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जीडीपी आंकड़े सजावटी, वृद्धि का असर जमीन पर दिखना चाहिए: कमलनाथ
Wed, 23 Jan 2019 07:52 PM IST
अमित मंडल
भाषा
भाषा
Published by: अमित मंडल
Updated Wed, 23 Jan 2019 07:52 PM IST
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कमलनाथ
- फोटो : ANI
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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बुधवार को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़े को ‘सजावटी’ बताते हुए कहा कि आर्थिक वृद्धि का असर जमीन पर दिखना चाहिये और लोगों का जीवनस्तर बेहतर होना चाहिए। विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक 2019 में उभरते बाजार परिदृश्य पर एक सत्र को संबोधित करते हुए कमलनाथ ने अपनी सरकार द्वारा किसानों का कर्ज माफ करने के फैसले का मजबूती से बचाव करते हुए कहा कि भारत विशेषरूप से उनके राज्य में कृषि क्षेत्र की हालत काफी खराब है।
भारत की वृद्धि दर पर अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) के ताजा अनुमान पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि जीडीपी एक सजावट का आंकड़ा होता है, कई बार यह भ्रमित भी करता है। देखने की जरूरत यह है कि यह 7.5 प्रतिशत की वृद्धि का असर कहां दिखाई देता है। कृषि कर्ज माफी के फैसले का बचाव करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि वह केंद्र सरकार में भी कई मंत्रालयों में रह चुके हैं। यह बेहद जरूरी है क्योंकि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। उन्हें किसानों की दिक्कतों का ध्यान रखना था।
कमलनाथ ने कहा कि कर्ज माफी करीब आठ अरब डॉलर की है। यह बैंकों के ऐसे कर्ज को भी लेना है जो डूबा कर्ज बन चुका है और बैंकों को इस प्रक्रिया में कुछ घाटा उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि गैर निष्पादित आस्तियां (एनपीए) बैंकों के बही खाते पर असर डाल रही है और यह फैसला बैंकों के हित में भी है।
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कमलनाथ ने कहा कि भारत ने दुनिया को दिखाया है कि सत्ता में चाहे कोई भी सरकार हो वह वृद्धि दर्ज करता है। लेकिन समावेशी आर्थिक विस्तार आज समय की जरूरत है। इसके लिए बेरोजगारी तथा किसानों की परेशानियों जैसी दो समस्याओं को हल करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर हैं लेकिन यह कई वजहों से हो रहा हैं। सरकार की नीतियां कैसी भी हों भारत आगे बढ़ता है। अपनी आकांक्षी युवा पीढ़ी के जरिये भारत वृद्धि दर्ज करता है।
हालांकि, उन्होंने चेताया कि बेरोजगारी के साथ किसानों के मुद्दे देश के समक्ष दो बड़ी समस्याएं हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी नीतिगत फैसला इन दो मुद्दों पर केंद्रित होना चाहिए। असमानता पर कमलनाथ ने कहा कि आक्सफैम द्वारा जारी आंकड़े परेशान करने वाले हैं। इस समानता को दूर करने के लिए काफी कुछ करने की जरूरत है। ऑक्सफैम के अध्ययन के अनुसार वर्ष 2018 में देश की शीर्ष एक प्रतिशत आबादी 39 प्रतिशत और अमीर हो गई। वहीं नीचे के 50 प्रतिशत लोगों की संपदा में मात्र तीन प्रतिशत का इजाफा हुआ।
इसी सत्र को संबोधित करते हुए हांगकांग एसएआर सरकार की सीईओ कैरी लैम ने कहा कि वैश्विक व्यापार को लेकर कुछ चिंताएं हैं लेकिन वह सकारात्मक हैं। तुर्की के वित्त मंत्री बेरात अल्बेरक ने कहा कि तुर्की क्षेत्र में एकमात्र स्थिर अर्थव्यवस्था है और उसने क्षेत्र की समस्याओं से काफी कुछ सीखा है। उन्होंने कहा कि तुर्की और अमेरिका के बीच काफी महत्वपूर्ण रिश्ते हैं।
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भारत की वृद्धि दर पर अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) के ताजा अनुमान पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि जीडीपी एक सजावट का आंकड़ा होता है, कई बार यह भ्रमित भी करता है। देखने की जरूरत यह है कि यह 7.5 प्रतिशत की वृद्धि का असर कहां दिखाई देता है। कृषि कर्ज माफी के फैसले का बचाव करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि वह केंद्र सरकार में भी कई मंत्रालयों में रह चुके हैं। यह बेहद जरूरी है क्योंकि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। उन्हें किसानों की दिक्कतों का ध्यान रखना था।
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कमलनाथ ने कहा कि कर्ज माफी करीब आठ अरब डॉलर की है। यह बैंकों के ऐसे कर्ज को भी लेना है जो डूबा कर्ज बन चुका है और बैंकों को इस प्रक्रिया में कुछ घाटा उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि गैर निष्पादित आस्तियां (एनपीए) बैंकों के बही खाते पर असर डाल रही है और यह फैसला बैंकों के हित में भी है।
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कमलनाथ ने कहा कि भारत ने दुनिया को दिखाया है कि सत्ता में चाहे कोई भी सरकार हो वह वृद्धि दर्ज करता है। लेकिन समावेशी आर्थिक विस्तार आज समय की जरूरत है। इसके लिए बेरोजगारी तथा किसानों की परेशानियों जैसी दो समस्याओं को हल करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर हैं लेकिन यह कई वजहों से हो रहा हैं। सरकार की नीतियां कैसी भी हों भारत आगे बढ़ता है। अपनी आकांक्षी युवा पीढ़ी के जरिये भारत वृद्धि दर्ज करता है।
हालांकि, उन्होंने चेताया कि बेरोजगारी के साथ किसानों के मुद्दे देश के समक्ष दो बड़ी समस्याएं हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी नीतिगत फैसला इन दो मुद्दों पर केंद्रित होना चाहिए। असमानता पर कमलनाथ ने कहा कि आक्सफैम द्वारा जारी आंकड़े परेशान करने वाले हैं। इस समानता को दूर करने के लिए काफी कुछ करने की जरूरत है। ऑक्सफैम के अध्ययन के अनुसार वर्ष 2018 में देश की शीर्ष एक प्रतिशत आबादी 39 प्रतिशत और अमीर हो गई। वहीं नीचे के 50 प्रतिशत लोगों की संपदा में मात्र तीन प्रतिशत का इजाफा हुआ।
इसी सत्र को संबोधित करते हुए हांगकांग एसएआर सरकार की सीईओ कैरी लैम ने कहा कि वैश्विक व्यापार को लेकर कुछ चिंताएं हैं लेकिन वह सकारात्मक हैं। तुर्की के वित्त मंत्री बेरात अल्बेरक ने कहा कि तुर्की क्षेत्र में एकमात्र स्थिर अर्थव्यवस्था है और उसने क्षेत्र की समस्याओं से काफी कुछ सीखा है। उन्होंने कहा कि तुर्की और अमेरिका के बीच काफी महत्वपूर्ण रिश्ते हैं।
