कांस्टेबल के घर छापा, मिली करोड़ों की संपत्ति
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मध्य प्रदेश में परिवहन विभाग के हेड कांस्टेबल अरुण सिंह के पास अकूत दौलत का खुलासा हुआ है। सोमवार को लोकायुक्त की टीम ने उसके इंदौर, सतना, रीवा और जबलपुर स्थित ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। सोमवार शाम तक जारी रही छापेमारी के दौरान लोकायुक्त टीम को उसकी ओर से जमीन में निवेश करने समेत कई अहम दस्तावेज बरामद हुए।
इसमें इंदौर के अन्नपूर्णा इलाके में तीन मंजिला मकान, स्कॉर्पियो समेत तीन कारें, छह-छह हजार स्क्वायर फुट के दो प्लॉट शामिल हैं। ये दोनों प्लॉट उसके बेटे और पत्नी के नाम पर हैं। आरोपी के पास रीवा जिले में 30 एकड़ जमीन, आठ-आठ हजार स्क्वायर फुट के दो प्लॉट और दो मकान, रीवा के समीप ही 25 एकड़ का फॉर्म हाउस है।
इसके अलावा इंदौर के महू रोड पर फॉर्म हाउस, इंदौर में ही बेटे के नाम दो फ्लैट और आठ बैंक अकाउंट समेत लॉकर शामिल हैं। आरोपी अरुण सिंह इंदौर का रहने वाला है और वर्तमान में जबलपुर में तैनात है। वह इंदौर के नजदीक परिवहन विभाग के सेंधवा बेरियर पर भी लंबे समय तक तैनात रह चुका है। इस बेरियर को काली कमाई का बड़ा केंद्र माना जाता है।
चंबल के डकैतों से ज्यादा लूटते हैं आरटीओ
हाल ही में केन्द्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा था कि परिवहन विभाग के आरटीओ चंबल के डकैतों से भी ज्यादा लूटते हैं।
गडकरी की इस टिप्पणी को मध्य प्रदेश में परिवहन विभाग के हेड कांस्टेबल अरुण सिंह ने सच साबित कर दिखाया है, जिसके पास लोकायुक्त को करोड़ों रुपये की काली कमाई का पता चला है।
खास बात यह है कि परिवहन विभाग के बारे में गडकरी की इस टिप्पणी को इंदौर के आरटीओ ने ही गलत बताया था, जहां की लोकायुक्त शाखा ने परिवहन के हेड कांस्टेबल के यहां छापे मारे गए और अकूत संपत्ति का खुलासा हुआ।
