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MP News: आलीराजपुर में CM के नाम से फर्जी ट्रांसफर आदेश का खेल, एक आरोपी गिरफ्तार
Sun, 23 Aug 2026 05:21 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आलीराजपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आलीराजपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sun, 23 Aug 2026 05:21 PM IST
सार
आलीराजपुर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम और तस्वीर का इस्तेमाल कर आयुष डॉक्टर के फर्जी तबादला आदेश का मामला सामने आया है। सीएमएचओ को भेजे गए फर्जी सरकारी लेटरहेड की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर सीहोर निवासी मुकेश भोसले को गिरफ्तार किया। पुलिस मामले में अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
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फर्जी तबादला आदेश बनाने वाले आऱोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम और तस्वीर का इस्तेमाल कर फर्जी सरकारी लेटरहेड तैयार कर आयुष डॉक्टर के तबादले का आदेश जारी करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। फर्जी आदेश को आलीराजपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश अतुलकर के व्हाट्सएप पर भेजा गया था। आदेश में आयुष विभाग के एक डॉक्टर का उदयगढ़ से सोंडवा तबादला करने के निर्देश दिए गए थे।
फर्जी आदेश मिलने के बाद सीएमएचओ को पत्र की भाषा और प्रारूप पर संदेह हुआ। जांच-पड़ताल में आदेश फर्जी पाए जाने के बाद डॉ. अतुलकर ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की तस्वीर और मध्यप्रदेश शासन का आधिकारिक लोगो लगाकर ऐसा लेटरहेड तैयार किया था, जो देखने में प्रथम दृष्टया सरकारी आदेश जैसा प्रतीत होता था। इसी फर्जी लेटरहेड पर आयुष डॉक्टर के तबादले का आदेश तैयार कर सीएमएचओ को भेजा गया।
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ये भी पढ़ें- तीन की मौत: राखी का बुलावा देने जा रहे भाई-भतीजे और काका बने हादसे का शिकार, बहन के घर से पांच KM दूर हुई घटना
मामले का खुलासा करते हुए आलीराजपुर एसपी रघुवंश सिंह भदौरिया ने बताया कि मुख्यमंत्री के नाम से फर्जी लेटरहेड बनाकर आयुष डॉक्टर के स्थानांतरण संबंधी आदेश भेजा गया था। शिकायत के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मुकेश पिता रामसिंह भोसले, निवासी श्यामपुरा, जिला सीहोर के रूप में हुई है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले की जांच जारी है।
अब पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि मुख्यमंत्री के नाम से फर्जी सरकारी आदेश तैयार करने के पीछे आरोपी का वास्तविक मकसद क्या था और क्या इस पूरे फर्जीवाड़े में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है। पूछताछ और जांच के दौरान मामले से जुड़े अन्य नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
मुख्यमंत्री के नाम और शासन के आधिकारिक प्रतीकों का इस्तेमाल कर फर्जी आदेश तैयार किए जाने की घटना ने सरकारी दस्तावेजों की सुरक्षा और उनके दुरुपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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फर्जी आदेश मिलने के बाद सीएमएचओ को पत्र की भाषा और प्रारूप पर संदेह हुआ। जांच-पड़ताल में आदेश फर्जी पाए जाने के बाद डॉ. अतुलकर ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
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पुलिस के अनुसार आरोपी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की तस्वीर और मध्यप्रदेश शासन का आधिकारिक लोगो लगाकर ऐसा लेटरहेड तैयार किया था, जो देखने में प्रथम दृष्टया सरकारी आदेश जैसा प्रतीत होता था। इसी फर्जी लेटरहेड पर आयुष डॉक्टर के तबादले का आदेश तैयार कर सीएमएचओ को भेजा गया।
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मामले का खुलासा करते हुए आलीराजपुर एसपी रघुवंश सिंह भदौरिया ने बताया कि मुख्यमंत्री के नाम से फर्जी लेटरहेड बनाकर आयुष डॉक्टर के स्थानांतरण संबंधी आदेश भेजा गया था। शिकायत के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मुकेश पिता रामसिंह भोसले, निवासी श्यामपुरा, जिला सीहोर के रूप में हुई है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले की जांच जारी है।
अब पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि मुख्यमंत्री के नाम से फर्जी सरकारी आदेश तैयार करने के पीछे आरोपी का वास्तविक मकसद क्या था और क्या इस पूरे फर्जीवाड़े में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है। पूछताछ और जांच के दौरान मामले से जुड़े अन्य नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
मुख्यमंत्री के नाम और शासन के आधिकारिक प्रतीकों का इस्तेमाल कर फर्जी आदेश तैयार किए जाने की घटना ने सरकारी दस्तावेजों की सुरक्षा और उनके दुरुपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
