फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   Indore once again new history in organ donation sector, donated first hand too

Indore: अंगदान में एक बार फिर इंदौर ने रचा इतिहास, पहली बार हाथ भी हुआ डोनेट

Mon, 16 Jan 2023 01:51 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अभिषेक चेंडके Updated Mon, 16 Jan 2023 01:51 PM IST
सार

रतलाम कोठी इंदौर निवासी ट्रांसपोर्ट व्यवसायी सुनील खजांची की 52 वर्षीय पत्नी विनीता  को ब्रेन की बीमारी की वजह से बॉम्बे हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। डाक्टरों ने परिवार को ब्रेन डेथ के लक्षण की जानकारी दी गई। परिजनों ने अंग दान करने का फैसला लिया।

विज्ञापन
Indore once again new history in organ donation sector, donated first hand too
अंगदान के बाद परिजनों ने विनिता को इस तरह दी विदाई - फोटो : amar ujala digital

विस्तार

इंदौर की एक महिला ने मृत्यु के बाद अपने अंग देकर चार लोगों की जिंदगी में खुशियां दी है। इंदौर में 47 वां ग्रीन काॅरिडोर बना। पहली बार हाथ भी डोनेट हुआ, जो मुबंई में एक किशोरी को लगेगा। इसके लिए एक चार्टर की व्यवस्था की गई। चैन्नई से रात को एक चार्टर प्लेन अंग लेने के लिए इंदौर आ गया था। सोमवार को  अंगदान के लिए एक साथ अपोलो हॉस्पिटल चेन्नई,ग्लोबल हॉस्पिटल मुंबई चोइथराम हॉस्पिटल एवं सीएचएल हॉस्पिटल के लिए 47वां ग्रीन काॅरिडोर बना। 
विज्ञापन


 रतलाम कोठी इंदौर निवासी ट्रांसपोर्ट व्यवसायी सुनील खजांची की 52 वर्षीय पत्नी विनीता  को ब्रेन की बीमारी की वजह से  13 जनवरी की सुबह बॉम्बे हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। डाक्टरों ने परिवार को ब्रेन डेथ के लक्षण की जानकारी दी । इसके बाद परिजनों ने अंग दान करने का फैसला लिया और डाक्टरों ने ग्रीन काॅरिडोर की तैयारी शुरू कर दी। सुबह ग्रीन कारिडोर बनाकर लंग्स अपोलो हॉस्पिटल चेन्नई, हाथ ग्लोबल हॉस्पिटल मुंबई को,लीवर चोइथराम हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर को,एक किडनी बॉम्बे हॉस्पिटल को एवं दूसरी किडनी सीएचएल हॉस्पिटल को भिजवाई गई। चारों अस्पतालों में अंग पाने वाले व्यकि्तयों को पहले ही आपरेशन थिएटर में ले जाया गया था। अंगों के पहुंचते ही प्रत्यारोपण की प्रक्रिया डाक्टरों ने शुरू कर दी। 
विज्ञापन


 विनिता की बेटी व अन्य परिजनों ने भीगी पलकों से अंगों को ग्रीन कारिडोर के भिजवाया और अनूठी श्रद्धाजंलि दी। मुस्कान ग्रुप के सेवादार जीतू बगानी, संदीप आर्य ने बताया की राष्ट्रीय अंग एवं टिशू प्रत्यारोपण संस्था के अधिनियम अनुसार अंगों के आवंटन का कार्य एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ संजय दीक्षित, नोडल ऑफिसर डॉ मनीष पुरोहित ने किया। खजांची परिवार में पहले भी कुछ लोग अंगदान कर चुके है।
विज्ञापन
विज्ञापन


15 मिनट में पहुंचा हाथ, 17 मिनट में फेफड़े 
बांबे अस्पताल से एयरपोर्ट तक ग्रीन कारिडोर बना। मार्ग पर पुलिस जवान थे और एम्बुलैंस को प्राथमिकता से एयरपोर्ट तक भिजवाया। अस्पताल से एयरपोर्ट तक हाथ 15 मिनट मेें पहुंचा अौर फेफड़े 17 मिनट में पहुंचे। एयरपोर्ट पर बांबे  और चैन्नई जाने के लिए पहले से चार्टर तैयार खड़े थे। 

 

अंगदान में सबसे आगे इंदौर
अंगदान के मामले में इंदौर सबसे आगे है। चार सालों में 47 ग्रीन काॅरिडोर यहां बन चुके है। इससे कई लोगों को नया जीवन मिला है। ब्रेन डेथ होने के बाद परिजनों के साथ मुस्कान ग्रुप के पदाधिकारी समन्वय बनाते है। सहमति के बाद देशभर के अस्पतालों के लिए अलर्ट भी जारी होते है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed