{"_id":"61b0aa4c5e75f3591804e5d8","slug":"mp-high-court-why-did-not-give-job-opportunity-to-transgender-in-high-court-question-asked-in-pil","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP High Court: हाईकोर्ट में ट्रांसजेंडर को नौकरी का मौका क्यों नहीं दिया, जनहित याचिका में पूछा सवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP High Court: हाईकोर्ट में ट्रांसजेंडर को नौकरी का मौका क्यों नहीं दिया, जनहित याचिका में पूछा सवाल
Wed, 08 Dec 2021 06:21 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Wed, 08 Dec 2021 06:21 PM IST
सार
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में चतुर्थ श्रेणी की भर्ती के लिए आवेदन जारी हुए हैं। इनमें ट्रांसजेंडर या थर्ड जेंडर का प्रावधान नहीं है। इसके विरोध में जनहित याचिका दाखिल हुई है। इस पर नोटिस जारी हुए हैं।
विज्ञापन
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में चतुर्थ श्रेणी की भर्ती निकली है। 26 अक्टूबर 2021 को नोटिफिकेशन जारी हुआ था। आवेदन ऑनलाइन जमा होने थे और अंतिम तारीख 24 नवंबर 2021 थी। इन भर्तियों में थर्ड जेंडर का विकल्प नहीं दिया गया, जिस वजह से आवेदन दाखिल नहीं हो सका। अब इस पर सवाल उठाते हुए जनहित याचिका दाखिल हुई है। इस पर चीफ जस्टिस की बेंच ने नोटिस जारी किए हैं।
जनहित याचिका ट्रांसजेंडर नूरी ने दाखिल की है। उसकी वकील शगुफ्ता सन्नो खान ने कहा कि भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन करना था। याचिकाकर्ता ने जब कोशिश की तो आवेदन में थर्ड जेंडर का प्रावधान ही नहीं था। इस कारण वह नौकरी के लिए आवेदन नहीं कर सकी। इस पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमठ तथा जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की बेंच ने पार्टियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही यह भी कहा है कि इस मामले में जो भी आदेश आएगा, उसके आधार पर नियुक्ति का अंतिम आदेश जारी होगा।
याचिका में यह भी दलील दी गई है कि ट्रांसजेंडर भी भारतीय नागरिक है। संविधान के तहत उन्हें भी अधिकार मिले हुए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। नौकरी के आवेदन से वंचित किया जाना ट्रांसजेंडर पर्सन प्रोटेक्शन एंड राइट एक्ट 2019 की मूल भावना के विपरीत है। याचिका पर सुनवाई के बाद युगलपीठ ने नोटिस जारी किए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
जनहित याचिका ट्रांसजेंडर नूरी ने दाखिल की है। उसकी वकील शगुफ्ता सन्नो खान ने कहा कि भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन करना था। याचिकाकर्ता ने जब कोशिश की तो आवेदन में थर्ड जेंडर का प्रावधान ही नहीं था। इस कारण वह नौकरी के लिए आवेदन नहीं कर सकी। इस पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमठ तथा जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की बेंच ने पार्टियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही यह भी कहा है कि इस मामले में जो भी आदेश आएगा, उसके आधार पर नियुक्ति का अंतिम आदेश जारी होगा।
विज्ञापन
याचिका में यह भी दलील दी गई है कि ट्रांसजेंडर भी भारतीय नागरिक है। संविधान के तहत उन्हें भी अधिकार मिले हुए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। नौकरी के आवेदन से वंचित किया जाना ट्रांसजेंडर पर्सन प्रोटेक्शन एंड राइट एक्ट 2019 की मूल भावना के विपरीत है। याचिका पर सुनवाई के बाद युगलपीठ ने नोटिस जारी किए हैं।
विज्ञापन
