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Katni: नीलकंठेश्वर धाम में महाशिवरात्रि को लेकर तैयारियां पूरी, हजारों शिवभक्त होंगे शामिल; भव्य बरात निकलेगी
Tue, 25 Feb 2025 09:51 AM IST
कटनी ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटनी
Published by: कटनी ब्यूरो
Updated Tue, 25 Feb 2025 09:51 AM IST
सार
Mahashivratri: नीलकंठेश्वर धाम में पिछले 35 वर्षों से अखंड रामचरितमानस पाठ और भगवान शिव के कीर्तन का आयोजन किया जा रहा है। महाशिवरात्रि से 42 दिन पूर्व शिवलिंग निर्माण प्रारंभ होता है, जिन्हें विधि-विधान से पूजन के बाद विसर्जित किया जाता है।
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पड़खुड़ी के नीलकंठेश्वर धाम
विस्तार
कटनी जिले से 35 किलोमीटर दूर स्थित भगवान शिव की नगरी नीलकंठेश्वर धाम में महाशिवरात्रि को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। हर साल की तरह इस वर्ष भी हजारों शिवभक्त यहां पहुंचेंगे और भगवान शिव-पार्वती के विवाह महोत्सव एवं भव्य बारात का हिस्सा बनेंगे।
नीलकंठेश्वर धाम: आध्यात्मिक शांति का केंद्र
नीलकंठेश्वर धाम मंदिर कटनी जिले के कैमोर क्षेत्र के पडखुंडी ग्राम में स्थित है। चारों ओर ऊँची पहाड़ियों से घिरा यह क्षेत्र प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक शांति का अनुभव कराता है। यहां आयोजित अखंड मानस पाठ और भक्तिमय कीर्तन दूर-दूर तक गूंजते हैं।
मंदिर के पुजारी के अनुसार, इस भव्य मंदिर का निर्माण कटनी के प्रतिष्ठित व्यवसायी मदन लाल ग्रोवर द्वारा सन् 1991 में कराया गया था। मंदिर की सुंदरता और धार्मिक महत्व के कारण कटनी और आसपास के जिलों से श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं। इस बार भक्तिगीत गायिका शहनाज अख़्तर अपनी प्रस्तुति देंगी, जिससे श्रद्धालुओं की भक्ति भावना और प्रबल होगी। इसके अलावा, मंदिर में हर वर्ष विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन किए जाते हैं, जिसके उपरांत हजारों श्रद्धालुओं को भंडारे में प्रसाद वितरित किया जाता है।
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35 वर्षों से हो रहा अखंड रामचरितमानस पाठ
नीलकंठेश्वर धाम में पिछले 35 वर्षों से अखंड रामचरितमानस पाठ और भगवान शिव के कीर्तन का आयोजन किया जा रहा है। महाशिवरात्रि से 42 दिन पूर्व शिवलिंग निर्माण प्रारंभ होता है, जिन्हें विधि-विधान से पूजन के बाद विसर्जित किया जाता है।
महाशिवरात्रि पर निकलती है भव्य शिव बारात
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भगवान शिव की बारात धूमधाम से निकाली जाती है, जिसमें कटनी सहित आसपास के जिलों से हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं। भव्य बाजे-गाजे, झांकियां और कीर्तन मंडलियां इस शोभायात्रा का आकर्षण बढ़ाते हैं।
5 एकड़ में फैला विशाल मंदिर परिसर
करीब 5 एकड़ में फैले इस मंदिर परिसर में मां जगदंबा, भगवान गणेश, श्रीहरि विष्णु-मां लक्ष्मी सहित कई देवी-देवताओं के मंदिर स्थित हैं। हालांकि, श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र तीन मंजिला ऊँचा भगवान शिव और गौरी माता का भव्य मंदिर है। इस पावन धाम में हर वर्ष महाशिवरात्रि पर होने वाले धार्मिक अनुष्ठान श्रद्धालुओं को एक अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करते हैं।
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नीलकंठेश्वर धाम: आध्यात्मिक शांति का केंद्र
नीलकंठेश्वर धाम मंदिर कटनी जिले के कैमोर क्षेत्र के पडखुंडी ग्राम में स्थित है। चारों ओर ऊँची पहाड़ियों से घिरा यह क्षेत्र प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक शांति का अनुभव कराता है। यहां आयोजित अखंड मानस पाठ और भक्तिमय कीर्तन दूर-दूर तक गूंजते हैं।
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मंदिर के पुजारी के अनुसार, इस भव्य मंदिर का निर्माण कटनी के प्रतिष्ठित व्यवसायी मदन लाल ग्रोवर द्वारा सन् 1991 में कराया गया था। मंदिर की सुंदरता और धार्मिक महत्व के कारण कटनी और आसपास के जिलों से श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं। इस बार भक्तिगीत गायिका शहनाज अख़्तर अपनी प्रस्तुति देंगी, जिससे श्रद्धालुओं की भक्ति भावना और प्रबल होगी। इसके अलावा, मंदिर में हर वर्ष विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन किए जाते हैं, जिसके उपरांत हजारों श्रद्धालुओं को भंडारे में प्रसाद वितरित किया जाता है।
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35 वर्षों से हो रहा अखंड रामचरितमानस पाठ
नीलकंठेश्वर धाम में पिछले 35 वर्षों से अखंड रामचरितमानस पाठ और भगवान शिव के कीर्तन का आयोजन किया जा रहा है। महाशिवरात्रि से 42 दिन पूर्व शिवलिंग निर्माण प्रारंभ होता है, जिन्हें विधि-विधान से पूजन के बाद विसर्जित किया जाता है।
महाशिवरात्रि पर निकलती है भव्य शिव बारात
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भगवान शिव की बारात धूमधाम से निकाली जाती है, जिसमें कटनी सहित आसपास के जिलों से हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं। भव्य बाजे-गाजे, झांकियां और कीर्तन मंडलियां इस शोभायात्रा का आकर्षण बढ़ाते हैं।
5 एकड़ में फैला विशाल मंदिर परिसर
करीब 5 एकड़ में फैले इस मंदिर परिसर में मां जगदंबा, भगवान गणेश, श्रीहरि विष्णु-मां लक्ष्मी सहित कई देवी-देवताओं के मंदिर स्थित हैं। हालांकि, श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र तीन मंजिला ऊँचा भगवान शिव और गौरी माता का भव्य मंदिर है। इस पावन धाम में हर वर्ष महाशिवरात्रि पर होने वाले धार्मिक अनुष्ठान श्रद्धालुओं को एक अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करते हैं।
