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मध्यप्रदेश: क्या कोरोना जांच का 'दांव' बचाएगा कमलनाथ की सरकार?
Sun, 15 Mar 2020 08:09 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Amit Mandal
Updated Sun, 15 Mar 2020 08:09 PM IST
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कमलनाथ (फाइल फोटो)
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मध्यप्रदेश में सियासी तूफान के बीच कोरोना वायरस का संकट भी मंडरा रहा है। इसी के मद्देनजर स्कूल-कॉलेज बंद करने का एलान किया गया है। सीएम कमलनाथ ने कैबिनेट बैठक के बाद ये भी फैसला लिया कि बाहर से आए सभी विधायकों की जांच होगी। लेकिन इसका एक दूसरा पहलू भी है जिसे सियासत से जोड़कर देखा जा रहा है। कमलनाथ का ये फैसला एक ऐसा दांव माना जा रहा है जो उनकी सरकार पर आए संकट को दूर कर सकता है।
विधायकों का होगा मेडिकल टेस्ट
प्रदेश सरकार में मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि कैबिनेट बैठक के बाद फैसला हुआ कि जो कांग्रेस विधायक जयपुर से भोपाल आए हैं उनका मेडिकल टेस्ट किया जाएगा। इसके अलावा बंगलूरू और हरियाणा से आने वाले विधायकों की भी मेडिकल जांच होगी।
उधर, निर्दलीय विधायक और मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री प्रदीप जायसवाल ने कैबिनेट बैठक के बाद दावा किया कि सरकार के पास जरूरी संख्या है। मुख्यमंत्री पूरी तरह आश्वस्त हैं। आप इंतजार कीजिए। साथ ही उन्होंने कहा कि कल परीक्षा (फ्लोर टेस्ट) हो, यह जरूरी नहीं है क्योंकि अभी तो कोरोना चल रहा है। इससे पहले भनोट ने कहा था कि यह राजनीतिक मुद्दा नहीं है। विधायकों की सुरक्षा सबसे अहम है।
कोरोना प्रभावित इलाकों में हैं विधायक
इसके अलावा सरकार में मंत्री गोविंद सिंह ने भी कहा कि जो लोग कोविड-19 प्रभावित इलाकों से आ रहे हैं, उनका चेकअप भी होना चाहिए। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री तरुण भनोत ने पहले ही संकेत दे दिए थे कि सत्र को टाला भी जा सकता है। भनोत ने कहा कि अभी तक राज्य में कोई केस नहीं आया है। हमारे लिए नागरिकों की सुरक्षा सबसे अहम है।
आपको बता दें कि कांग्रेस के 22 बागी विधायक बंगलूरू में हैं, जहां कोराना के 19 केस सामने आ चुके हैं जबकि एक की मौत हो चुकी है। ऐसे में इन विधायकों की जांच करना हर हाल में जरूरी भी होगा।
क्या टलेगा कमलनाथ का संकट?
बहरहाल, कोरोना संकट के बीच कमलनाथ सरकार का संकट टल या दूर हो सकता है। सरकार के फैसले के बाद बागी विधायकों को जांच करानी ही होगी। ऐसे में कोरोना जांच को आधार बनाकर विधानसभा सत्र फिलहाल टाला जा सकता है। कुछ विधायकों के अनफिट होने पर बहुमत परीक्षण का मामला लंबा खींच सकता है। ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि कोरोना जांच का दांव कमलनाथ के लिए बहुत बड़ी राहत लेकर आ सकता है।
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विधायकों का होगा मेडिकल टेस्ट
प्रदेश सरकार में मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि कैबिनेट बैठक के बाद फैसला हुआ कि जो कांग्रेस विधायक जयपुर से भोपाल आए हैं उनका मेडिकल टेस्ट किया जाएगा। इसके अलावा बंगलूरू और हरियाणा से आने वाले विधायकों की भी मेडिकल जांच होगी।
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Madhya Pradesh Minister PC Sharma: It was discussed in the state cabinet meeting that our MLAs who have come from Jaipur should be medically tested. Those in Haryana and Bengaluru should also be medically tested. #Coronavirus pic.twitter.com/2jkWFbVoQ0
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) March 15, 2020
उधर, निर्दलीय विधायक और मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री प्रदीप जायसवाल ने कैबिनेट बैठक के बाद दावा किया कि सरकार के पास जरूरी संख्या है। मुख्यमंत्री पूरी तरह आश्वस्त हैं। आप इंतजार कीजिए। साथ ही उन्होंने कहा कि कल परीक्षा (फ्लोर टेस्ट) हो, यह जरूरी नहीं है क्योंकि अभी तो कोरोना चल रहा है। इससे पहले भनोट ने कहा था कि यह राजनीतिक मुद्दा नहीं है। विधायकों की सुरक्षा सबसे अहम है।
कोरोना प्रभावित इलाकों में हैं विधायक
इसके अलावा सरकार में मंत्री गोविंद सिंह ने भी कहा कि जो लोग कोविड-19 प्रभावित इलाकों से आ रहे हैं, उनका चेकअप भी होना चाहिए। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री तरुण भनोत ने पहले ही संकेत दे दिए थे कि सत्र को टाला भी जा सकता है। भनोत ने कहा कि अभी तक राज्य में कोई केस नहीं आया है। हमारे लिए नागरिकों की सुरक्षा सबसे अहम है।
आपको बता दें कि कांग्रेस के 22 बागी विधायक बंगलूरू में हैं, जहां कोराना के 19 केस सामने आ चुके हैं जबकि एक की मौत हो चुकी है। ऐसे में इन विधायकों की जांच करना हर हाल में जरूरी भी होगा।
क्या टलेगा कमलनाथ का संकट?
बहरहाल, कोरोना संकट के बीच कमलनाथ सरकार का संकट टल या दूर हो सकता है। सरकार के फैसले के बाद बागी विधायकों को जांच करानी ही होगी। ऐसे में कोरोना जांच को आधार बनाकर विधानसभा सत्र फिलहाल टाला जा सकता है। कुछ विधायकों के अनफिट होने पर बहुमत परीक्षण का मामला लंबा खींच सकता है। ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि कोरोना जांच का दांव कमलनाथ के लिए बहुत बड़ी राहत लेकर आ सकता है।
