{"_id":"6aa3cfc28a3f5a297200c8fa","slug":"high-court-takes-a-strict-stance-on-the-chhoti-mahanadi-bridge-closed-for-four-years-orders-immediate-repairs-katni-news-c-1-1-noi1360-4711748-2026-09-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"कटनी: चार साल से बंद छोटी महानदी पुल पर हाईकोर्ट सख्त, जल्द मरम्मत कराने के निर्देश; जानें मामला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कटनी: चार साल से बंद छोटी महानदी पुल पर हाईकोर्ट सख्त, जल्द मरम्मत कराने के निर्देश; जानें मामला
Fri, 11 Sep 2026 05:45 PM IST
कटनी ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटनी
Published by: कटनी ब्यूरो
Updated Fri, 11 Sep 2026 05:45 PM IST
सार
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने करीब चार साल से बंद छोटी महानदी पुल की मरम्मत जल्द कराने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने बताया कि काम MPRDC को सौंपा गया है और टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। कोर्ट ने पुल को सुरक्षित बनाकर सतना-मैहर-उमरिया मार्ग पर आवागमन बहाल करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
हाईकोर्ट ने महानदी में बने जर्जर पुल को जल्द दुरुस्त करने के दिए सख्त आदेश।
विस्तार
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने करीब चार साल से बंद छोटी महानदी पुल को लेकर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को टेंडर प्रक्रिया जल्द पूरी कर पुल की आवश्यक मरम्मत कराने और उसे सुरक्षित रूप से आवागमन के योग्य बनाने के निर्देश दिए हैं। सतना-मैहर-उमरिया मार्ग पर स्थित इस पुल के लंबे समय से बंद होने के कारण आसपास के लोगों और इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
दरअसल, मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की एसीजे विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की डिवीजन बेंच में छोटी महानदी पुल से जुड़ी याचिका पर सुनवाई हुई है। जहां याचिकाकर्ता अधिवक्ता ब्रह्ममूर्ति तिवारी ने कोर्ट में दलील दी कि छोटी महानदी पुल 7 दिसंबर 2022 से बंद है पुल निर्माण की खराब गुणवत्ता के कारण यह क्षतिग्रस्त हुआ और इसके बाद से इसे आवागमन के लिए बंद रखा गया है। पुल के बंद रहने से 4 जिलों की कनेक्टिविटी प्रभावित होती है। लोगों को आने-जाने में काफी लंबा सफर तय करना पड़ता है। मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पहले भी सरकार से पुल की स्थिति को लेकर जवाब मांगा था। 8 अप्रैल 2026 को कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा था कि क्या मौजूदा पुल की मरम्मत कर उसे सुरक्षित और आवागमन योग्य बनाया जा सकता है। यदि पुल की मरम्मत संभव नहीं है तो सरकार को वैकल्पिक व्यवस्था के बारे में जानकारी देने के निर्देश दिए गए थे।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- जबलपुर: हिजाब और धार्मिक प्रथाओं के आरोपों पर हाईकोर्ट का फैसला, एफआईआर रद्द करने से किया इनकार, याचिका खारिज
विज्ञापन
वहीं, अब सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि छोटी महानदी पुल की मरम्मत का काम मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (MPRDC) को सौंप दिया गया है। एमपीआरडीसी की ओर से मरम्मत कार्य के लिए ठेकेदार नियुक्त करने के उद्देश्य से एनआईटी भी जारी की जा चुकी है। सरकार की ओर से दी गई जानकारी के बाद हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि टेंडर प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाए और इसके बाद पुल की आवश्यक मरम्मत का काम शीघ्र कराया जाए। कोर्ट ने साफ किया कि पुल को सुरक्षित स्थिति में लाकर सतना-मैहर-उमरिया मार्ग पर दोबारा मोटरेबल बनाया जाए, ताकि लोगों को आवागमन में राहत मिल सके। निर्देश जारी करने के साथ ही डिवीजन बेंच ने याचिका का निराकरण कर दिया है।

हाईकोर्ट ने महानदी में बने जर्जर पुल को जल्द दुरुस्त करने के दिए सख्त आदेश।

हाईकोर्ट ने महानदी में बने जर्जर पुल को जल्द दुरुस्त करने के दिए सख्त आदेश।
