मप्र: एसपी के साथ डिनर के लिए 10 लोगों के बीच शादी का किया दावा, जांच में पकड़ा गया झूठ
मध्यप्रदेश के भिंड जिले में घर में आई नई दुल्हन को एसपी मनोज कुमार सिंह और उनके परिवार के साथ डिनर कराने के लिए एक व्यक्ति ने दावा किया कि उसने अपने भाई की शादी महज 10 लोगों के बीच की है। जब एसपी ने जांच कराई, ताे पता चला कि उसने शादी में 350 लोगों का खाना बनवाया था।
विस्तार
देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर के चलते देश में कोहराम मचा हुआ है। मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमण के लगातार बढ़ते मामले पर ब्रेक लगाने के लिए तमाम पाबंदियां लगाई गई हैं। इस बीच, भिंड जिले के मनोज कुमार सिंह ने अनूठी पहल करते हुए घोषणा की कि जिस शादी में 10 या 10 से कम लोग जमा होंगे, उन्हें अपने बंगले पर डिनर पार्टी देंगे। इतना ही नहीं उन्हें सरकारी वाहन की सुविधा भी दी जाएगी।
इसी पहल के तहत घर में आई नई दुल्हन को एसपी मनोज कुमार सिंह और उनके परिवार के साथ डिनर कराने के लिए एक व्यक्ति ने दावा किया कि उसने अपने भाई की शादी महज 10 लोगों के बीच की है। जब एसपी ने जांच कराई, ताे पता चला कि उसने शादी में 350 लोगों का खाना बनवाया था। जबकि बड़ी ही चालाकी से किसी दूसरी जगह पर जाकर सिर्फ 10 लोगों को बुलाकर फोटो खिंचवा लिए।
डिनर में शामिल होने के लिए भेजे थे फोटो
जिले में शादियों में भीड़ से कोरोना संक्रमण के खतरे को कम करने के लिए एसपी मनोज कुमार सिंह ने कहा था कि जो भी वर-वधू 10 लोगों के बीच शादी करेंगे, उन्हें वे अपने बंगले पर परिवार के साथ डिनर देंगे। दबोह निवासी रवि गुप्ता की शादी 27 अप्रैल की सुबह कानपुर निवासी रौनक से हुई थी। उनके बड़े भाई अशोक गुप्ता ने इसके फोटो एसपी को भेजकर दावा किया कि उन्होंने अपने भाई की शादी 10 लोगों के बीच की है। शादी में तहसीलदार नवनीत भारद्वाज भी वर-वधू को आशीर्वाद देने पहुंचे थे। गुप्ता ने एसपी के बंगले पर उनके परिवार के साथ डिनर करने की पात्रता जताई।
पड़ोसियों ने बताया, 350 लोगों का बना था खाना
इसके बाद एसपी ने बारीकी से जांच कराई। दबोह पुलिस ने पड़ोसियों से पूछताछ की, तो पता चला कि उन्होंने लल्ला हलवाई से 350 लोगों का खाना बनवाया था। घर की छत पर ही 30 से 50 लोगों को टुकड़ों में खाना खिलाया। करीब 200 से 225 लोगों ने उनके यहां भोजन किया। इसके बाद कोंच रोड पर एक खाली प्लाॅट में वरमाला कार्यक्रम रखा था, जिसमें फोटो खिंचवाने के लिए सिर्फ 10 लोगों को एंट्री दी गई थी। यहीं पर तहसीलदार को भी बुलाया गया था। हालांकि, मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
