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मध्यप्रदेश चुनाव 2018: सवर्ण आंदोलन से नुकसान की आशंका में मैदान में उतरी आरएसएस
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Updated Fri, 26 Oct 2018 12:10 PM IST
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अारएसएस
- फोटो : अमर उजाला
मध्यप्रदेश में सपाक्स पार्टी बनने और अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति अधिनियम में हुए बदलावों के बाद सवर्ण आंदोलन से होने वाले नुकसान की काट के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) मुस्तैद हो गया है। सवर्ण आंदोलन से होने वाले नुकसान का आंकलन कर इसके असर को कम करने के लिए आरएसएस ने जनसंपर्क अभियान शुरू कर दिया है।
संघ जनसंपर्क के जरिये मतदाताओं से जाति के आधार पर वोट नहीं करने की अपील कर रहा है। संघ इस बात से सशंकित है अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति अधिनियम में हुए बदलावों के बाद सवर्ण आंदोलन की वजह से सवर्ण समाज में नाराजगी फैली है। यदि सवर्णों की नाराजगी वोटों में तबदील हो गई तो भाजपा को नुकसान होगा। इसी नुकसान को कम करने के लिए संघ ने जनसंपर्क अभियान शुरू किया है।
आरएसएस जनसंपर्क अभियान में लोगों को पर्चे भी बांट रहा है। इन पर्चों में संघ की ओर से अपील की जा रही है कि समाज को तोड़ने के लिए जातिगत आंदोलन की साजिश रची गई है। लोगों से इस साजिश को बेकनकाब करने की अपील की गई है।
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संघ का कहना है कि शहरी नक्सलियों और राजनीतिक पार्टियों की साजिशों की वजह से पूरे देश में जातिगत वैमनस्यता फैली है। विभिन्न राज्यों में आरक्षण बढ़ाने और हटाने के नाम पर दंगे करवाए जा रहे हैं। इसलिए जाति के आधार पर मतदान न करें और राष्ट्रीय विषयों को ध्यान में रखकर मतदान करें।
नोटा पर मतदान न करने की भी अपील
आरएसएस मतदाताओं से नोटा पर मतदान नहीं करने की भी अपील कर रहा है। कुछ दिनों पहले संघ प्रमुख मोहन भागवत ने बयान दिया था कि नोटा के इस्तेमाल से सबसे ज्यादा फायदा किसी को पहुंचता है तो वह हैं सबसे अयोग्य उम्मीदवार को।
सूत्रों का कहना है कि संघ को आशंका है कि नोटा की वजह से भाजपा को नुकसान पहुंच सकता है। संघ अपने अभियान के दौरान मतदाताओं से कह रहा है कि नोटा पर मतदान करने से सबसे अयोग्य प्रत्याशी जीत जाता है और मतदाता का बहुमूल्य वोट बर्बाद हो जाएगा।
गौरतलब है कि नोटा पर वोट देने का अभियान सवर्ण आंदोलन के दौरान की ही उपज है। ज्यादातर सवर्णों के वोट भाजपा को मिलते हैं। यह वोट यदि नोटा को जाते हैं तो इसका सीधा नुकसान भाजपा को होगा।
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संघ जनसंपर्क के जरिये मतदाताओं से जाति के आधार पर वोट नहीं करने की अपील कर रहा है। संघ इस बात से सशंकित है अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति अधिनियम में हुए बदलावों के बाद सवर्ण आंदोलन की वजह से सवर्ण समाज में नाराजगी फैली है। यदि सवर्णों की नाराजगी वोटों में तबदील हो गई तो भाजपा को नुकसान होगा। इसी नुकसान को कम करने के लिए संघ ने जनसंपर्क अभियान शुरू किया है।
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आरएसएस जनसंपर्क अभियान में लोगों को पर्चे भी बांट रहा है। इन पर्चों में संघ की ओर से अपील की जा रही है कि समाज को तोड़ने के लिए जातिगत आंदोलन की साजिश रची गई है। लोगों से इस साजिश को बेकनकाब करने की अपील की गई है।
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संघ का कहना है कि शहरी नक्सलियों और राजनीतिक पार्टियों की साजिशों की वजह से पूरे देश में जातिगत वैमनस्यता फैली है। विभिन्न राज्यों में आरक्षण बढ़ाने और हटाने के नाम पर दंगे करवाए जा रहे हैं। इसलिए जाति के आधार पर मतदान न करें और राष्ट्रीय विषयों को ध्यान में रखकर मतदान करें।
नोटा पर मतदान न करने की भी अपील
आरएसएस मतदाताओं से नोटा पर मतदान नहीं करने की भी अपील कर रहा है। कुछ दिनों पहले संघ प्रमुख मोहन भागवत ने बयान दिया था कि नोटा के इस्तेमाल से सबसे ज्यादा फायदा किसी को पहुंचता है तो वह हैं सबसे अयोग्य उम्मीदवार को।
सूत्रों का कहना है कि संघ को आशंका है कि नोटा की वजह से भाजपा को नुकसान पहुंच सकता है। संघ अपने अभियान के दौरान मतदाताओं से कह रहा है कि नोटा पर मतदान करने से सबसे अयोग्य प्रत्याशी जीत जाता है और मतदाता का बहुमूल्य वोट बर्बाद हो जाएगा।
गौरतलब है कि नोटा पर वोट देने का अभियान सवर्ण आंदोलन के दौरान की ही उपज है। ज्यादातर सवर्णों के वोट भाजपा को मिलते हैं। यह वोट यदि नोटा को जाते हैं तो इसका सीधा नुकसान भाजपा को होगा।
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संघ के पर्चे में राम मंदिर की जगह जिहादी
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आरएसएस के जनसंपर्क अभियान में इस बार राम मंदिर का मुद्दा के बजाए 'भारत तेरे टुकड़े होंगे" का नारा लगाने वाले लोगों को निशाना बनाया गया है। पर्चे में लिखा गया है कि देश विरोधी ताकतें और कुछ एनजीओ आदिवासियों को बरगला रहे हैं कि वह हिंदू नहीं है, जबकि उनके भगवान बिरसा मुंडा हिंदू ही थे। इसके अलावा द्रविड़, आर्य विवाद भी इसमें शामिल किया गया है।
देश के खिलाफ साजिश को बेनकाब करेंगे
संघ के पर्चे में यह भी लिखा है कि मध्यप्रदेश की सज्जन वर्ग समाज को टूटने नहीं देगा और समाज को एकजुट रखने के लिए आगे आएगा। समाज को बांटने वाली षड्यंत्रकारी ताकतों को किसी भी कीमत पर कामयाब होने नहीं देंगे।
देश के खिलाफ साजिश को बेनकाब करेंगे
संघ के पर्चे में यह भी लिखा है कि मध्यप्रदेश की सज्जन वर्ग समाज को टूटने नहीं देगा और समाज को एकजुट रखने के लिए आगे आएगा। समाज को बांटने वाली षड्यंत्रकारी ताकतों को किसी भी कीमत पर कामयाब होने नहीं देंगे।
