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MP High Court: लैंगिक उत्पीड़न की शिकायत की तो नौकरी से हटाया, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

Wed, 22 Jun 2022 04:14 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: दिनेश शर्मा Updated Wed, 22 Jun 2022 04:14 PM IST
सार

एक स्कूल की कंप्यूटर शिक्षिका को लैंगिक शिकायत करने पर नौकरी से बर्खास्त कर दिया। पीड़िता ने कोर्ट का शरण ली। कोर्ट ने अब स्कूल प्रबंधन से जवाब तलब किया है। 

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MP High Court: If you complained of sexual harassment, then removed from the job, the High Court sought the answer
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

यौन उत्पीड़न तथा भ्रष्टाचार संबंधित शिकायत करने पर नौकरी से हटाए जाने को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। हाईकोर्ट जस्टिस एमएस भट्टी की एकलपीठ ने याचिका की सुनवाई करते हुए अनावेदक स्कूल को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि निलंबन आदेश याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा।
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याचिकाकर्ता सविस्ता खान की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि वह साल 2007 से भोपाल स्थित चैम्पियन स्कूल में कम्प्यूटर टीचर के रूप में कार्यरत है। लैपटॉप, टैबल सहित अन्य सामान की सप्लाई ऑर्डर देने के 13 माह बाद भी नहीं होने की शिकायत उसने स्कूल प्रबंधन से की थी। शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर उसने संबंधित बैक से संपर्क किया। बैंक कर्मचारियों द्वारा द्वीअर्थी अश्लील शब्दों का इस्तेमाल किया, जिसके संबंध में शिकायत की थी। जिसके बाद स्कूल के प्रबंधक सदस्य महेन्द्र कोठारी उसे मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने लगे। 
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प्रबंधक सदस्य द्वारा लैंगिक प्रताड़ना की शिकायत उसके द्वारा स्कूल प्रबंधन से की गई थी। स्कूल प्रबंधन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किए जाने पर उसने पुलिस में शिकायत दर्ज की थी। स्कूल के प्रभाव के कारण पुलिन ने एफआईआर दर्ज नहीं की। स्कूल के बोर्ड मेम्बरों ने 17 जनवरी 2022 को मीटिंग कर उसे नोटिस जारी कर दो दिनों में जवाब मांगा। जवाब पेश करने के लिए सिर्फ दो दिन का समय प्रदान करने हुए उसे 21 जनवरी को नौकरी से बर्खास्त करने के आदेश पारित कर दिए। याचिका की सुनवाई के बाद एकलपीठ ने उक्त आदेश जारी किए। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता आदित्य संघी ने पैरवी की। 
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