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येक्या बोल गए विजयवर्गीय: इंदौर में चलती है दादा दयालु की समानांतर सरकार...सरकार जो काम नहीं करवा सकती वो मेंदोला करवा देते हैं..
Wed, 27 Oct 2021 06:50 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Wed, 27 Oct 2021 06:50 PM IST
सार
इंदौर में पढ़ने वाले जोबट के बच्चों के लिए विशेष कार्यक्रम रखा गया था। इसमें कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि रमेश मेंदोला की समानांतर सरकार चलती है। जो काम सरकार नहीं कर पाती, वो मेंदोला कर देते हैं।
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कैलाश विजयवर्गीय (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
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विस्तार
मध्यप्रदेश में भाजपा की सरकार है जिसके मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान हैं, लेकिन इंदौर में एक और सरकार चलती है। चौंकिए मत, यह हम नहीं कह रहे बल्कि भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय का कहना है। उनका कहना है कि इंदौर-2 विधायक रमेश मेंदोला की इंदौर में समानांतर सरकार चलती है। जो काम सरकार नहीं करवा सकती है उसे वो (मेंदोला) करवा देते हैं।
दरअसल रमेश मेंदोला इंदौर की विधानसभा क्रमांक 2 से विधायक हैं। वे विजयवर्गीय के अभिन्न साथी माने जाते हैं। मेंदोला के लिए ही कैलाश विजयवर्गीय दो नंबर की सीट छोड़कर महू से चुनाव लड़े थे। दो नंबर को भाजपा के गढ़ से ज्यादा कैलाश-रमेश का गढ़ कहा जाता है।
कांग्रेस ने ली चुटकी-इसीलिए आज तक मंत्री नहीं बन पाए मेंदोला
विजयवर्गीय ने कहा कि इंदौर में दादा दयालु यानी विधायक रमेश मेंदोला की समानांतर सरकार चलती है। जो काम सरकार नहीं करवा सकती उसे मेंदोला करवा देते हैं। उनके इस बयान पर कांग्रेस ने चुटकी ली है। कांग्रेस नेता नरेंद्र सलूजा ने ट्वीट कर कहा है कि सही कहा कैलाशजी, शहर और भाजपा दोनों इसके गवाह हैं कि पिछले कई वर्षों से आपकी और उनकी समानांतर सरकार चल रही है। बेशक इंदौर की यह समानांतर सरकार प्रदेश में भाजपा की सरकार होने के बाद भी सतत चल रही है। इस सरकार के खर्च को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहते हैं। शायद इसी समानांतर सरकार के चलते दादा दयालू आज तक प्रदेश की भाजपा सरकार में मंत्री नहीं बन पाए और यह भी सच है कि इनके सीएम तो आप ही हो।
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मंत्री के लिए नाम चलता है, बन नहीं पाते
विधायक रमेश मेंदोला को लेकर पहले भी सियासत गर्मा चुकी है। रिकॉर्ड मतों से जीतने के बाद ये कयास लगाए गए थे कि उनको मंत्री बनाया जाएगा लेकिन शिवराज-कैलाश के राजनीतिक रिश्तों के चलते मेंदोला हर बार मंत्री पद से वंचित रहे। पिछली बार जब मंत्रिमंडल तय हो रहा था तब भी मेंदोला का नाम लगभग तय माना जा रहा था लेकिन अचानक उनका नाम कट गया जिसे लेकर खूब चर्चा हुई थी।
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दरअसल रमेश मेंदोला इंदौर की विधानसभा क्रमांक 2 से विधायक हैं। वे विजयवर्गीय के अभिन्न साथी माने जाते हैं। मेंदोला के लिए ही कैलाश विजयवर्गीय दो नंबर की सीट छोड़कर महू से चुनाव लड़े थे। दो नंबर को भाजपा के गढ़ से ज्यादा कैलाश-रमेश का गढ़ कहा जाता है।
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कांग्रेस ने ली चुटकी-इसीलिए आज तक मंत्री नहीं बन पाए मेंदोला
विजयवर्गीय ने कहा कि इंदौर में दादा दयालु यानी विधायक रमेश मेंदोला की समानांतर सरकार चलती है। जो काम सरकार नहीं करवा सकती उसे मेंदोला करवा देते हैं। उनके इस बयान पर कांग्रेस ने चुटकी ली है। कांग्रेस नेता नरेंद्र सलूजा ने ट्वीट कर कहा है कि सही कहा कैलाशजी, शहर और भाजपा दोनों इसके गवाह हैं कि पिछले कई वर्षों से आपकी और उनकी समानांतर सरकार चल रही है। बेशक इंदौर की यह समानांतर सरकार प्रदेश में भाजपा की सरकार होने के बाद भी सतत चल रही है। इस सरकार के खर्च को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहते हैं। शायद इसी समानांतर सरकार के चलते दादा दयालू आज तक प्रदेश की भाजपा सरकार में मंत्री नहीं बन पाए और यह भी सच है कि इनके सीएम तो आप ही हो।
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मंत्री के लिए नाम चलता है, बन नहीं पाते
विधायक रमेश मेंदोला को लेकर पहले भी सियासत गर्मा चुकी है। रिकॉर्ड मतों से जीतने के बाद ये कयास लगाए गए थे कि उनको मंत्री बनाया जाएगा लेकिन शिवराज-कैलाश के राजनीतिक रिश्तों के चलते मेंदोला हर बार मंत्री पद से वंचित रहे। पिछली बार जब मंत्रिमंडल तय हो रहा था तब भी मेंदोला का नाम लगभग तय माना जा रहा था लेकिन अचानक उनका नाम कट गया जिसे लेकर खूब चर्चा हुई थी।
