Pravasi Bharatiya Divas: प्रवेश न मिलने से भड़के एनआरआई, शिवराज ने मंच से मांगी माफी
प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन में एनआरआई की भीड़ को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आने से पहले प्रतिनिधियों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी। इसे लेकर जमकर हंगामा हुआ।
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विस्तार
प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आने से पहले ही हंगामा हो गया। एनआरआई की बढ़ती भीड़ को देखकर प्रवेश रोक दिया गया। उनसे कहा गया कि वे हॉल में मेगा स्क्रीन पर ही कार्यक्रम को देखें। इससे एनआरआई भड़क गए और कहने लगे कि इतने पैसे खर्च कर आए हैं और टीवी पर कार्यक्रम देखने को कहा जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस विवाद के लिए मंच से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि माफ करना हॉल छोटा पड़ गया है, लेकिन दिल छोटा नहीं है। इंदौर ने न केवल अपना दिल बल्कि घरों के दरवाजे भी प्रवासी भारतीयों के लिए खोल दिए हैं।
इंदौर में #प्रवासी_भारतीय_दिवस सम्मेलन में भाग लेने आए प्रवासी भारतीयों को सम्मेलन स्थल पर जाने से रोका तो वे भड़क गए। कह रहे हैं कि इतना पैसा खर्च कर हम यहां आए और कह रहे हैं कि टीवी पर देखो... #PravasiBharatiyaDivas #PravasiBhartiyaDivas2023https://t.co/HgUZgyVWo8 pic.twitter.com/CcXgKXVmJ4
— Amar Ujala Madhya Pradesh (@AU_MPNews) January 9, 2023विज्ञापन
हॉल की क्षमता दो हजार, पहुंच गए पांच हजार
दरअसल, सम्मेलन में भाग लेने के लिए 70 देशों से 3500 से अधिक प्रतिनिधियों के पहुंचने की बात हो रही है। हकीकत यह है कि सम्मेलन के लिए रजिस्ट्रेशन पांच हजार से अधिक हुए हैं। आयोजकों के अनुसार ब्रिलियंट कन्वेंशन हॉल की क्षमता अधिकतम 2000 सीटों की है। अंतिम समय में केंद्र सरकार ने रजिस्ट्रेशन ओपन कर दिए थे। इस वजह से कई एनआरआई परेशान हुए। ओपन रजिस्ट्रेशन की वजह से पांच हजार से अधिक रजिस्ट्रेशन हो गए। कई एनआरआई को गेट के बाहर खड़े रहना पड़ा। स्थिति बिगड़ती देख बड़ी संख्या में एनआरआई को महाकाल और अन्य जगह पर्यटन के लिए भेजा गया है।
प्रवासी भारतीय सम्मेलन में पधारे सभी प्रवासी भाई-बहनों का स्वागत और अभिनंदन करता हूं।
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) January 9, 2023
हॉल छोटा पड़ गया, लेकिन दिल में आपके लिए प्रेम और स्नेह की कोई कमी नहीं है : CM#PM_at_PBDIndore #PBDIndore pic.twitter.com/YYsbm8mh6S
प्रवासियों का गुस्सा भड़का
आयोजन स्थल ब्रिलियंट कन्वेंशन हॉल में क्षमता से अधिक एनआरआई पहुंचने की वजह से आयोजकों को प्रवेश रोकना पड़ा। साथ ही प्रधानमंत्री के आने से पहले सुरक्षा इंतजामों का भी प्रश्न था। इससे एनआरआई भड़क गए। उन्होंने काफी दिन पहले रजिस्ट्रेशन करा रखा था। उन्हें कहा जा रहा है कि वे सम्मेलन हॉल के बाहर बड़ी स्क्रीन पर ही कार्यक्रम को देखें। इस वजह एनआरआई भड़क गए और मीडिया के सामने अपना गुस्सा उतारते दिखे। एक एनआरआई ने कहा कि हम लाखों रुपये खर्च कर यहां पहुंचे हैं और यहां कहा जा रहा है कि बड़ी स्क्रीन पर देखिये। यह शर्मनाक है। यह तो हम घर पर टीवी पर ही देख लेते। इतने लाखों रुपये खर्च करने का क्या फायदा? एनआरआई के हंगामे के बाद मीडिया को भी कुछ देर के लिए बाहर निकाल दिया गया।
मीडिया को भी बाहर निकाला
हंगामा बढ़ता देख आयोजकों ने कुछ देर के लिए मीडिया को वहां से बाहर किया। देरी से पहुंचे कुछ मीडियाकर्मियों को भी प्रवेश नहीं दिया गया। उन्हें भी सुरक्षाकर्मियों से बहस करते देखा गया। बाद में कुछ एनआरआई प्रतिनिधियों और दिल्ली से आए मीडिया को कन्वेंशन हॉल में प्रवेश दिया गया। तब तक काफी हंगामा होता रहा।
राज्य सरकार ने केंद्र को बताया जिम्मेदार
हंगामा बढ़ता देख राज्य सरकार के अधिकारियों ने इसके लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार बताया है। राज्य सरकार के अधिकारियों का कहना है कि केंद्र सरकार ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन दिल्ली से ओपन कर दिया। इससे पांच हजार से अधिक एनआरआई ने पीएम नरेंद्र मोदी को सुनने के लिए रजिस्ट्रेशन करा लिया। इसमें राज्य सरकार का किसी भी तरह से काम नहीं बचा। अधिकारी इस मामले पर बयान देने से बच रहे हैं। वहीं रजिस्ट्रेशन डोम में एनआरआई की भीड़ और हंगामा सबकुछ खुद ही बयां कर रही है।
