Indore: इस बार इंदौर में गर्मी ने कम सताया, मानसून भी देरी से आएगा
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून से पहले हवा का रुख बदलता है। हवा तेज चलने लगती है और उसकी दिशा दक्षिण पश्चिमी रहती है, लेकिन इंदौर में कई दिनों से उत्तरी- पश्चिमी हवा चल रही है। जलवायु परिवर्तन के कारण इस तरह की स्थिति बनी है।
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इंदौर मेें इस बार मौसम का रंग फीका है। ठंड ज्यादा नहीं पड़ी और गर्मी के तेेवर भी कम दिखे। हर बार मानसून भी 13 जून के आसपास आ जाता है, लेकिन इस बार 20 जून के बाद इंदौर मेें मानसून की आमद होगी,क्योकि इस बार केरल में ही अभी तक मानसून नहीं आया।
मई माह तेज गर्मी के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार मई मेें इंदौर की धरती ज्यादा नहीं तपी। 5-6 दिन तक बारिश के कारण तापमान में गिरावट रही। गर्मी के चार माह में 78 दिन पारा सामान्य से नीचे रही रहा। मई और अप्रैल में बारिश ने रिकार्ड बनाया। सवा सौ साल में अप्रैल में इंदौर में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई। इस कारण अप्रैल के अंतिम सप्ताह मेें पारा सामान्य से 13 डिग्री तक नीचे रहा। गर्मी के चार माह में हवा का असर आसमान में बना रहा।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून से पहले हवा का रुख बदलता है। हवा तेज चलने लगती है और उसकी दिशा दक्षिण पश्चिमी रहती है, लेकिन इंदौर में कई दिनों से उत्तरी- पश्चिमी हवा चल रही है। जलवायु परिवर्तन के कारण इस तरह की स्थिति बनी है।
मौसम वैैज्ञानिकों का कहना है कि अरब सागार और बंगाल की खाड़ी में तापमान के अंतर का असर मानसून पर रहेगा। इस बार छोटे विक्षोभ पहले ही दोनो स्थानों पर बने। इस कारण गर्मी के दिनों में बारिश होती रही। मानसून में बारिश कम हो सकती है। मानसून का असर इंदौर में 20 जून के बाद होगा। फिलहाल प्री मानसून वर्षा हो सकती है।
