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अमर उजाला 'संवाद' में राम मंदिर से लेकर राहुल के कन्फ्यूजन पर चला सवाल-जवाब का दौर

Sun, 25 Nov 2018 02:55 PM IST
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 25 Nov 2018 02:55 PM IST
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madhya pradesh assembly elections 2018: Amar Ujala samwad
अमर उजाला संवाद - फोटो : अमर उजाला
मध्यप्रदेश चुनावों पर सबसे खास चर्चा, सबसे बड़े मंच पर शुरू हो गया है। अमर उजाला संवाद में राजनीति के के दिग्गज जुट रहे हैं। इस मंच पर मध्यप्रदेश की हर सियासी हलचल और मुद्दों पर होगी बहस। प्रदेश की जनता क्या चाहती है? क्या नेताओं के पास हैं उनके सवालों के जवाब? प्रदेश की राजधानी भोपाल में अमर उजाला , अपने सहयोगी डीएनएन के साथ बेहद खास कार्यक्रम संवाद का आयोजन कर रहा है। 28 नवंबर को होने वाले मतदान से पहले ये एक ऐसा कार्यक्रम है, जिसमें जनसरोकारों की बात होगी, आम आदमी की बात होगी। साथ में चर्चा होगी नेताओं के दावों और वादों की। इसे आप Amarujala.com पर लाइव देख सकते हैं। जानिए हर अपडेट- 
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संबित पात्रा ने कहा- जब मैं मध्यप्रदेश में उतरा तो फिजा में देखा कि बहारो फूल बरसाओ भाजपा चौथी बार जीतेगी। छठी बार भाजपा की सरकार गुजरात में बनी है। वोट में 8 फीसदी का अंतर रहा।  मैं जब पीएम और अमित शाह जी को टीवी पर देखता हूं कि कुछ लोग इतनी मेहनत कर सकते हैं। मैं आज अनकही बात बताऊंगा। लोकसभा चुनाव के समय मीडिया सेंटर में अमित शाह जी दिन भर की भागदौड़ के बाद रात 1 बजे ऑफिस आते थे। यहां चर्चा रात 3.30 तक चलती थी। हम युवाओं की आंखें भारी हो जाती थीं। हम सोचते थे ये कब सोएंगे, कब जागेंगे, लेकिन वह 3.30 बजे जाते थे। और सुबह देखो तो उनके चेहरे पर शिकन तक नहीं होती थी। हम हैरान रह जाते थे। 
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भाजपा में टिकट को लेकर बगावत के सवाल पर पात्रा ने कहा कि अगर अंगारे पर न चलें तो कहां चलें। ये प्रतिस्पर्धा है, इसके बिना भारतीय राजनीति में किसी का कोई मूल्य ही नहीं है। अमर उजाला ने पकड़ लिया है लेकिन मैं भी पूरी तैयार हूं। ऐसा कोई चुनाव नहीं गया जहां प्रतिस्पर्धा ना हुई हो। उत्तराखंड में हमारे दफ्तर पर हमला हो गया था एक भी गमला नहीं बचा था। लेकिन प्रचंड बहुमत से यहां हमारी सरकार बनी। मतभेद वहां ज्यादा होते हैं जिसकी जीतने की संभावना ज्यादा होती है। हमारी पार्टी में ज्यादा प्रतिस्पर्धी हैं।
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इस सवाल पर कि इस बार शिवराज जी अकेले पड़ गए, ताई रूठी हैं, कैलाश जी अपने बेटे के प्रचार में लगे हैं। तोमर जी ग्वालियर में हैं। इस बार मिलकर लड़ते नहीं दिख रहे हैं। संबित पात्रा ने कहा- जो जिस क्षेत्र में हैं वो वहां का काम देखेगा। कोई अकेला नहीं है, मुट्ठी एक साथ है। नरेंद्र जी दमखम के साथ लगे हुए हैं। कैलाश जी पूरी ताकत लगाए हैं, सीएम के बारे में क्या कहें, एक दिन में 12-12 सभाएं कर रहे हैं। सभी वीडियो कांफ्रेंस के जरिए सीएम से बात करते हैं।

