{"_id":"6811c97ec1e7a3ff2701e9c7","slug":"pollution-department-served-notice-to-close-the-crusher-katni-news-c-1-1-noi1360-2892105-2025-04-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Katni: सीएम हेल्पलाइन में हुई शिकायत के बाद हरकत में आया प्रदूषण विभाग, चार क्रेशर प्लांटों को थमाया नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Katni: सीएम हेल्पलाइन में हुई शिकायत के बाद हरकत में आया प्रदूषण विभाग, चार क्रेशर प्लांटों को थमाया नोटिस
Wed, 30 Apr 2025 12:51 PM IST
कटनी ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटनी
Published by: कटनी ब्यूरो
Updated Wed, 30 Apr 2025 12:51 PM IST
सार
Katni: सीएम हेल्पलाइन में दर्ज हुई शिकायत से बचाव के लिए प्रदूषण विभाग के अधिकारियों ने, न सिर्फ 4 क्रेशर संचालकों को नोटिस जारी किया, बल्कि माइनिंग विभाग की माइंस बंद करवाने तो विद्युत विभाग को बिजली कनेक्शन काटने को लेकर भी पत्राचार किया है।
विज्ञापन
नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले 4 क्रेशर संचालकों को नोटिस
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
विस्तार
मध्यप्रदेश के कटनी जिले में 4 क्रेशर प्लांटों को बंद करने के नोटिस प्रदूषण विभाग ने जारी किए है। जानकारी के मुताबिक बरही क्षेत्र में संचालित खदानें और क्रेशर संचालकों द्वारा नियमों को ताक में रखकर प्रदूषण फैला रहे हैं। स्थानीय लोगों की अनेकों शिकायतों के बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो स्थानीय लोगों ने सीएम हेल्पलाइन की मदद ली है। तब जाकर मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कटनी अधिकारियों ने खुद को सुरक्षित करने महज चार क्रेशर प्लांट संचालकों को बंद करने का नोटिस जारी किया है।
जानकारी के मुताबिक बरही क्षेत्र में संचालित इन चारों प्लांटों पर प्रदूषण फैलाने और नियमों का पालन न करने का आरोप है, जिस पर विभाग ने इन प्लांटों को तत्काल प्रभाव से बंद करने और आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा, विभाग ने माइनिंग और बिजली विभाग को भी पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। माइनिंग विभाग को खदान बंद कराने और बिजली विभाग को विद्युत कनेक्शन विच्छेद करने का निर्देश दिया गया है।
प्रदूषण विभाग के अधिकारी सुधांशु तिवारी ने बताया कि कटनी जिले के बरही क्षेत्र जाजागढ़, बिचपुरा, कनौर में संचालित 4 क्रेशर प्लांटों को वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए आवश्यक उपाय नहीं किए जाने पर नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया है। जिनमें श्रीराम ट्रेडर्स, महालक्ष्मी माइंस एंड मिनरल्स, सरोज मिनरल्स एंड माइंस सहित मेसर्स के.पी. अवस्थी स्टोन क्रेशर प्लांट शामिल है इनके द्वारा अपने संचालकों द्वारा अपने प्लांटों में प्राइमरी और सेकेंडरी यूनिट के लिए छन्ना नहीं ढकना, 15 फीट ऊंची बाउंड्री वॉल नहीं होना, जल छिड़काव नहीं करना और सघन वृक्षारोपण नहीं होना पाया गया है।
विज्ञापन
पढ़ें; किसानों से धोखाधड़ी का मुख्य आरोपी गिरफ्तार, किराए पर ले गए चार ट्रैक्टर को भी किया गया बरामद
