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भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को आचार संहिता उल्लंघन पर नोटिस, भजन संध्या का किया राजनीतिक इस्तेमाल
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Updated Mon, 22 Oct 2018 09:58 AM IST
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कैलाश विजयवर्गीय
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भारतीय जनता पार्टी के महासचिव और मध्यप्रदेश में वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय और देपालपुर विधायक मनोज पटेल के खिलाफ चुनाव आचार संहिता उल्लंघन करने का मामला सामने आया है। इस सिलसिले में रिटर्निंग अधिकारी आईएएस अदिति गर्ग ने दोनों नेताओं को नोटिस जारी कर 25 अक्तूबर तक जवाब मांगा है।
रिटर्निंग अधिकारी के भेजे गए नोटिस में आरोप है कि 17 अक्तूबर को देपालपुर में आयोजित एक धार्मिक आयोजन भजन संध्या का दोनों नेताओं ने राजनीतिक इस्तेमाल किया।
रिटर्निंग अधिकारी ने कलेक्टर के जरिए चुनाव आयोग को एक रिपोर्ट भेजी है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि धार्मिक आयोजन की मंजूरी चिंटू वर्मा और अन्य आयोजकों ने ली थी। लेकिन इसमें कोलाहल एक्ट और प्रतिबंधात्मक धारा 144 के साथ ही चुनाव आचार संहिता का भी उल्लंघन किया गया।
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इसके लिए कार्यक्रम के आयोजक के साथ ही सभी अतिथियों पर भी मुकदमा दर्ज होना चाहिए। लेकिन पुलिस ने अब तक कोई केस दर्ज नहीं किया है।
पुलिस को वापस भेजा
खबरों के मुताबिक देपालपुर में आयोजित भजन संध्या में कैलाश विजयवर्गीय और मनोज पटेल अतिथि के तौर पर शामिल हुए। भजन संध्या में देर तक लाउड स्पीकर बजता रहा। जो कि कानून वैध नहीं है।
जांच में पाया गया कि जब पुलिस देर रात तेज आवाज में बज रहे लाउडस्पीकर बंद कराने पहुंची तो आयोजक बोले कि ऐसा करने पर विवाद हो जाएगा।
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रिटर्निंग अधिकारी के भेजे गए नोटिस में आरोप है कि 17 अक्तूबर को देपालपुर में आयोजित एक धार्मिक आयोजन भजन संध्या का दोनों नेताओं ने राजनीतिक इस्तेमाल किया।
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रिटर्निंग अधिकारी ने कलेक्टर के जरिए चुनाव आयोग को एक रिपोर्ट भेजी है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि धार्मिक आयोजन की मंजूरी चिंटू वर्मा और अन्य आयोजकों ने ली थी। लेकिन इसमें कोलाहल एक्ट और प्रतिबंधात्मक धारा 144 के साथ ही चुनाव आचार संहिता का भी उल्लंघन किया गया।
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इसके लिए कार्यक्रम के आयोजक के साथ ही सभी अतिथियों पर भी मुकदमा दर्ज होना चाहिए। लेकिन पुलिस ने अब तक कोई केस दर्ज नहीं किया है।
पुलिस को वापस भेजा
खबरों के मुताबिक देपालपुर में आयोजित भजन संध्या में कैलाश विजयवर्गीय और मनोज पटेल अतिथि के तौर पर शामिल हुए। भजन संध्या में देर तक लाउड स्पीकर बजता रहा। जो कि कानून वैध नहीं है।
जांच में पाया गया कि जब पुलिस देर रात तेज आवाज में बज रहे लाउडस्पीकर बंद कराने पहुंची तो आयोजक बोले कि ऐसा करने पर विवाद हो जाएगा।
