{"_id":"5be50bb3bdec22699d5ad49c","slug":"mp-election-2018-candidate-deposited-rupees-10-thousand-in-coins-as-election-guarantee-in-indore","type":"story","status":"publish","title_hn":"..जब चुनावी जमानत की रकम भरने 10 हजार के सिक्के लेकर पहुंचा उम्मीदवार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
..जब चुनावी जमानत की रकम भरने 10 हजार के सिक्के लेकर पहुंचा उम्मीदवार
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Updated Fri, 09 Nov 2018 09:53 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2018 में इंदौर में दिलचस्प चुनावी रंग देखने को मिला। जिला निर्वाचन कार्यालय के अधिकारी गुरुवार को उस समय भौंचक्के रह गये, जब 28 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनावों के लिये जमानत की रकम भरने आये एक उम्मीदवार ने उनके सामने 10,000 रुपये के सिक्कों का ढेर लगा दिया।
निर्वाचन अधिकारी शाश्वत शर्मा ने "पीटीआई-भाषा" को बताया कि दीपक पवार इंदौर के क्षेत्र क्रमांक-तीन से विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं। वह जमानत की रकम के रूप में 10,000 रुपये की रेजगारी साथ लेकर आये थे। यह रेजगारी एक-एक रुपये के सिक्कों के रूप में थी। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के दौरान पांच लोगों ने सिक्के गिनकर उन्हें रसीद दी।
अधिकारी ने बताया कि पवार ने चुनावी जमानत की रकम तो भर दी है। लेकिन फिलहाल अपना पर्चा दाखिल नहीं किया है।
प्रदेश के विधानसभा चुनावों के लिये पर्चा भरने की नौ नवम्बर को आखिरी तारीख है।
इस बीच, पवार ने संवाददाताओं को बताया कि वह पेशे से वकील हैं और चुनावों में पहली बार किस्मत आजमाने जा रहे हैं।
जमानत की रकम के रूप में रेजगारी जमा करने का कारण पूछे जाने पर उन्होंने दावा किया कि बाजार में इन दिनों नकदी की खासी किल्लत है और लोगों ने उन्हें चुनावी चंदे के रूप में केवल सिक्के दिये।
विज्ञापन
खुद को स्वर्णिम भारत इंकलाब पार्टी का नेता बताने वाले पवार ने कहा, "चुनावी चंदे में नोट नहीं मिलने पर मुझे इन सिक्कों को ही जमानत की रकम के रूप में जमा कराना पड़ा।" (इनपुट:भाषा)
विज्ञापन
निर्वाचन अधिकारी शाश्वत शर्मा ने "पीटीआई-भाषा" को बताया कि दीपक पवार इंदौर के क्षेत्र क्रमांक-तीन से विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं। वह जमानत की रकम के रूप में 10,000 रुपये की रेजगारी साथ लेकर आये थे। यह रेजगारी एक-एक रुपये के सिक्कों के रूप में थी। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के दौरान पांच लोगों ने सिक्के गिनकर उन्हें रसीद दी।
विज्ञापन
अधिकारी ने बताया कि पवार ने चुनावी जमानत की रकम तो भर दी है। लेकिन फिलहाल अपना पर्चा दाखिल नहीं किया है।
प्रदेश के विधानसभा चुनावों के लिये पर्चा भरने की नौ नवम्बर को आखिरी तारीख है।
इस बीच, पवार ने संवाददाताओं को बताया कि वह पेशे से वकील हैं और चुनावों में पहली बार किस्मत आजमाने जा रहे हैं।
जमानत की रकम के रूप में रेजगारी जमा करने का कारण पूछे जाने पर उन्होंने दावा किया कि बाजार में इन दिनों नकदी की खासी किल्लत है और लोगों ने उन्हें चुनावी चंदे के रूप में केवल सिक्के दिये।
विज्ञापन
खुद को स्वर्णिम भारत इंकलाब पार्टी का नेता बताने वाले पवार ने कहा, "चुनावी चंदे में नोट नहीं मिलने पर मुझे इन सिक्कों को ही जमानत की रकम के रूप में जमा कराना पड़ा।" (इनपुट:भाषा)
