Indore: जिला कोर्ट की 25 साल पुरानी पार्किंग की समस्या का हल, होप मिल की जमीन पर अस्थाई पार्किंग
कोर्ट परिसर में पार्किंग की जगह कम होने के कारण कई लोगों को परिसर के बाहर या मोती बंगला परिसर में वाहन पार्क करना पड़ते थे, लेकिन अब कोर्ट परिसर के पिछले हिस्से में वाहन खड़े करने की व्यवस्था हो जाएगी।
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इंदौर के जिला कोर्ट में अब वकीलों और पक्षकारों को पार्किंग की समस्या से जुझना नहीं पड़ेगा। हाईकोर्ट ने होप मिल की जमीन पर अस्थाई पार्किंग बनाने के निर्देश दिए है। इसके लिए दीवार तोड़ने का काम भी शुरू हो रहा है। अगले दो-तीन वर्षों में जिला कोर्ट स्कीम-140 में शिफ्ट हो जाएगा। इसके बाद मिल की जमीन से पार्किंग भी हट जाएगी।
कोर्ट परिसर में पार्किंग की जगह कम होने के कारण कई लोगों को परिसर के बाहर या मोती बंगला परिसर में वाहन पार्क करना पड़ते थे। सड़क किनारे वाहन पार्क करने पर कई बार यातायात विभाग की क्रेन वाहनों को ले जाती थी, लेकिन अब कोर्ट परिसर के पिछले हिस्से में वाहन खड़े करने की व्यवस्था हो जाएगी। दरअसल होप मिल और सरकार के बीच वर्ष 2012 से जमीन के स्वामित्व को लेकर विवाद चल रहा है। इस कारण जिला कोर्ट को भी पार्किंंग की अतिरिक्त जमीन नहीं मिल पा रही है।
इसके बाद जिला कोर्ट अभिभाषक संघ के अध्यक्ष गोपाल कचोलिया ने हाईकोर्ट में अर्जी लगाई थी कि होप मिल की जमीन के केस का निर्णय होने तक मिल की जमीन पर पार्किंग की व्यवस्था की जाए। हाईकोर्ट ने मांग को स्वीकारते हुए जमीन पर अस्थाई पार्किंग की व्यवस्था के निर्देश दिए।
इसके लिए एक कमेटी भी बनाई गई। जिस प्रधान जिला सत्र न्यायाधीश के अलावा जिला बार एसोसिएशन अध्यक्ष और प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल रहेंगे। शुक्रवार को मिल और कोर्ट परिसर के बीच की दीवार हटाने का काम शुरू हो गय। सप्ताहभर में अस्थाई पार्किंग की व्यवस्था मिल की जमीन पर हो जाएगी और दोपहिया व चार पहिया वाहन वहां रखे जा सकेंगे।
