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दुखी हैं मध्यप्रदेश में खुशियां फैलाने वाले वालंटियर
टीम डिजिटल,अमर उजाला
Updated Fri, 22 Sep 2017 01:53 PM IST
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शिवराज सिंह चौहान
- फोटो : ani
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ईश्वर पाटीदार के लिए जनादेश महत्वपूर्ण है। उसे उम्मीद थी कि वह अपने इलाके में खुशियां फैलाएगा, लेकिन इन दिनों वह खुद ही निराश है। ऐसे में यह बड़ा सवाल है कि वह लोगों को खुशियां कैसे बाटेगा। ईश्वर अपना घर आस-पास के बच्चों को ट्यूशन पढ़ा कर चलता है।
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कुछ दिनों पहले मंदसौर में किसानों ने फसलों की गिरती कीमत को लेकर प्रदर्शन किया था, जो बाद में हिंसक हो गया था। इस हिंसक प्रदर्शन में कई किसान पुलिस की गोली का शिकार हो गए। पाटीदार समुदाय के लोग अभी इससे हादसे को भुला नहीं पाए थे कि बारिश ने उनके जख्मों को फिर हरा कर दिया।
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लगातार हो रही बारिश के कारण किसानों को फसल खराब होने का डर सताने लगा है। ऐसे में मध्यप्रदेश सरकार चाहती है कि पाटीदार समुदाय के लोग, जनता में खुशियां बांटें। दरअसल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक साल पहले राज्य आनंद संस्थान नाम से एक योजना शुरू की थी। जिसका काम प्रदेश भर में लोगों को खुशियां बांटना था। यह देश में इस प्रकार पहली संस्था है। इस योजना से लगभग 33 हजार पाटीदार लोग जुड़े हैं, जिन्हें फ्री में लोगों के बीच खुशियां बांटनी है।
इस लोगों को इस काम के लिए कोई भी पैसा नहीं मिलता है। ईश्वर और उसके जैसे लोगों का कहना है कि यह नामुमकिन है। जब हम खुद निराश हैं, लोगों के बीच खुशियां कैसे बांट सकते हैं। ईश्वर ने बताया कि मैं एक गरीब किसान और शिक्षक हूं, लेकिन मैं लोगों की खुशी के लिए काम करना चाहता हूं।
मुझे समझ नहीं आता की मैं अब क्या करूं। न तो हमारे पास पैसे हैं, न नौकरी है और नहीं हमें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है, ऐसे में हम खुशी कैसे फैलाएं।
