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MP News: मंदसौर किसान आंदोलन के दौरान हुआ था गोलीकांड, सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को जारी किया नोटिस

Mon, 24 Mar 2025 07:48 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, मंदसौर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, मंदसौर Published by: अरविंद कुमार Updated Mon, 24 Mar 2025 07:48 PM IST
सार

Mandsaur Farmers Agitation: मंदसौर किसान आंदोलन के दौरान हुए गोलीकांड को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। चार सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा गया है।

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MP News Firing took place during Mandsaur farmers agitation Supreme Court issued notice to state government
पूर्व विधायक पारस सखलेचा, जिन्होंने लगाई सुप्रीम कोर्ट में याचिका - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मंदसौर जिले में आठ साल पहले हुए किसान आंदोलन के दौरान गोलीकांड को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। रतलाम के पूर्व विधायक पारस सखलेचा की याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्चतम न्यायालय ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है और चार सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा गया है। 

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 मंदसौर में हुए किसान आंदोलन (फाइल फोटो)

पीटिशनर श्री सलखेचा ने पूर्व में इस मामले मे हाईकोर्ट खंडपीठ (इंदौर) में याचिका लगाई थी, जिसे निरस्त कर दिया था। हाईकोर्ट के फैसले के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका दायर की गई थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान में लिया है।
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छह जून 2017 को मंदसौर के पिपलिया मंडी में पार्श्वनाथ चौपाटी पर किसान आंदोलन ने उग्र रूप लिया था। इसी दौरान पुलिस ने गोलियां चला दी और पांच किसान की मृत्यु हो गई थी। सरकार ने गोलीकांड की विस्तृत जांच के लिए जैन आयोग का गठन किया था। जैन आयोग ने अपनी रिपोर्ट 13 जून 2018 को राज्य शासन को पेश की थी, पर जैन आयोग की रिपोर्ट विधानसभा के सूचना पटल पर नहीं रखी जाने पर पूर्व विधायक पारस सखलेचा ने आपत्ति ली और हाईकोर्ट में सीबीआई जांच करवाने व जिम्मेदार अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज किए जाने को लेकर तीन मई 2022 हाईकोर्ट (इंदौर) खंडपीठ में याचिका लगाई थी। 

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हाईकोर्ट इंदौर के न्यायाधीश विवेक रूसिया और बिनोद कुमार द्विवेदी ने 14 अक्तूबर 2024 को खारिज करते हुए कहा कि घटना को 6-7 साल हो जाने पर उसकी रिपोर्ट को विधानसभा के पटल पर रखने का कोई आधार नजर नहीं आ रहा है। उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ पारस सकलेचा ने आठ जनवरी 2025 को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। पूर्व विधायक श्री सखलेचा के तरफ से सीनियर एडवोकेट विवेक तन्खा और सर्वम रितम खरे ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई। जहां से  सीनियर एडवोकेट के तर्क सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने राज्य शासन को नोटिस जारी करने का आदेश दिया और चार सप्ताह के दौरान जवाब मांगा गया है। 

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