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Khandwa News: ओंकारेश्वर के एकात्म धाम में दो मई तक मनेगा एकात्म पर्व, 500 शंकरदूतों का होगा दीक्षा संस्कार
Mon, 28 Apr 2025 08:48 AM IST
खंडवा ब्यूरो
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा
Published by: खंडवा ब्यूरो
Updated Mon, 28 Apr 2025 08:48 AM IST
सार
पांच दिवसीय कार्यक्रम के दौरान दो मई को आचार्य शंकर प्रकटोत्सव मनाया जाएगा। इस अवसर पर 500 शंकरदूतों का दीक्षा संस्कार अभय घाट पर संतों की उपस्थिति में सम्पन्न होगा।
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ओंकारेश्वर के एकात्म धाम में मनाया जाएगा एकात्म पर्व
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्यप्रदेश के खंडवा जिले की धार्मिक तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में सोमवार 28 अप्रैल से दो मई तक पंच दिवसीय “एकात्म पर्व” मनाया जाना है। इस पर्व को आचार्य शंकर के प्रकटोत्सव के दौरान ओंकारेश्वर के एकात्म धाम में मनाया जायेगा। आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास और संस्कृति विभाग मप्र शासन के द्वारा आचार्य शंकर की गुरु एवं संन्यास भूमि पर इस पर्व का शुभारंभ सोमवार सुबह सात बजे महर्षि सांदीपनि वेद विद्यापीठ एवं आर्ट ऑफ लिविंग गुरुकुल के आचार्यों के द्वारा वैदिक अनुष्ठान से किया गया।
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भव्य शोभायात्रा नर्मदा स्थित अभय घाट से निकलकर नगर भ्रमण करते हुए पुनः अभय घाट पर संपन्न होगी। वहीं इस पर्व के दौरान ओंकारेश्वर में अनेकों प्रकार के आयोजनों भी किये जायेंगे। जिनमें आचार्य शंकर के स्तोत्रों का गायन, वैदिक अनुष्ठान, शोभायात्रा, अद्वैत शारदा पुस्तकालय, अद्वैत लोक प्रदर्शनी और वेदांत-विज्ञान विषयक परिचर्चाएं प्रमुख रहेंगी।
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सीएम के साथ ही कई सन्यासी और संत लेंगे भाग
वहीं इस आयोजन में अनेक संत-संन्यासियों की उपस्थिति भी रहने वाली है, जिनमें जूना पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि, इस्कॉन के गौरांग दास प्रभु, अखण्ड परम धाम के स्वामी परमानंद गिरि, स्वामी विदितात्मानंद सरस्वती, स्वामी मिथलेश नंदनी शरण, स्वामी प्रणव चैतन्य पुरी, और मां पूर्णप्रज्ञा सम्मिलित होंगे। इनके साथ ही विभिन्न सत्रों में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, संस्कृति विभाग के राज्य मंत्री धर्मेंद्र लोधी, चिंतक मुकुल कानिटकर, लेखक नीलेश नीलकंठ ओक, प्रो. गौरी माहुलिकर, प्रो. पंकज जोशी, प्रो. रामनाथ झा, कैप्टन प्रवीण चतुर्वेदी, मृत्युंजय गुहा मजूमदार और विशाल चौरसिया जैसे प्रमुख वक्ता भी इस आयोजन में भाग लेंगे। वहीं आगामी 1 मई को इस आयोजन में विशेष सत्र “रील तो रियल: अवेकनिंग वननेस थ्रू स्टोरीटेलिंग” का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें गौरांग दास प्रभु, कैप्टन प्रवीण चतुर्वेदी और विशाल चौरसिया संवाद करेंगे।
500 शंकरदूतों का होगा दीक्षा संस्कार
वहीं इस आयोजन को लेकर समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि, पांच दिवसीय कार्यक्रम के दौरान 2 मई को आचार्य शंकर प्रकटोत्सव मनाया जाएगा। इस अवसर पर 500 शंकरदूतों का दीक्षा संस्कार अभय घाट पर संतों की उपस्थिति में सम्पन्न होगा। पर्व के समापन दिवस पर प्रातः काल में विद्वानों का अलंकरण किया जाएगा, जिसमें विशिष्ट अतिथि के रूप में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी उपस्थित रहेंगे। इस दौरान शाम 5 बजे शोभायात्रा निकाली जाएगी तथा नर्मदा घाट पर 10,000 दीपों का प्रज्ज्वलन और नर्मदा आरती का आयोजन किया जाएगा। ज्ञात हो कि ओंकारेश्वर में आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास एवं संस्कृति विभाग, म.प्र. शासन द्वारा एकात्म धाम प्रकल्प के अंतर्गत 108 फीट ऊंची “एकात्मता की मूर्ति” का निर्माण किया जा चुका है तथा अद्वैत लोक संग्रहालय एवं अंतरराष्ट्रीय अद्वैत वेदांत संस्थान का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है।
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आकर्षण का केन्द्र बनेगा गायन एवं नृत्य
इस पांच दिवसीय एकात्म पर्व के अंतर्गत “शंकर संगीत” नामक सांगीतिक प्रस्तुति शृंखला आयोजित की जाएगी, जिसमें आचार्य शंकर के स्तोत्रों व अद्वैत वेदांत पर आधारित रचनाएं प्रस्तुत की जाएंगी। इस शृंखला में माधवी मधुकर झा, जयतीर्थ मेवुंडी, लोकमाता विद्याशंकर और सुधा रघुरामन जैसे प्रसिद्ध कलाकारों की प्रस्तुतियां होंगी। वहीं एक मई को शंकरदूतों द्वारा आचार्य शंकर विरचित स्तोत्रों का सामूहिक गायन किया जाएगा, जिसके बाद 2 मई को प्रसिद्ध भरतनाट्यम नृत्यांगना लता मुंशी द्वारा प्रस्तुति दी जाएगी।
साथ ही एकात्म पर्व के दौरान प्रतिदिन प्रातः 8:30 से 10:30 व सायं 5:30 से 7:30 तक “अद्वैतामृतम” नामक विशेष वैदांतिक संवाद सत्रों का आयोजन किया जाएगा। 28 और 29 अप्रैल को माँ पूर्णप्रज्ञा “ओंकार” विषय पर उद्बोधन देंगी। 28 अप्रैल से 1 मई तक स्वामी प्रणव चैतन्य पुरी आचार्य शंकर के जीवन एवं दर्शन पर विशेष सत्र संचालित करेंगे। 29 और 30 अप्रैल को प्रो. गौरी माहुलिकर अपना उद्बोधन देंगी और मुकुल कानिटकर “अद्वैत वेदांत: प्राणमय कोष” विषय पर व्याख्यान देंगे।