राम मंदिर निर्माण के सवाल पर संबित पात्रा ने कहा- यह हिंदू धर्म का विषय है, राम मंदिर का विषय है।।इस मुद्दे पर भाजपा का कोई कार्यकर्ता बैकफुट पर हो ही नहीं सकता। आप 4 घंटे बैठाकर रखिए, पूरा उत्तर दूंगा। बैकफुट पर नहीं जाएगा कोई कार्यकर्ता। आजतक लोग मंच पर इस सवाल पर घबराते थे कि हम सेकुलर हैं, मंदिर पर सवाल मत पूछिएगा। लेकिन पहली बार देश में हर कोई मंदिर पर सवाल कर रहा है कि मंदिर कर बनाओगे। क्यों आज जनता ने भाजपा को इस मुकाम पर खड़ा किया है कि अधिकार से सवाल पूछो कि मंदिर कब बनाओगे ये बताओ। 

 

प्रियंका चतुर्वेदी से सवाल-जवाब का दौर

संबित पात्रा के बाद कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदीं मंच पर पहुंची। इस दौरान उनसे सवाल-जवाब का दौर चला। 

सवाल- कब तक जनता को बुनियादी मुद्दों की बजाय भावुक मुद्दों की ओर लेकर जाएंगे। पार्टियों से काम का हिसाब किस तरह लिया जाएगा। विकास के मुद्दे पर बात नहीं होती। कांग्रेस में नेतृत्व पर कंप्यूजन क्यों है, कमलनाथ जी को आगे करें कि सिंधिया जी को, कब चक चलेगा ऐसा? 

प्रियंका चतुर्वेदी- बेरोजगारी, किसान, महिला सुरक्षा सहित कई मुद्दे हैं हर एक का जवाब देकर जाऊंगी। कंफ्यूजन क्या होता है, नाम दिखाते हैं विकास का काम करते हैं ध्रुवीकरण का, नाम बेटी बचाओ का देते हैं, काम बेटियों के अधिकार हनन का, नाम 2 करोड़ युवाओं को रोजगार का, काम झूठे वादे करने का। भारत को ही नहीं मध्यप्रदेश को जो भारतवर्ष का दिल है उसे विकासशील बनाना हमारा लक्ष्य है। 

सीएम उम्मदीवार के नाम पर प्रियंका ने कहा कि हमारी जो बारात होती वह अरेंज होती है, एमपी की जनता अरेंज के जरिए नेता चुनेगी। हमारे यहां ऐसा नहीं है कि दिल्ली जनता चुने और यहां थोप दिया जाए। हम विधायकों को ही ये जिम्मेदारी देंगे नेता चुनने की।

पुष्पेंद्र मिश्रा, सपाक्स ने कहा- सपाक्स में विद्वानों की कमी नहीं है। हम सब भाई हैं। किसी के साथ भेदभाव नहीं होता है। कहीं भी जातिगत भेदभाव नहीं होता है। सवर्ण सबको साथ लेकर चलता है। ये सब पहले कांग्रेस करती थी, आज भाजपा ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य को लड़वा रही है। हम सब एक मां के लाल हैं। कोई माई का लाल आरक्षण नहीं हटा सकता, हम ऐसे शब्द इस्तेमाल नहीं करते। 
 

प्रभात झा भी पहुंचे

प्रभात झा ने क्या कहा 
भाजपा किसी की दया पर नहीं है। हमने हर चुनाव जीता है। शिवराज जी ने जो घोषणा की उसे पूरा किया। हालिया सियासी टिप्पणियों को मुद्दा बनाने के सवाल पर कहा- देश के प्रधानमंत्री की मां पर टिप्पणी करना सही है क्या? मुतेवार कहते हैं कि इनके बाप को कौन जानता है। जिसके मां-बाप को कोई नहीं जानता वह जनता के जनादेश पर पीएम बना है। जिसके साथ नहीं है उसे सड़क पर खड़ा कर देती है। किसी की आस्था के साथ खिलवाड़ की इजाजत किसी को नहीं होनी चाहिए। 

