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मध्य प्रदेश: पर्यावरण अनुकूल कार के इस्तेमाल से सीएम ने किया इंकार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Updated Sun, 22 Jul 2018 09:37 AM IST
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मध्य प्रदेश उर्जा विकास निगम ने बीते विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनके मुख्य सचिव के उपयोग के लिए दो इलेक्ट्रिक कारें खरीदी थीं। ऐसा इसलिए किया गया कि अगर सीएम और सीएस पर्यावरण को दूषित न करने वाली कारों का इस्तेमाल करेंगे तो लोगों को उनसे सीख मिलेगी।
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मुख्यमंत्री ने किया कार इस्तेमाल करने से इंकार
हालांकि सीएम और सीएस दोनों ने ही इलेक्ट्रिक कार का इस्तेमाल करने से मना कर दिया और जीवाश्म ईंधन पर चल रही कारों में यात्रा करना जारी रखा। मुख्यमंत्री शिवराज ने कार में थोड़ी देर बैठने के बाद उसे इस्तेमाल करने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि कार उनके लिए आरामदायक नहीं है। इसके अलावा उनके सुरक्षा अधिकारियों ने भी वाहन को मंजूरी नहीं दी। कार का इस्तेमाल अब विभाग के प्रबंध निदेशक मनु श्रीवास्तव कर रहे हैं। वहीं मुख्य सचिव बसंत प्रताप सिंह ने न तो कार वापस की और न ही उसका इस्तेमाल किया। कार सीएस कार्यालय में ही खड़ी है।
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योजना हुई बेकार
निगम ने मुख्यमंत्री, सभी मंत्रियों और मुख्य सचिवों द्वारा उपयोग के लिए 150 इलेक्ट्रिक कार खरीदने का फैसला किया था। ताकि हर महीने आने वाले उनके ईंधन बिल में लाखों रुपये की कमी आ सके। लेकिन ये योजना पूरी तरह फेल रही।
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प्रति किमी की लागत है 0.80 रुपये
इलेक्ट्रिक कार एक बार चार्ज होने के बाद 100 किमी तक चल सकती है। जिसकी लागत प्रति किमी के हिसाब से 0.80 रुपये आती है। इसके अलावा पेट्रोल और डीजल से चलने वाली कारों की लागत प्रति किमी के हिसाब से 4.50 रुपये और 6 रुपये तक पड़ती है। एक कार को चार्ज होने में 6 घंटे का समय लगता है। निगम ने इसके लिए अपने भोपाल कार्यालय में तीन चार्जिंग स्टेशन भी स्थापित किए थे।
