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मध्यप्रदेशः कमल या कमलनाथ, सरकार के शक्ति परीक्षण पर संशय बरकरार

Mon, 16 Mar 2020 04:47 AM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला,भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,भोपाल Published by: संजीव कुमार झा Updated Mon, 16 Mar 2020 04:47 AM IST
सार

  • विधानसभा की कार्यसूची में नहीं फ्लोर टेस्ट का जिक्र, कमलनाथ सरकार ने चला कोरोना का दांव
  • राज्यपाल ने वोटिंग सिस्टम खराब होने पर जताई नाराजगी, दूसरा पत्र भेजकर हाथ उठाकर मत विभाजन के दिए आदेश

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Madhya pradesh, kamal nath government floor test live updates
कमलनाथ (फाइल फोटो) - फोटो : Social Media

विस्तार

मध्य प्रदेश में सोमवार को विधानसभा में कमलनाथ सरकार के शक्ति परीक्षण को लेकर संशय का माहौल बन गया है। विधानसभा सचिवालय की तरफ से रविवार रात जारी की गई सोमवार की कार्यसूची में फ्लोर टेस्ट का कोई जिक्र नहीं किया गया है। हालांकि देर रात राज्यपाल लालजी टंडन ने सरकार को दूसरा पत्र जारी कर दिया, जिसमें सरकार को विश्वास मत के दौरान हाथ उठाकर मत विभाजन कराने का आदेश दिया गया है। 
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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने देर रात 12.20 बजे राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात की। बकौल कमलनाथ, राज्यपाल ने मुझसे कहा कि विधानसभा की कार्यवाही निर्बाध चलनी चाहिए। लिहाजा मैंने उन्हें बताया कि इस संबंध में मैं सोमवार सुबह स्पीकर से बात करूंगा। शक्ति परीक्षण का फैसला भी स्पीकर ही लेंगे। हम शक्ति परीक्षण के लिए तैयार हैं लेकिन बंधक बनाए गए विधायकों को पहले रिहा किया जाए।
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इससे पहले जयपुर में ठहरे कांग्रेस के 85 विधायकों के भोपाल पहुंचने पर सियासी हलचल बढ़ गई। वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और शोभा ओझा ने मुख्यमंत्री कमलनाथ से उनके आवास पर मुलाकात की। लेकिन इसके बाद रात में जारी विधानसभा के कार्यक्रम में राज्यपाल के अभिभाषण और उस पर धन्यवाद ज्ञापन का जिक्र था।

लेकिन फ्लोर टेस्ट की प्रक्रिया को इसमें जगह नहीं मिली थी, जबकि राज्यपाल ने शनिवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ को लिखे पत्र में स्पष्ट तौर पर अभिभाषण के बाद विश्वास मत पर वोटिंग कराए जाने का आदेश दिया था। कार्यक्रम जारी होने के बाद नेता विपक्ष गोपाल भार्गव ने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल से मुलाकात की। इसके बाद देर रात राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को दूसरा पत्र लिख दिया।

इस पत्र में विधानसभा में फिलहाल बटन दबाकर मतदान की व्यवस्था नहीं होने के चलते हाथ उठाकर मत विभाजन कराने का आदेश दिया गया। इसके बावजूद देर रात तक सरकार की तरफ से फ्लोर टेस्ट को लेकर कोई सूचना जारी नहीं की गई थी। विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति का कहना है कि विश्वास मत परीक्षण का फैसला सोमवार को सदन में ही लिया जाएगा। भाजपा और कांग्रेस ने फ्लोर टेस्ट से पहले अपने विधायकों के लिए व्हिप जारी कर दिया है।

दो कांग्रेसी विधायकों में कोरोना के लक्षणों का दावा

उधर, विधानसभा मामलों के विशेषज्ञ पूर्व प्रमुख सचिव (विधानसभा) भगवान देव इसरानी का कहना है कि राज्यपाल ने भले ही मुख्यमंत्री को अनुच्छेद 175(2) के तहत फ्लोर टेस्ट के लिए निर्देशित किया हो, लेकिन सदन के अंदर विधानसभा अध्यक्ष का अधिकार होता है और उन्हें ही फ्लोर टेस्ट कराने या नहीं कराने का निर्णय लेना है। कार्यक्रम हमेशा तदर्थ होता है, जिसे कार्यवाही के दौरान बदल लिया जाता है।
 

दो कांग्रेसी विधायकों में कोरोना के लक्षणों का दावा

जयपुर से भोपाल पहुंचे 85 कांग्रेसी विधायकों का कोरोना वायरस को लेकर परीक्षण कराया गया। कांग्रेस विधायक महेश परमार ने दावा किया कि दो विधायकों में कोरोना जैसे लक्षण पाए गए हैं। हालांकि किसी अन्य ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
 

भाजपा नेताओं ने की दिल्ली में बैठक

दोनों ही दल रविवार को रणनीति बनाने में मशगूल दिखे। वहीं, दिल्ली में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के आवास पर भाजपा नेताओं की बैठक हुई। बैठक में तोमर के साथ ज्योतिरादित्य सिंधिया, पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने फ्लोर टेस्ट को लेकर भाजपा की रणनीति पर चर्चा की। चारों नेता सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से मिलने भी पहुंचे।

शिवराज सिंह गुड़गांव के आईटीसी ग्रांड होटल में ठहरे 106 भाजपा विधायकों से मिलने भी गए। देर रात करीब 10 बजे ये सभी विधायक दो लग्जरी बसों में सवार होकर इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पहुंचने के बाद भोपाल रवाना हो गए।

उधर, बंगलूरू के होटल में ठहरे सिंधिया खेमे के 22 बागी कांग्रेसी विधायकों के भी सोमवार सुबह तक भोपाल में सीधे विधानसभा पहुंचने की संभावना है। कहा जा रहा है कि इन विधायकों ने जान का खतरा बताते हुए सीआरपीएफ से सुरक्षा मांगी है।

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