हमने संघ की शपथ ली है। दुनिया की ताकत भी आ जाए तो प्रतिबद्धता नहीं छोड़ सकते। अपनी सीएम उम्मीदवारी के सवाल पर कहा कि नेता एक ही होता है। हम शिवराज के साथ चट्टान की तरह खड़े हैं। हमारे पास नागपुर है, इनके पास कानपुर, जबलपुर है क्या। जिस दिन कांग्रेस में कोई भी व्यक्ति स्वाभिमान से खडा़ हो जाएगा कि राहुल जी आपने 20-20 राज्य हरा दिए, उस दिन कांग्रेस में सब ठीक हो जाएगा। 

सरताज सिंह के सवाल पर कहा, 11 दिसंबर के बाद उनका न सर रहेगा न ताज रहेगा। हमने उन्हें सबकुछ दिया था। अर्जुन सिंह को उन्होंने नहीं हराया था, भाजपा ने हराया था वह तो निमित्त मात्र थे। प्रेमचंद गुड्डू के भाजपा में आने के सवाल पर कहा कि वह इसलिए कांग्रेस से नाराज हुए क्योंकि उन्हें कहा गया कि हटो तुमसे बदबू आ रही है। क्या गरीब के पसीने से खूशबू आएगी, वह परफ्यूम लगाकर चलेगा।
 

मंच पर शोभा ओजा 

मंच पर शोभा ओजा 
मध्यप्रदेश में कांग्रेस ने हर मुद्दे को मजबूती से उठाया है। व्यापम हो, किसान मुद्दा हो, महिला से जुड़े मामले, नोटबंदी मामला हो। हमने ये मुद्दे सड़क और  विधानसभा में उठाए हैं। कांग्रेस ने विपक्ष की भूमिका मजबूती से निभाई है।

हमने गोशालाओं का मुद्दा इसलिए उठाया क्योंकि आज हर जगह गायें बुरी हालत में हैं। भूखी प्यासी मर रही है। इसे लेकर हमने आवाज उठाई। हमारे वकील आरिफ अकील ने ये मुद्दा विधानसभा में उठाया। हमने कभी भी धर्म को वोटों के लिए इस्तेमाल नहीं किया है। वो हमारा निजी आस्था का मामला है। 

दिग्वजिय सिंह जी, कमलनाथ जी, सिंधिया जी तीनों एक हैं। सबको अलग अलग जिम्मेदारी दी गई। सबने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाया। दिग्विजय जी ने लोगों को घर से निकाला। खुलेआम लड़ाई वाली बात नहीं कहूंगी। हर व्यक्ति चाहता है कि मेरे साथ जुड़ा व्यक्ति अच्छा लड़ेगा। तीनों नेताओं को साथ लाना राहुल जी की कामयाबी है। 

व्यापम के व्हीसल ब्लोअर आनंद राय को टिकट देने का मामले पर कहा कि व्हीसल ब्लोअर होना अलग बात है और चुनाव लड़ना अलग बता है। आनंद राय जी को चुनाव लड़ने की तैयारी 2-3 साल पहले से शुरू कर देनी चाहिए थी। 
 

प्रमोद कृष्णम पहुंचे
देश 21वीं सदी में पहुंच जाए और बाबा पाषाण काल में जिएं ऐसा नहीं हो सकता। आप पूरे समाज में परिवर्तन लाइए। कौन सी ताकतें हैं जो आपकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है के जवाब में उन्होंने कहा- लोकतंत्र में सरकार से सवाल पूछना गुनाह हो जाए तब ये आशंका पैदा हो जाती है। पुराना समय में जब सवाल पूछना गुनाह हो गया तो कांग्रेस हारी। सत्य को जनता के सामने रखना संत का कर्तव्य है। पांच साल में देश में सरकार आई है उससे सवाल करो कि वादे पूरे क्यों नहीं हुए, तो कहते हैं कि आप देशद्रोही हैं। 

एक भी वादा पूरा नहीं हुआ। भारत का संत कभी कांग्रेस के साथ खुल्लम खुल्ला आया है। भारत के संतों ने हमेशा भाजपा का साथ दिया है। पहला मौका है जब देश का संत इनके खिलाफ है और कांग्रेस के साथ खड़ा है। 

मैं कांग्रेस का प्रवक्ता नहीं हूं, उनका प्रचार कर रहा हूं। श्रीराम का मंदिर अयोध्या में बनना चाहिए ये भारत का बच्चा बच्चा चाहता है।  
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