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कमलनाथ छिंदवाड़ा जिले से ही लड़ेंगे उपचुनाव, अभी सीट का खुलासा नहीं
Sat, 15 Dec 2018 07:37 PM IST
अमित मंडल
भाषा
भाषा
Published by: अमित मंडल
Updated Sat, 15 Dec 2018 07:37 PM IST
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कमल नाथ
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मध्यप्रदेश के मनोनीत मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बताया कि विधानसभा का सदस्य बनने के लिए वह अपने घरेलू इलाके छिंदवाड़ा जिले से ही विधानसभा का उपचुनाव लड़ेंगे। हालांकि छिंदवाड़ा जिले में वह कौन सी सीट होगी, फिलहाल उन्होंने इसका खुलासा नहीं किया है।
नियमों के अनुसार उन्हें मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के छह माह के अंदर मध्यप्रदेश विधानसभा में विधायक बनना जरूरी है। छिंदवाड़ा जिले में विधानसभा की सात सीटें हैं । इनमें से चार सीटें अमरवाड़ा, परासिया, जुन्नारदेव और पान्दुर्ना आरक्षित वर्ग के लिए है। कमलनाथ सामान्य वर्ग से ताल्लुक रखते हैं इसलिये वह जिले में तीन बची सामान्य सीटों छिंदवाड़ा, सौंसर और चोराई से ही उपचुनाव में प्रत्याशी बन सकते हैं। इस दफा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने छिंदवाड़ा जिले की सभी सात सीटों पर विजय हासिल की है।
कमलनाथ ने शनिवार को पीटीआई-भाषा से कहा, चुनाव प्रचार के दौरान में छिंदवाड़ा क्षेत्र में केवल डेढ़ दिन ही प्रचार करने जा सका। हम सभी सीटें जीते हैं। छिंदवाड़ा जिले में सात सीटें हैं उनमें से केवल तीन अनारक्षित हैं। मैंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा था कि जहां सबसे ज्यादा वोटों से जीतेंगे वहां से मैं लडूंगा। संयोग से छिंदवाड़ा जिले में कांग्रेस सौंसर विधानसभा सीट से सबसे अधिक 20,742 मतों के अंतर से जीती है और सौंसर विधानसभा क्षेत्र में ही कमलनाथ का निवास है और वह इसी विधानसभा क्षेत्र के मतदाता भी हैं।
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छिंदवाड़ा से नौ बार सांसद कमलनाथ बृहस्पतिवार को कांग्रेस विधायक दल के नेता चुने गए। इसके बाद कमलनाथ और कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से राजभवन में मुलाकात कर राज्य में कांग्रेस की सरकार बनाने का दावा पेश किया। इस पर राज्यपाल ने नाथ को प्रदेश में सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया। कमलनाथ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के पद की शपथ सोमवार 17 दिसंबर को दोपहर डेढ़ बजे ग्रहण करेंगे।
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नियमों के अनुसार उन्हें मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के छह माह के अंदर मध्यप्रदेश विधानसभा में विधायक बनना जरूरी है। छिंदवाड़ा जिले में विधानसभा की सात सीटें हैं । इनमें से चार सीटें अमरवाड़ा, परासिया, जुन्नारदेव और पान्दुर्ना आरक्षित वर्ग के लिए है। कमलनाथ सामान्य वर्ग से ताल्लुक रखते हैं इसलिये वह जिले में तीन बची सामान्य सीटों छिंदवाड़ा, सौंसर और चोराई से ही उपचुनाव में प्रत्याशी बन सकते हैं। इस दफा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने छिंदवाड़ा जिले की सभी सात सीटों पर विजय हासिल की है।
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कमलनाथ ने शनिवार को पीटीआई-भाषा से कहा, चुनाव प्रचार के दौरान में छिंदवाड़ा क्षेत्र में केवल डेढ़ दिन ही प्रचार करने जा सका। हम सभी सीटें जीते हैं। छिंदवाड़ा जिले में सात सीटें हैं उनमें से केवल तीन अनारक्षित हैं। मैंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा था कि जहां सबसे ज्यादा वोटों से जीतेंगे वहां से मैं लडूंगा। संयोग से छिंदवाड़ा जिले में कांग्रेस सौंसर विधानसभा सीट से सबसे अधिक 20,742 मतों के अंतर से जीती है और सौंसर विधानसभा क्षेत्र में ही कमलनाथ का निवास है और वह इसी विधानसभा क्षेत्र के मतदाता भी हैं।
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छिंदवाड़ा से नौ बार सांसद कमलनाथ बृहस्पतिवार को कांग्रेस विधायक दल के नेता चुने गए। इसके बाद कमलनाथ और कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से राजभवन में मुलाकात कर राज्य में कांग्रेस की सरकार बनाने का दावा पेश किया। इस पर राज्यपाल ने नाथ को प्रदेश में सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया। कमलनाथ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के पद की शपथ सोमवार 17 दिसंबर को दोपहर डेढ़ बजे ग्रहण करेंगे।
