एमपीः आंख गंवाने वालों को हर महीने 5 हजार देगी सरकार
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मध्यप्रदेश में आंखों के आपरेशन के दौरान अपनी रोशनी खोने वाले लोगों के लिए शिवराज सिंह सरकार राहत भरी खबर लेकर आई है। सरकार ने सभी पीड़ितों को पांच हजार रुपये मासिक पेंशन देने की घोषणा की है।
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार मुख्यमंत्री ने अगले आदेश तक फिलहाल सभी नेत्र चिकित्सा शिविरों पर रोक लगा दी है। मंगलवार को प्रदेश सरकार ने इसकी घोषणा की। बता दें कि मध्यप्रदेश के बड़वाणी में बीते 16 नवबंर को नेत्र रोगियों के लिए चिकित्सा शिविर लगाया था।
जिला अस्पताल में लगे शिविर में 90 रोगियों की आंखों के मोतियाबिंद का आपरेशन किया गया था। आपरेशन के बाद काफी संख्या में रोगियों को आंखों में इन्फेक्शन की दिक्कत हुई थी। जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
उपचार के दौरान इनमें से 23 लोगों की आंखों की रोशनी चली गई थी। मामले में सरकार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए नेत्र चिकित्सक को निलंबित कर अपर वित्त सचिव के नेतृत्व में जांच कमेटी बैठा दी थी।
विधानसभा में हुआ जमकर हंगामा
दो दिन पहले सरकार ने कार्रवाई करते हुए अस्पताल के सिविल सर्जन को भी निलंबित करने के साथ ही प्रत्येक पीड़ित को 2 लाख रुपये मदद की घोषणा भी की थी। वहीं सरकार द्वारा बनाई गई जांच कमेटी में इंदौर के एमजीएम मेडिकल कालेज के डीन, भोपाल स्थित एम्स के विशेषज्ञ शामिल थे।
टीम ने जांच शुरू करते हुए मरीजों को दी गई दवाइयों और अस्पताल में मौजूद सुविधाओं का जायजा लिया। टीम ने यह जांचने का प्रयास किया कि आपरेशन से पहले और बाद में कहां चूक हुई जिसकी वजह से इस तरह लोगों को अपनी आंखों से हाथ धोना पड़ा।
जानकारी के अनुसार राज्य में हर साल पांच लाख से ज्यादा मरीजों की आंखों का मोतियाबिंद का आपरेशन किया जाता है। विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान सवाल पूछने पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने बताया कि जांच के बाद गलती पाए जाने पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा।
वहीं इस मुद्दे को लेकर विधानसभा में मंगलवार को जमकर हंगामा हुआ। विपक्षी कांग्रेस ने इस मुद्दे पर स्वास्थ्य मंत्री से इस्तीफा देने की मांग की, लेकिन सरकार ने इसे सिरे से नकार दिया।
