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MP News: NCSC ने कलेक्टर से मांगी रिपोर्ट, सागर पब्लिक स्कूल से शिक्षिका को अपमानित कर निकालने का मामला
Thu, 06 Oct 2022 07:01 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Thu, 06 Oct 2022 07:01 PM IST
सार
महिला शिक्षिका को बिना नोटिस देकर जातिसूचक शब्द कह अपमानित कर निकालने के मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एनसीएससी) ने पीड़िता और आरोपी के सबंध में भोपाल कलेक्टर, पुलिस कमिश्नर और स्कूल शिक्षा विभाग से जानकारी मांगी है।
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एनसीएससी ने भोपाल कलेक्टर से मांगी रिपोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भोपाल के रोहित नगर स्थित निजी सागर पब्लिक स्कूल से म्यूजिक शिक्षिका अनीता पठोदिया को नौकरी से निकालने के मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एनसीएससी) ने रिपोर्ट तलब की है। आयोग ने भोपाल कलेक्टर, पुलिस आयुक्त और स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों से 15 दिन में जवाब मांगा है।
आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने शिक्षिका को अमानित कर बिना नोटिस दिए नौकरी से निकाल दिया था। इस मामले में शिक्षिका की तरफ से अनुसूचित जाति आयोग, स्कूल शिक्षा विभाग और पुलिस को शिकायत की गई थी। जिसमें जातिसूचक अपशब्द बोलकर बिना नोटिस दिए स्कूल से निकालने की बात कही थी। स्कूल शिक्षा विभाग की तरफ से स्कूल से जवाब तलब भी किया गया था, लेकिन बाद में अधिकारियों ने मामले में कोई गंभीरता नहीं दिखाई। वहीं, स्कूल प्रबंधन ने मामले को रफा दफा करने के लिए जबरन दो महीने का वेतन खाते में डाल दिया।
अब इस मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने पीड़िता और आरोपी के सबंध में भोपाल कलेक्टर, पुलिस कमिश्नर और स्कूल शिक्षा विभाग से जानकारी मांगी है। इसमें एफआईआर की कॉपी से लेकर अब तक की गई कार्रवाई की पूरी डिटेल 15 दिन में उपलब्ध कराने को कहा गया है।
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शिक्षिका की शिकायत के अनुसार स्कूल प्रबंधन ने उनको जाति सूचक शब्द बोलकर हटा दिया। वह 8 साल से स्कूल में पदस्थ थीं। शिक्षका का आरोप है कि उनको वेतन भी नहीं दिया गया। ऐसा बताया जा रहा है कि स्कूल प्रबंधन पुराने शिक्षकों को हटाने के षड्यंत्र के लिए प्रताड़ित कर रहा है। ताकि उनको ग्रेच्यूटी समेत अन्य सुविधाओं का लाभ ना देना पड़ा।
इससे पहले भी सागर पब्लिक स्कूल के खिलाफ एक शिक्षक ने स्कूल शिक्षा विभाग और सीबीएसई को शिकायत कर दी थी। इसके बाद स्कूल की मान्यता रद्द करने कर दी गई थी। अब स्कूल प्रबंधन के खिलाफ फिर एक शिक्षिका ने शिकायत की है।
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आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने शिक्षिका को अमानित कर बिना नोटिस दिए नौकरी से निकाल दिया था। इस मामले में शिक्षिका की तरफ से अनुसूचित जाति आयोग, स्कूल शिक्षा विभाग और पुलिस को शिकायत की गई थी। जिसमें जातिसूचक अपशब्द बोलकर बिना नोटिस दिए स्कूल से निकालने की बात कही थी। स्कूल शिक्षा विभाग की तरफ से स्कूल से जवाब तलब भी किया गया था, लेकिन बाद में अधिकारियों ने मामले में कोई गंभीरता नहीं दिखाई। वहीं, स्कूल प्रबंधन ने मामले को रफा दफा करने के लिए जबरन दो महीने का वेतन खाते में डाल दिया।
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अब इस मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने पीड़िता और आरोपी के सबंध में भोपाल कलेक्टर, पुलिस कमिश्नर और स्कूल शिक्षा विभाग से जानकारी मांगी है। इसमें एफआईआर की कॉपी से लेकर अब तक की गई कार्रवाई की पूरी डिटेल 15 दिन में उपलब्ध कराने को कहा गया है।
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शिक्षिका की शिकायत के अनुसार स्कूल प्रबंधन ने उनको जाति सूचक शब्द बोलकर हटा दिया। वह 8 साल से स्कूल में पदस्थ थीं। शिक्षका का आरोप है कि उनको वेतन भी नहीं दिया गया। ऐसा बताया जा रहा है कि स्कूल प्रबंधन पुराने शिक्षकों को हटाने के षड्यंत्र के लिए प्रताड़ित कर रहा है। ताकि उनको ग्रेच्यूटी समेत अन्य सुविधाओं का लाभ ना देना पड़ा।
इससे पहले भी सागर पब्लिक स्कूल के खिलाफ एक शिक्षक ने स्कूल शिक्षा विभाग और सीबीएसई को शिकायत कर दी थी। इसके बाद स्कूल की मान्यता रद्द करने कर दी गई थी। अब स्कूल प्रबंधन के खिलाफ फिर एक शिक्षिका ने शिकायत की है।
