Indore News: इंदौर में वकीलों ने नहीं किया काम, 15 हजार से ज्यादा प्रकरणों की सुनवाई प्रभावित
वकीलों के काम नहीं करने से कोर्ट परिसर में सन्नाटा पसरा रहा। वकीलों ने परिसर में नारेबाजी भी की। जिनके केस आज लगे थे, वे परिसर में घूमते रहे।जो प्रकरण पक्षकारों की उपस्थिति के लिए लगे थे उनमें पक्षकार खुद उपस्थित हुए।
विस्तार
इंदौर में विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार को वकीलों ने कोर्ट में काम नहीं किया। इस वजह से इंदौर में 15 हजार से ज्यादा प्रकरणों की सुनवाई प्रभावित रही। पक्षकार भी परिसर में घूमते नजर आए। राज्य अधिवक्ता परिषद ने वकीलों की समस्याओं को लेकर शुक्रवार को कार्य से विरत रहने की अपील की थी, लेकिन सुबह परिषद ने फैसला अचानक बदल लिया,लेकिन यह कवायद बेअसर रही। वकील कोर्ट तो पहुंचे लेकिन उन्होंने कोर्ट में काम नहीं किया। वकीलों का कहना है कि प्रकरण में पैरवी से पहले उन्हें तैयारी करना होती है। परिषद ने सुबह 11 बजे आव्हान वापस लिया है। ऐसे में प्रकरणों की पैरवी करने में मुश्किल आती।
पसरा रहा सन्नाटा
वकीलों के काम नहीं करने से कोर्ट परिसर में सन्नाटा पसरा रहा। वकीलों ने परिसर में नारेबाजी भी की। जिनके केस आज लगे थे, वे परिसर में घूमते रहे।जो प्रकरण पक्षकारों की उपस्थिति के लिए लगे थे उनमें पक्षकार खुद उपस्थित हुए। जिला न्यायालय और हाई कोर्ट में वकीलों ने कार्य से विरत रहने के समर्थन में नारेबाजी भी की।
इसलिए हो रहा विरोध
वकील हाई कोर्ट के एक आदेश के विरोध में है। जिसमें न्यायालयों से कहा गया कि हर तीन माह में 25 चिन्हित केसों का निराकरण अनिवार्य रूप से करें। इस आदेश पर वकीलों को आपत्ति है।इंदौर अभिभाषक संघ के अध्यक्ष गोपाल कचोलिया का कहना है कि आदेश से न्यायालयों का नियमित कामकाज प्रभावित हो रहा है। न्यायालय चिन्हित प्रकरणों की सुनवाई के चक्कर में अन्य प्रकरणों की सुनवाई नहीं कर रहे। इस आदेश के कारण जिला न्यायालय में वकीलों ने काम नहीं किया।
