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Indore: अब देशभर में होगी पशु गणना, तैयारियों को लेकर इंदौर में हुए राष्ट्रीय स्तर की कॉन्फ्रेंस
Thu, 07 Mar 2024 07:42 PM IST
अभिषेक चेंडके
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अभिषेक चेंडके
Updated Thu, 07 Mar 2024 07:42 PM IST
सार
कॉन्फ्रेंस में घुमक्कड़ व अर्द्ध घुमक्कड़ समुदायों को लेकर भी चर्चा हुई। अफसरों ने बताया कि वे समुदाय घुमंतू पशु भी साथ लेकर चलते है और अलग-अलग शहरो में डेरा डालते है।
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पशु गणना को लेकर इंदौर में कांफ्रेंस हुई।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
लोकसभा चुनाव के बाद देशभर में पालतु व घुमंतु पशुओं की गणना का काम शुरू होगा। इसकी तैयारियों को लेकर गुरुवार इंदौर में राष्ट्रीय स्तर की कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इसमें पशु गणना की रूपरेखा और उसे करने की प्रक्रिया पर चर्चा हुई।
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कॉन्फ्रेंस में देश के अलग-अलग राज्यों के प्रतिनिधि, मत्स्यपालन, पशुपालन के अफसर मौजूद थे। पशु पालन मंत्रालय की सचिव अलका उपाध्याय, पशुपालन सांख्यिकी विभाग के निदेशक वी पी. सिंह निदेशक भी मौजूद थे। उन्होंने बताया कि छह माह बाद देशभर में एक साथ पशु गणना होगी। यह गणना हर पांच साल में होती है।
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इंदौर के एक होटल में आयोजित कॉन्फ्रेंस में घुमक्कड़ व अर्द्ध घुमक्कड़ समुदायों को लेकर भी चर्चा हुई। अफसरों ने बताया कि वे समुदाय घुमंतू पशु भी साथ लेकर चलते हैं और अलग-अलग शहरों में डेरा डालते हैं।
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दिल्ली से आए अफसरों ने बताया कि पशु गणना से सरकार को पशु व उनसे जुड़े व्यवसाय को लेकर जानकारी मिलती है, ताकि उनके लिए योजनाएं बनाई जा सकें। पशु गणना में घरों में पाले जाने वाली गायें, भैंसें, भेड, बकरी, श्वान, बिल्ली सहित अन्य पशु शामिल रहेंगे।
कांफ्रेंस में मध्यप्रदेश में ब्रीड पशुधन और प्रदेश के घुमंतू समुदायों की वर्तमान स्थिति और पशुओं से जुड़ी समस्या पर भी चर्चा हुई। पहले सत्र में अलग-अलग प्रदेशों से आए विशेषज्ञों को पशु गणना की रूपरेखा से अवगत कराया।