सीएम हेल्पलाइन में दर्ज हुई शिकायत से बचाव के लिए प्रदूषण विभाग के अधिकारियों ने, न सिर्फ 4 क्रेशर संचालकों को नोटिस जारी किया, बल्कि माइनिंग विभाग की माइंस बंद करवाने तो विद्युत विभाग को बिजली कनेक्शन काटने को लेकर भी पत्राचार किया है। ताकि क्षेत्र में संचालित अन्य खदान और क्रेशर संचालकों के लिए नाजिर पेश हो सके। फिलहाल प्रदूषण विभाग के इस नोटिस से संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।
बता दें इसके क्रेशर प्लांटों के मालिकों ने नियमों को ताक पर रखकर ग्राम पंचायत बिचपुरा की खसरा नंबर 1032/1 की चरनोई, घास मद में दर्ज आरक्षित भूमि जो मवेशियों को चारा चरने के लिए आरक्षित थी। उस कर खनिज विभाग द्वारा नियम विरुद्ध तरीके से लीज स्वीकृत कर दी है। जहां बड़े पैमाने पर खनिज संप्रदा का अवैध उत्खनन किया जा रहा है और शासन को लाखों करोड़ों के राजस्व का चूना लगाया जा रहा है। ग्रामीणों की माने तो मामले की अगर उच्च स्तरीय जांच हो तो बड़ा घोटाला समाने आएगा जिसमें कई जिम्मेदारों की भूमिका उजागर हो जाएगी।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक बरही क्षेत्र में संचालित इन चारों प्लांटों पर प्रदूषण फैलाने और नियमों का पालन न करने का आरोप है, जिस पर विभाग ने इन प्लांटों को तत्काल प्रभाव से बंद करने और आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा, विभाग ने माइनिंग और बिजली विभाग को भी पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। माइनिंग विभाग को खदान बंद कराने और बिजली विभाग को विद्युत कनेक्शन विच्छेद करने का निर्देश दिया गया है।
विज्ञापन
प्रदूषण विभाग के अधिकारी सुधांशु तिवारी ने बताया कि कटनी जिले के बरही क्षेत्र जाजागढ़, बिचपुरा, कनौर में संचालित 4 क्रेशर प्लांटों को वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए आवश्यक उपाय नहीं किए जाने पर नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया है। जिनमें श्रीराम ट्रेडर्स, महालक्ष्मी माइंस एंड मिनरल्स, सरोज मिनरल्स एंड माइंस सहित मेसर्स के.पी. अवस्थी स्टोन क्रेशर प्लांट शामिल है इनके द्वारा अपने संचालकों द्वारा अपने प्लांटों में प्राइमरी और सेकेंडरी यूनिट के लिए छन्ना नहीं ढकना, 15 फीट ऊंची बाउंड्री वॉल नहीं होना, जल छिड़काव नहीं करना और सघन वृक्षारोपण नहीं होना पाया गया है।
विज्ञापन
पढ़ें; किसानों से धोखाधड़ी का मुख्य आरोपी गिरफ्तार, किराए पर ले गए चार ट्रैक्टर को भी किया गया बरामद
सीएम हेल्पलाइन में दर्ज हुई शिकायत से बचाव के लिए प्रदूषण विभाग के अधिकारियों ने, न सिर्फ 4 क्रेशर संचालकों को नोटिस जारी किया, बल्कि माइनिंग विभाग की माइंस बंद करवाने तो विद्युत विभाग को बिजली कनेक्शन काटने को लेकर भी पत्राचार किया है। ताकि क्षेत्र में संचालित अन्य खदान और क्रेशर संचालकों के लिए नाजिर पेश हो सके। फिलहाल प्रदूषण विभाग के इस नोटिस से संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।
बता दें इसके क्रेशर प्लांटों के मालिकों ने नियमों को ताक पर रखकर ग्राम पंचायत बिचपुरा की खसरा नंबर 1032/1 की चरनोई, घास मद में दर्ज आरक्षित भूमि जो मवेशियों को चारा चरने के लिए आरक्षित थी। उस कर खनिज विभाग द्वारा नियम विरुद्ध तरीके से लीज स्वीकृत कर दी है। जहां बड़े पैमाने पर खनिज संप्रदा का अवैध उत्खनन किया जा रहा है और शासन को लाखों करोड़ों के राजस्व का चूना लगाया जा रहा है। ग्रामीणों की माने तो मामले की अगर उच्च स्तरीय जांच हो तो बड़ा घोटाला समाने आएगा जिसमें कई जिम्मेदारों की भूमिका उजागर हो जाएगी।
