फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   madhya pradesh election 2018: about satna constituency

मध्यप्रदेश चुनावः सतना में बसपा बिगाड़ती है बड़े दलों का समीकरण

Wed, 07 Nov 2018 12:32 PM IST
चुनाव डेस्क, अमर उजाला
चुनाव डेस्क, अमर उजाला Updated Wed, 07 Nov 2018 12:32 PM IST
विज्ञापन
madhya pradesh election 2018: about satna constituency
प्रतीकात्मक तस्वीर
सत्ता के सेमीफाइनल के तहत अमर उजाला डॉट कॉम का चुनावी रथ पहुंच चुका है सतना। मध्यप्रदेश के सतना जिले में सात विधानसभा सीटे हैं। इन सात सीटों में तीन पर भाजपा, तीन पर कांग्रेस और एक सीट पर बसपा का कब्जा है। आइए जायजा लेते हैं सतना की इन सीटों का...
विज्ञापन


सतना विधानसभा सीट
सतना एक बड़ी विधानसभा है। ब्राह्मण और व्यापारी वर्ग की बड़ी आबादी वाले इस क्षेत्र में 2013 के विधानसभा चुनाव में लड़ाई दो ब्राह्मणों के बीच थी, जिसमें भाजपा के शंकरलाल तिवारी ने कांग्रेस के राजाराम त्रिपाठी को 15332 वोटों के बड़े अंतर से हराया था।
विज्ञापन


रामपुर बघेलान विधानसभा सीट
ये सीट कभी कांग्रेस का गढ़ मानी जाती थी। यहां से पूर्व मुख्यमंत्री गोविंद नारायण सिंह विधायक रह चुके हैं। 2013 के चुनाव में कांग्रेस की परंपरागत सीट पर बीजेपी ने सेंध लगाई थी और गोविंद सिंह के बेटे हर्ष नारायण सिंह को मैदान में उतारा। हर्ष सिंह ने बसपा  के रामलखन सिंह को करीब 24 हजार वोटों से मात दी थी।  
विज्ञापन
विज्ञापन


अमरपाटन विधानसभा सीट
साल 2013 के चुनाव में कांग्रेस के राजेंद्र कुमार सिंह ने भाजपा के रामखिलावन पटेल को करीब 11 हजार वोटों से शिकस्त दी थी। करीब 2.7 लाख वोटरों वाली इस सीट पर ब्राह्मण-पटेल वोटरों का दबदबा है। 

चित्रकूट विधानसभा सीट
2017 में कांग्रेस विधायक प्रेम सिंह का निधन होने के चलते चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव हुआ था, जिसमें कांग्रेस के नीलांशु चतुर्वेदी ने भाजपा के शंकर दयाल त्रिपाठी को हराया था। बीते तीन चुनाव से प्रेम सिंह ही यहां से जीतते आ रहे थे।

नागौद विधानसभा सीट
ठाकुर वोट बाहुल्य इस क्षेत्र में मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच ही है। साल 2013 में नागौद से कांग्रेस के यादवेंद्र सिंह को जीत मिली थी। उनका मुकाबला भाजपा के गगनेंद्र प्रताप सिंह से था, जिसमें यादवेन्द्र 10 हजार वोटों से जीतने में सफल रहे थे। 


रैगांव विधानसभा सीट
 करीब 1.85 लाख मतदाताओं वाली रैगांव सीट पर साल 2013 में बसपा की ऊषा चौधरी ने भाजपा के पुष्प राज बागरी को  करीब 4100 वोटों से हराकर जीत दर्ज की थी।
क्षेत्र में हरिजन और कुशवाहों की बड़ी आबादी हैं और इसी वजह से मायावती की बहुजन समाज पार्टी रेस में रहती है।

मैहर विधानसभा सीट
साल 2013 के चुनाव में इस सीट पर कांग्रेस के नारायण त्रिपाठी ने जीत हासिल की थी। फरवरी 2016 में हुए उपचुनाव में उन्होंने कांग्रेस का दामन छोड़ भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और विधायक बने। करीब 2.12 लाख मतदाताओं वाले इस क्षेत्र में ब्राह्मणों का वोट निर्णायक माना जाता है। 

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed