अनूठी सजा: बिना मास्क निकले लोगों को पकड़ा, पहले 'जेल' में रखा, फिर लिखवाया कोरोना पर निबंध
मध्यप्रदेश के देवास शहर में शुक्रवार को मास्क नहीं लगाने वाले लोगों को प्रशासन ने एक अनूठी सजा दी। देवास में जिन लोगों को बिना मास्क के घर से बाहर निकलते पकड़ा, उनसे कोरोना विषय पर निबंध लिखवाया। सभी ने अपनी कॉपियों में एक से बढ़कर एक जानकारी लिखी। किसी ने बीमारी के लक्षणों को लेकर सवाल उठाए, तो किसी ने इसके लिए चीन को जिम्मेदार ठहराया। खास बात ये रही कि निबंध के उपसंहार में लोग मास्क लगाने का संदेश देना नहीं भूले।
देश में शुक्रवार को सरकार ने सख्ती से पेश आने के साथ ही लोगों को मास्क नहीं पहनने के लिए अनूठी सजा सुनाई। प्रशासन ने सजा के तौर पर फरमान सुनाया कि कोरोना पर निबंध लिखें। यह सुनते ही लोग बच्चों की तरह सिर पर हाथ रखकर सोचने लगे और फिर अपने-अपने विचार कागज पर उतारे। किसी ने बीमारी के लक्षणों को लेकर ही सवाल उठाए, तो किसी ने इसके लिए चीन को जिम्मेदार ठहराया। निबंध उपसंहार के रूप में कोरोना पर निबंध लिखने वाले सभी लोग मास्क लगाने का संदेश देना नहीं भूले। निबंध लिखने के बाद ही इन लोगों को खुली जेल से छुट्टी मिली।
दो गज दूरी मास्क जरूरी
शुक्रवार को प्रशासन ने बिना मास्क के घूम रहे 72 लाेगाें के खिलाफ कार्रवाई की।इन लोगों को शासकीय चिमनाबाई स्कूल में बनाई गई खुली जेल में रखा। यहां उनसे कहा गया कि काेराेना पर निबंध लिखिए। तहसीलदार प्रवीण पाटीदार के मुताबिक, कलेक्टर ने हमें यह आइडिया दिया कि ऐसे लोगों से निबंध भी लिखवाएं ताकि उनमें जागरूकता आए, वे मास्क की अहमियत समझ सकें, इसलिए यह प्रयोग शुरू किया। खास बात यह रही कि सभी ने दो गज दूरी मास्क जरूरी का संदेश लिखा।
एक ने पूछा, कोरोना की असली पहचान क्या?
विश्व स्वास्थ्य संगठन कहता है कि खांसने या छींकने से यह बीमारी फैलती है, तो क्या पूर्व में वायरल फीवर नहीं होता था? जवाब हां है, तो कोरोना की असली पहचान क्या है?
चीन से फैले कोरोना ने हमारा जीवन नरक किया
कोरोना एक ऐसी बीमारी है, जो चीन नामक देश से शुरू हुई और धीरे-धीरे चारों तरफ फैल गई। अब यह गांव में भी पहुंच गई है। हमारा जीवन नरक कर दिया।
एक ने लिखा, बेहतर कल की उम्मीद
भारत ने वैक्सीन का निर्माण कर पूरे विश्व को संदेश दिया है। एक बेहतर कल की उम्मीद के साथ यही निवेदन करता हूं कि दो गज दूरी, मास्क है जरूरी।
