Indore: इंदौर में इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण छह माह लेट, पिछले साल अगस्त में आई थी टीम
पहले 15 मार्च तक सर्वेक्षण टीम आने के संकेत मिले थे, लेकिन अब मार्च के अंतिम सप्ताह तक इंदौर में सर्वेक्षण हो सकता है। वैसे भी इस बार इंदौर को प्रीमियर लीग में रखा गया है। यहां इंदौर का मुकाबला सूरत और नवी मुबंई से है।
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सात बार से लगातार सबसे साफ शहर का ताज बरकरार रखने वाले इंदौर को इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण टीम लंबा इंतजार करवा रही है। चार माह से इंदौर में सर्वेक्षण को लेकर नगर निगम ने तैयारी कर रखी है, लेकिन अभी तक दिल्ली से टीम नहीं आई। इस बार सर्वेक्षण छह माह लेट हो गया है। पिछले साल अगस्त माह में इंदौर में सर्वे हो चुका था और जनवरी माह में स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग भी घोषित हो चुकी थी, लेकिन इस बार अभी तक सर्वेक्षण ही नहीं हो पाया है। देश के दूसरे शहरों में आनलाइन फीडबैक शुरू हो चुका है, लेकिन टीम किसी भी शहर में अब तक नहीं जा पाई है।
पहले 15 मार्च तक सर्वेक्षण टीम आने के संकेत मिले थे, लेकिन अब मार्च के अंतिम सप्ताह तक इंदौर में सर्वेक्षण हो सकता है। वैसे भी इस बार इंदौर को प्रीमियर लीग में रखा गया है। यहां इंदौर का मुकाबला सूरत और नवी मुबंई से है। पिछले तीन वर्षों से कम से कम दो वर्षों में टाॅप थ्री में आने वाले शहरों को इसमे जगह मिली है। इंदौर सात बार से पहले स्थान पर है, इसलिए इंदौर को सबसे पहले शामिल किया गया। इंदौर के अलावा 11 अन्य शहर भी स्वच्छता सुपर लीग में स्थान पा चुके है।
मेयर पुष्य मित्र भार्गव को इस बार भी स्वच्छता रैंकिंग में पहले स्थान पर रहने का पूरा भरोसा है। उनका कहना है कि स्वच्छता का जनभागीदारी माॅडल इंदौर में सबसे मजबूत है। हमारी ताकत लोगों की जनभागीदारी है। लोग कचरा घरों और संस्थानों में संभालकर रखते है। उन्हें खुले में नहीं फेंकते।
सुबह आने वाले कचरा वाहनों में ही उसे डाला जाता है। इस कारण सड़कें व परिसर लंबे समय तक साफ रहते है। शहर जीरो डस्टबीन सिटी है। इस कारण कचरा खुले में नजर नहीं आता। देश के दूसरे शहरों में कचरे के ढेर कई जगह नजर आते है। इस बार शहर को सुंदर बनाने पर भी जोर दिया है। वाॅल पेटिंगों के अलावा शहर के उद्यानों में कचरे से सुंदर कलाकृतियां बनाई गई है।
