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एमपीः चीनी कर्मचारियों पर बीफ खाने का शक, जांच शुरु
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 28 Jun 2016 05:48 PM IST
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- फोटो : times of india
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मध्यप्रदेश का सासन पावर प्रोजक्ट अचानक पुलिस के रडार पर आ गया है वजह है वहां काम करने वाले चीनी कर्मचारी, जिन पर लगा है बीफ खाने का आरोप। वहीं सासन कंपनी का कहना है कि चीनी उनके कर्मचारी नहीं हैं वह पावर प्लांट की स्थापना के काम से जुड़े हैं।
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असल में ये वाक्या उस समय सामने आया जब पावर प्लांट की कैंटीन का एक कर्मचारी दो दिन पहले 65 किलो मांस के साथ पकड़ा गया। जिसे बीफ बताया जा रहा है। उसे जांच के लिए लैब भेजा गया है।
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वहीं पकड़े गए कैंटीन के कर्मचारी ने बताया कि वह पिछले एक साल से चीनी कर्मचारियों के लिए मीट ला रहा है जिसे वह छत्तीसगढ़ से मंगवाता था। मामले में चार लोगों के खिलाफ मध्य प्रदेश गो रक्षा अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने कंपनी के एचआर को भी नोटिस भेजकर कैंटीन संचालक और ग्राहकों की जानकारी मांगी है।
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असल में ये मामला तब सामने आया जब बीते शनिवार को विश्व हिंदू परिषद के कुछ सदस्यों ने सिंगरौली से बीफ आने की सूचना पर बाइक सवार तीन युवकों को पकड़ लिया था। सासन पावर प्रोजक्ट के निकट सिद्धी खुर्द गांव में पकड़े गए तीनों युवकों में से दो फरार होने में सफल रहे थे जबकि राम सागर जायसवाल नाम के युवक को पुलिस के हवाले कर दिया गया था।
विहिप कार्यकर्ताओं का आरोप था कि आरोपी युवक बोरी में गोमांस लेकर जा रहे थे। वैधन थाना इंचार्ज महेन्द्र सिंह ने बताया कि राम सागर छत्तीसगढ़ का रहने वाला है और सासन पावर प्रोजेक्ट की कैंटीन में काम करता है। वह छत्तीसगढ़ से बीफ लाकर कैंटीन मेंइस्तेमाल करता था।
कार्यकर्ताओं ने कंपनी में काम करने वाले चीनी कर्मचारियों पर बीफ खाने का आरोप लगाया था। वहीं पकड़े गए कैंटीन कर्मचारी राम सागर ने स्वीकार किया था कि बीफ का इस्तेमाल कैंटीन में होता है।
विहिप नेता राजबहादुर का कहना था कि राम सागर की भूमिका इसमें बहुत छोटी सी है वह तो केवल कैंटीन में काम करने वाला कर्मचारी है। असली गुनहगार तो वो हैं जो बीफ का व्यापार करते हैं और उसे खाते हैं। पुलिस ने उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन किया जाएगा।
विहिप कार्यकर्ताओं का आरोप था कि आरोपी युवक बोरी में गोमांस लेकर जा रहे थे। वैधन थाना इंचार्ज महेन्द्र सिंह ने बताया कि राम सागर छत्तीसगढ़ का रहने वाला है और सासन पावर प्रोजेक्ट की कैंटीन में काम करता है। वह छत्तीसगढ़ से बीफ लाकर कैंटीन मेंइस्तेमाल करता था।
कार्यकर्ताओं ने कंपनी में काम करने वाले चीनी कर्मचारियों पर बीफ खाने का आरोप लगाया था। वहीं पकड़े गए कैंटीन कर्मचारी राम सागर ने स्वीकार किया था कि बीफ का इस्तेमाल कैंटीन में होता है।
विहिप नेता राजबहादुर का कहना था कि राम सागर की भूमिका इसमें बहुत छोटी सी है वह तो केवल कैंटीन में काम करने वाला कर्मचारी है। असली गुनहगार तो वो हैं जो बीफ का व्यापार करते हैं और उसे खाते हैं। पुलिस ने उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन किया जाएगा।
