लगातार ऐसे बयान दे रहे थे, जिससे वर्ग संघर्ष के हालात बन रहे थे। इसके अलावा कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री से भी उनकी तू-तू मैं-मैं चल रही थी। ओबीसी महासभा की राष्ट्रीय कोर कमेटी के सदस्यों के निर्देश पर प्रीतम लोधी को बाहर किया गया है। इस संबंध में ओबीसी महासभा के राष्ट्रीय सचिव दिनेश इंजीनियर ने पत्र जारी किया है। इसमें प्रीतम लोधी को संगठन विरोधी, अनुशासनाहीनता और राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने के चलते कार्रवाई की बात कही गई है। उन्होंने पत्र में मुख्य मोर्चा, युवा मोर्चा, महिला मोर्चा, छात्र मोर्चा, कर्मचारी मोर्चा, किसान मोर्चा एवं सभी मोर्चो के देश/संभाग/ जिला/ ब्लॉक/ तहसील अध्यक्ष से अनुरोध किया गया है कि ओबीसी मोर्चा एक गैर-राजनीतिक संगठन है। इस सूचना के तत्काल बाद प्रीतम लोधी को किसी कार्यक्रम में आमंत्रित न किया जाए।
ओबीसी मोर्चा में दो फाड़
प्रीतम लोधी को निकालने को लेकर ओबीसी मोर्चा में ही दो फाड़ हो गई है। ओबीसी मोर्चा की राज्य इकाई के पदाधिकारी प्रीतम लोधी को निष्कासित करने से इनकार कर रहे है। प्रीतम लोधी जयस के साथ भोपाल में बड़ी बैठक करने जा रहे हैं। इसे लेकर प्रदेश में एक नए राजनीतिक समीकरण बनने के संकेत मिल रहे हैं। बीजेपी से निष्कासित होने के बाद प्रीतम लोधी बीजेपी पर लगातार हमलावर हैं। वह अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग की पैरवी कर रहे हैं। इस दौरान वे ओबीसी के बड़े नेता के रूप में उभरे हैं।
विज्ञापन
किस वजह से आए थे सुर्खियों में
अगस्त में प्रीतम लोधी ने कहा था कि ब्राह्मण बिना जजमान के जीवित नहीं रह सकता। ऐसे एक कथावाचक ब्राह्मण किसी को भी अपनी बातों में फंसाकर भागवत कराने के लिए दबाव बनाते रहते हैं। भागवत के दौरान ब्राह्मण खुद ऊंचे मंच पर विराजमान होता है और सभी को नीचे बिठाता है। वह भागवत के दौरान सभी को सात-आठ घंटे पागल बनाता रहता है। वह इस समय सबसे ज्यादा दान की बात करता है। वह पूरे दान को इकट्ठा कर भाग जाता है। इसके बाद भाजपा ने प्रीतम लोधी को पार्टी से निकाल दिया था।
विज्ञापन
भाजपा से निकाले जाने के बाद से प्रीतम लोधी हमलावर भूमिका में थे। लगातार ऐसे बयान दे रहे थे, जिससे वर्ग संघर्ष के हालात बन रहे थे। इसके अलावा कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री से भी उनकी तू-तू मैं-मैं चल रही थी। ओबीसी महासभा की राष्ट्रीय कोर कमेटी के सदस्यों के निर्देश पर प्रीतम लोधी को बाहर किया गया है। इस संबंध में ओबीसी महासभा के राष्ट्रीय सचिव दिनेश इंजीनियर ने पत्र जारी किया है। इसमें प्रीतम लोधी को संगठन विरोधी, अनुशासनाहीनता और राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने के चलते कार्रवाई की बात कही गई है। उन्होंने पत्र में मुख्य मोर्चा, युवा मोर्चा, महिला मोर्चा, छात्र मोर्चा, कर्मचारी मोर्चा, किसान मोर्चा एवं सभी मोर्चो के देश/संभाग/ जिला/ ब्लॉक/ तहसील अध्यक्ष से अनुरोध किया गया है कि ओबीसी मोर्चा एक गैर-राजनीतिक संगठन है। इस सूचना के तत्काल बाद प्रीतम लोधी को किसी कार्यक्रम में आमंत्रित न किया जाए।
विज्ञापन
ओबीसी मोर्चा में दो फाड़
प्रीतम लोधी को निकालने को लेकर ओबीसी मोर्चा में ही दो फाड़ हो गई है। ओबीसी मोर्चा की राज्य इकाई के पदाधिकारी प्रीतम लोधी को निष्कासित करने से इनकार कर रहे है। प्रीतम लोधी जयस के साथ भोपाल में बड़ी बैठक करने जा रहे हैं। इसे लेकर प्रदेश में एक नए राजनीतिक समीकरण बनने के संकेत मिल रहे हैं। बीजेपी से निष्कासित होने के बाद प्रीतम लोधी बीजेपी पर लगातार हमलावर हैं। वह अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग की पैरवी कर रहे हैं। इस दौरान वे ओबीसी के बड़े नेता के रूप में उभरे हैं।
विज्ञापन
किस वजह से आए थे सुर्खियों में
अगस्त में प्रीतम लोधी ने कहा था कि ब्राह्मण बिना जजमान के जीवित नहीं रह सकता। ऐसे एक कथावाचक ब्राह्मण किसी को भी अपनी बातों में फंसाकर भागवत कराने के लिए दबाव बनाते रहते हैं। भागवत के दौरान ब्राह्मण खुद ऊंचे मंच पर विराजमान होता है और सभी को नीचे बिठाता है। वह भागवत के दौरान सभी को सात-आठ घंटे पागल बनाता रहता है। वह इस समय सबसे ज्यादा दान की बात करता है। वह पूरे दान को इकट्ठा कर भाग जाता है। इसके बाद भाजपा ने प्रीतम लोधी को पार्टी से निकाल दिया था।
